PHOTOS: सहारनपुर में किसान कारवां में जुटी किसानों की भीड़, कृषि-पशुपालन एक्सपर्ट्स ने बताए खास टिप्‍स

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PHOTOS: सहारनपुर में किसान कारवां में जुटी किसानों की भीड़, कृषि-पशुपालन एक्सपर्ट्स ने बताए खास टिप्‍स

सहारनपुर में किसान कारवां
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किसानों को जागरूक और आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा किसान तक का 'किसान कारवां' अब खेती और बागवानी के क्षेत्र में पहचान बना चुके सहारनपुर जिले में पहुंच गया है. जिले के रामपुर मनिहारान ब्लॉक में आयोजित इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में किसानों ने उत्साह के साथ भाग लिया. उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में चल रही इस विशेष कवरेज में सहारनपुर 68वां जिला रहा.

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पहले चरण में किसान विजेंद्र सिंह ने बताया कि वे पूरी तरह जैविक खेती करते हैं और रासायनिक उर्वरक और कीटनाशकों का प्रयोग नहीं करते. उनका कहना है कि खेती को बचाने के लिए प्राकृतिक विधियों को अपनाना जरूरी है. गोबर खाद और हरी खाद के उपयोग से मिट्टी की सेहत बेहतर हो रही है और अनाज की गुणवत्ता भी बढ़ रही है.

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दूसरे चरण में गन्ना विभाग के अधिकारी प्रेमचंद चौरसिया ने बताया कि सरकार गन्ना किसानों के लिए कई लाभकारी योजनाएं चला रही है. समूह की महिलाओं को बीज उत्पादन और पर्ची बनाने पर सब्सिडी दिया जा रहा है. साथ ही दवाओं और उर्वरकों पर भी सब्सिडी मिल रही है, जिससे किसानों को लाभ हो रहा है.

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तीसरे चरण में इफको के प्रतिनिधि गुंजन विश्वकर्मा ने बताया कि किसान नैनो यूरिया और लिक्विड डीएपी का तेजी से उपयोग कर रहे हैं. जिले के चयनित गांवों में इनके उपयोग पर 25 फीसदी तक सब्सिडी दी जा रही है, जिससे लागत कम और उत्पादन बेहतर हो रहा है.

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चौथे चरण में चरण में उप मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुबोध गोयल ने बताया कि पशुपालकों के लिए सरकार कई योजनाएं चला रही है. नंदिनी और मिनी नंदिनी योजना से किसानों को लाभ मिल रहा है. वहीं, सहारनपुर अंडा उत्पादन में प्रदेश में पहले स्थान पर पहुंच चुका है.

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किसान कारवां के पांचवें चरण में JK Tyre के प्रतिनिधि अतुल गुप्ता और मनजीत सिंह ने किसानों को ट्रैक्टर टायर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी दी. उन्होंने जेके के ‘श्रेष्ठ’ और ‘श्रेष्ठ प्लस’ टायर के फायदे विस्तार से समझाए. साथ ही बताया कि कंपनी टायर पर 3 साल तक घिसने की स्थिति में गारंटी भी देती है, जिससे किसानों को भरोसेमंद और टिकाऊ विकल्प मिल रहा है.

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किसान कारवां के छठे चरण में IFFCO MC के प्रतिनिधि विनोद कुमार ने बताया कि कंपनी ने वर्ष 2015 से कीटनाशक क्षेत्र में अपने उत्पाद लॉन्च किए हैं. उन्होंने कहा कि इफको एमसी के सभी प्रोडक्ट तय MRP पर उपलब्ध होते हैं और उनकी गुणवत्ता मानकों के अनुरूप होती है. ये उत्पाद खेत और सेहत दोनों के लिए सुरक्षित माने जाते हैं.

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सातवें चरण में कृषि वैज्ञानिक डॉ. वीरेंद्र कुमार ने बताया कि मधुमक्खी पालन, केंचुआ पालन और मुर्गी पालन से किसानों की आय में बढ़ोतरी हो रही है. उन्होंने मिट्टी परीक्षण को जरूरी बताते हुए संतुलित उर्वरक उपयोग की सलाह दी.

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आठवें चरण में प्रगतिशील महिला किसान सभावरी चौहान ने बताया कि उन्होंने 9 साल की उम्र में ही जैविक खेती शुरू की. शुरुआती नुकसान के बाद अब उन्हें अच्छा लाभ मिल रहा है और अन्य किसानों के लिए प्रेरणा बनी हैं.

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नवें चरण में पशु वैज्ञानिक डॉ. मनोज कुमार ने कहा कि पशुपालन से न केवल दूध मिलता है, बल्कि गोबर और गोमूत्र से खेती को भी फायदा होता है. उन्होंने किसानों से खेती के साथ पशुपालन अपनाने की अपील की.

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दसवें चरण में कृषि विभाग के अधिकारी हरेंद्र कुमार ने बताया कि किसान सम्मान निधि सहित सभी योजनाओं का लाभ लेने के लिए फार्मर रजिस्ट्री अनिवार्य है. उन्होंने बताया की आने वाले समय में जिन किसानों के पास फॉर्मल रजिस्ट्री नहीं होगी उन्हें किसी भी सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल सकेगा.

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ग्यारहवें चरण में जादूगर सलमान ने बताया कि पहले खेती के लिए पशुपालन जरूरी होता था. लेकिन आज किसान खेती के लिए पशुपालक को जरूरी नहीं समझता है, इसलिए आज खेती घाटे का सौदा हो रही है. वहीं उन्होंने किसानों को सरकार से जुड़े रहने का मंत्र दिया.

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कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें किसानों को नगद पुरस्कार दिए गए. 3000 का पहला पुरस्कार अनिल कुमार और 2000 रुपये का पुरस्कार सविता को मिला, जबकि अन्य किसानों को भी सम्मानित किया गया.

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