पौधों की सेहत का सबसे बड़ा राज उनकी मिट्टी में छिपा होता है. अक्सर लोगों को समझ नहीं आता कि गमलों में पौधा लगाने के लिए किस तरह मिट्टी को तैयार करें. दरअसल, बहुत से लोग सीधा मिट्टी और खाद में पौधा लगा देते हैं, जिससे गमले भारी हो जाते हैं और पानी रुकने से जड़ें सड़ जाती हैं. ऐसे में आइए जानते हैं गमलों में पौधे लगाने से पहले मिट्टी को कैसे तैयार करें?
किसी भी सॉइल मिक्स का मुख्य आधार साधारण मिट्टी होती है. वहीं, गमलों का मिश्रण तैयार करने के लिए सबसे पहले बगीचे की मिट्टी लें. अगर मिट्टी बहुत ज्यादा सख्त या चिकनी है, तो उसे धूप में फैलाकर थोड़ा सुखा लें और उसकी गुठलियों को तोड़कर बारीक कर लें. यह मिट्टी पौधों की जड़ों को मजबूती से पकड़ने में मदद करती है.
पौधों को फलने-फूलने के लिए नाइट्रोजन और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत होती है. इसके लिए मिश्रण में 3 गमले वर्मीकंपोस्ट या अच्छी तरह सड़ी हुई गोबर की खाद मिलाएं. खाद मिट्टी की उर्वरता को बढ़ाती है. ध्यान रहे कि गोबर की खाद कम से कम एक साल पुरानी होनी चाहिए, नहीं तो जड़ों को जला सकती है. वर्मीकंपोस्ट एक ठंडी खाद मानी जाती है जो पौधों के लिए बेहद सुरक्षित है.
अक्सर गमलों की मिट्टी जल्दी सूख जाती है, जिससे पौधा मुरझा जाता है. इस समस्या के समाधान के लिए मिश्रण में 2 गमले कोकोपीट मिलाएं. कोकोपीट नारियल के छिलकों से बना बुरादा होता है, जो अपने वजन से कई गुना ज्यादा पानी सोख सकता है. यह मिट्टी को हल्का रखता है और जड़ों के आसपास नमी बनाए रखता है, जिससे आपको बार-बार पानी देने की जरूरत नहीं पड़ती.
गमलों में पानी रुकना पौधों के बर्बाद होने का सबसे बड़ा कारण होता है. मिट्टी में हवा का संचार बना रहे और अतिरिक्त पानी आसानी से बाहर निकल जाए, इसके लिए 1 गमला रेत जरूर मिलाएं. रेत मिट्टी को भुरभुरी बनाती है, जिससे जड़ें मिट्टी के अंदर आसानी से फैल पाती हैं और उन्हें पर्याप्त ऑक्सीजन मिलती है.
मिट्टी में अक्सर फंगस या हानिकारक कीड़े लग जाते हैं, जो धीरे-धीरे जड़ों को खा जाते हैं. इस मिश्रण में थोड़ी सी नीम खली और फंगीसाइड पाउडर मिलाने की सलाह देती हैं. नीम खली न केवल खाद का काम करती है बल्कि मिट्टी के हानिकारक बैक्टीरिया को भी खत्म करती है. वहीं, फंगीसाइड पाउडर पौधों को बरसात या ज्यादा पानी से होने वाली फफूंद से बचाता है.
जब आप ऊपर बताए गए सभी एलिमेंट जैसे कि 4 हिस्सा मिट्टी, 3 हिस्सा खाद, 2 हिस्सा कोकोपीट, और 1 हिस्सा रेत को इकट्ठा कर लें, तो इन्हें जमीन पर फैलाकर फावड़े या खुरपी की मदद से अच्छी तरह मिक्स करें. मिश्रण इतना एक समान होना चाहिए कि खाद और कोकोपीट पूरी मिट्टी में बराबर फैल जाएं. फिर गमलों में भरने से पहले इस मिट्टी को एक दिन की धूप दिखा देना और भी बेहतर परिणाम देता है.