SKM का बड़ा ऐलान, 8 दिसंबर को पंजाब में इन कानूनों के खिलाफ करेगी हल्‍लाबोल

SKM का बड़ा ऐलान, 8 दिसंबर को पंजाब में इन कानूनों के खिलाफ करेगी हल्‍लाबोल

पंजाब में 8 दिसंबर को संयुक्त किसान मोर्चा इन दो कानूनों को लेकर प्रदर्शन करने वाली है. यह निर्णय लुधियाना के शहीद करनैल सिंह ईसरू भवन में दर्शन पाल, निरभय सिंह धुडिके और मनजीत सिंह धनीर के नेतृत्व में आयोजित एसकेएम की एक विशेष बैठक में लिया गया.

SKM Support 9 July Strike laborers and farmers protestSKM Support 9 July Strike laborers and farmers protest
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Nov 29, 2025,
  • Updated Nov 29, 2025, 3:46 PM IST

संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) ने बिजली संशोधन विधेयक-2025 और बीज विधेयक-2025 के खिलाफ 8 दिसंबर को राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन की घोषणा की है. उनका आरोप है कि ये कानून किसान विरोधी और कॉर्पोरेट समर्थक हैं. किसान दोपहर 12 बजे से 3 बजे के बीच पंजाब राज्य विद्युत निगम लिमिटेड (पीएसपीसीएल) के सभी उप-विभागों पर प्रदर्शन करेंगे और प्रतिरोध स्वरूप दोनों विधेयकों की प्रतियां जलाएंगे.  दरअसल, किसानों का मानना है कि बिजली संशोधन विधेयक से बिजली क्षेत्र का निजीकरण होगा, जबकि बीज विधेयक से किसानों को नुकसान होगा. वहीं, दूसरी ओर सरकार का कहना है कि बिजली विधेयक बिजली क्षेत्र में सुधार और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देगा, और बीज विधेयक से नकली बीज की बिक्री रुकेगी.

किसानों की पंजाब सरकार से ये है मांग

'द ट्रिब्यून' के मुताबिक, यह निर्णय लुधियाना के शहीद करनैल सिंह ईसरू भवन में दर्शन पाल, निरभय सिंह धुडिके और मनजीत सिंह धनीर के नेतृत्व में आयोजित एसकेएम की एक विशेष बैठक में लिया गया. नेताओं ने मांग की है कि पंजाब सरकार एक निश्चित समय सीमा के भीतर केंद्र को पत्र लिखकर दोनों कानूनों का स्पष्ट विरोध करे और उन्हें वापस लेने की मांग करे.

किसान नेताओं ने सरकार पर लगाया आरोप

किसान नेताओं का मानना है कि केंद्र सरकार का खेती में हस्तक्षेप लगातार बढ़ता जा रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि बिजली संशोधन और बीज बिल की सीधी मार किसानों पर पड़ेगी. इन विधेयकों के जरिये सरकार कृषि से जुड़े प्रमुख क्षेत्रों को कॉरपोरेट घरानों को सौंपने की तैयारी कर रही है. इसके अलावा, किसानों ने पंजाब सरकार से बाढ़ के कारण हुए नुकसान का पूरा मुआवजा देने और पराली जलाने पर किसानों पर दर्ज सभी केसों को रद्द करने की मांग की.

बिजली संशोधन विधेयक-2025

राष्ट्रीय स्तर पर: यह विधेयक बिजली नियामक निरीक्षण और निष्पक्ष मूल्य निर्धारण को मजबूत करने के लिए है. इसका उद्देश्य बिजली क्षेत्र को आधुनिक बनाना, वित्तीय घाटा कम करना और थोड़े गरीब उपभोक्ताओं के लिए सब्सिडी की सुरक्षा करना है.

पंजाब में विरोध: किसानों और किसान संगठनों का तर्क है कि इससे बिजली क्षेत्र का निजीकरण होगा, जिसकी वजह से इसका विरोध किया जा रहा है.

बीज विधेयक-2025

राष्ट्रीय स्तर पर: केंद्रीय बीज विधेयक-2025 का उद्देश्य नकली बीजों को रोकना है, जिसके तहत सभी बीज पैकेटों पर एक QR कोड अनिवार्य होगा, जिसे स्कैन करके किसान बीज की प्रमाणिकता की जांच कर सकेंगे.

पंजाब में विरोध: कई किसान समूहों का मानना है कि यह विधेयक बड़े कॉर्पोरेट घरानों को फायदा पहुंचाएगा और किसानों, विशेषकर छोटे किसानों और पारंपरिक बीज बेचने वालों के लिए मुश्किलें खड़ी करेगा. उन्हें मुआवजे की प्रक्रिया जटिल लग रही है, और पारंपरिक बीजों के लिए QR कोड और ऑनलाइन पंजीकरण जैसी व्यवस्थाओं को मुश्किल मानते हैं.

MORE NEWS

Read more!