Photos: सोनभद्र में ‘किसान कारवां’ में लगा किसानों का जमघट, इन चीजों की मिली जानकारी

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Photos: सोनभद्र में ‘किसान कारवां’ में लगा किसानों का जमघट, इन चीजों की मिली जानकारी

सोनभद्र पहुंचा किसान कारवां
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उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में से 57 जिलों की सफल यात्रा पूर्ण करने के बाद किसानों के हित में आयोजित किसान कारवां कार्यक्रम 58वें जिले के रूप में प्राकृतिक गोद में बसे जनपद सोनभद्र पहुंचा. यह कार्यक्रम जिला मुख्यालय से करीब 63 किलोमीटर दूर घोरावल ब्लॉक के परसौना गांव में आयोजित किया गया, जहां ग्रामीणों की भारी संख्या देखने को मिली.

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कार्यक्रम के पहले चरण में कृषि विज्ञान केंद्र, सोनभद्र के पशुपालन विषय के एसएमएस डॉ. ए.के. यादव ने पशुओं के टीकाकरण के महत्व पर विस्तृत जानकारी दी. उन्होंने मुंहपका-खुरपका (FMD) और थनैला जैसी प्रमुख बीमारियों के लक्षण, बचाव और उपचार के बारे में किसानों को जागरूक किया. आगे उन्होंने पशुओं को कीड़े (परजीवी) की दवा देने के सही समय, मात्रा और विधि के बारे में विस्तार से बताया, ताकि पशुओं का स्वास्थ्य बेहतर बना रहे.

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दूसरे चरण में कृषि विज्ञान केंद्र, सोनभद्र की एसएमएस डॉ. रश्मि सिंह ने सही पोषण को लेकर जानकारी दी. महिला और पुरुष किसानों को संबोधित करते हुए उन्होंने पेट से जुड़ी समस्याओं के बढ़ने को लेकर कहा कि खाना बनाने के दौरान सबसे पहले महिलाओं को दाल भिगो देनी चाहिए. उसके बाद जब वह फूल जाए, कुछ देर बाद उसे पकाने के लिए आग पर रख दें. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि अभी के जो गेहूं हैं.

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तीसरे चरण में इफको, सोनभद्र के क्षेत्रीय अधिकारी अभिजीत मौर्य ने किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी के सही उपयोग और तरीकों के बारे में बताया. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि नैनो यूरिया का उपयोग फसल के किस चरण में करना है, इसके बारे में जानकारी दी.

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चौथे चरण में कृषि विभाग के एडीओ तेजराम गंगवार ने कृषि विभाग के माध्यम से किसानों को फार्मर रजिस्ट्री से मिलने वाले फायदे के बारे में बताया और उन्होंने बताया कि अब विभाग से मिलने वाली तमाम तरह की योजनाएं, साथ ही साथ खाद भी अब उन्हीं किसानों को मिलेगा जिनकी फार्मर रजिस्ट्री रहेगी. 

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पांचवें चरण में जादूगर सलमान ने अपनी कला के माध्यम से खेती से जुड़ी जानकारी प्रस्तुत की. उन्होंने किसानों को गोबर खाद के उपयोग और पशुपालन को बढ़ावा देने का सुझाव दिया. इसके साथ ही उन्होंने किसानों से हर शुभ अवसर पर वृक्ष लगाने की अपील की. इसके अलावा उन्होंने किसानों को आय डबल करने को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी दी.

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छठवें चरण में इफको एमसी के क्षेत्रीय अधिकारी धर्मेंद्र कुमार ने इफको एमसी के शुरू होने के मकसद और उद्देश्यों के बारे में किसानों को बताया. साथ ही उन्होंने फसल सुरक्षा इफको एमसी के उत्पादों से कैसे की जा सकती है, इसके विभिन्न उत्पादों के बारे में भी किसानों को जानकारी दी. आगे उन्होंने किसानों को बताया कि माइकोजिन का प्रयोग कैसे करना है और इसके प्रयोग से फसल को कितना फायदा मिलेगा, इसके बारे में भी जानकारी दी.

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सातवें चरण में प्रगतिशील युवती किसान नेहा सिंह ने बताया कि आज वह समूह से जुड़कर केवल अब खुद आत्मनिर्भर नहीं बन रही हैं, बल्कि अन्य महिलाओं और लड़कियों को भी आत्मनिर्भर होने का गुण सिखा रही हैं. वह बताती हैं कि आज वह मशरूम उत्पादन से अच्छी कमाई कर रही हैं.

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अंतिम, आठवें चरण में लकी ड्रॉ का आयोजन किया गया, जिसमें 10 विजेताओं को 500 रुपये और दूसरे विजेता सोनी को 2000 रुपये दिया गया . इसके साथ ही प्रथम विजेता के तौरपर पनवसिया को 3000 रुपये की राशि दिया गया. किसान तक’ का यह कारवां किसानों को आधुनिक तकनीक, बाजार से जुड़ाव और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ने का एक प्रभावी मंच प्रदान कर रहा है.

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