बेतिया राज जमीन मुद्दा गरमाया, सरकार के फैसले के विरोध में सड़क पर उतरे किसान

बेतिया राज जमीन मुद्दा गरमाया, सरकार के फैसले के विरोध में सड़क पर उतरे किसान

पूर्वी चम्पारण की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर किसान आंदोलन की साक्षी बनी, जहां चम्पारण किसान मजदूर संघर्ष समिति के आह्वान पर बेतिया राज की जमीन से जुड़े कानून के विरोध में बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों ने ‘किसान अधिकार मार्च’ निकालकर बिहार सरकार की कथित नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. 

विरोध में सड़क पर उतरे किसानविरोध में सड़क पर उतरे किसान
क‍िसान तक
  • East Champaran,
  • Mar 01, 2026,
  • Updated Mar 01, 2026, 11:34 AM IST

बिहार सरकार द्वारा बेतिया राज की संपत्तियों को सरकारी घोषित करने के बाद पूर्वी चम्पारण के किसानों ने अब इस मुद्दे को लेकर एक बड़ा आंदोलन शुरू कर दिया है. यहां के किसानों और किसान संगठनों ने  बिहार सरकार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए जमकर हल्ला बोला है. जी हां, चम्पारण की ऐतहासिक धरती से एक नए और बड़े आंदोलन का शंखनाद हुआ है और आज यहां के हज़ारों किसान, मजदूर और रैयत अपनी मांगों के समर्थन और बिहार सरकार के निर्णय के खिलाफ सड़क पर उतरकर जमकर हंगामा किया है.

किसानों ने सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन

दरअसल, पूर्वी चम्पारण की ऐतिहासिक धरती एक बार फिर किसान आंदोलन की साक्षी बनी, जहां चम्पारण किसान मजदूर संघर्ष समिति के आह्वान पर बेतिया राज की जमीन से जुड़े कानून के विरोध में बड़ी संख्या में किसानों और मजदूरों ने ‘किसान अधिकार मार्च’ निकालकर बिहार सरकार की कथित नीतियों के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया.

भूमिहीन किसानों को बेदखल करने की साजिश

प्रदर्शनकारियों का कहना है कि कोठियों से संबंधित वह जमीन, जिसे वर्ष 1860 में बेतिया राज से लगभग 84 लाख रुपये में इंडिगो कंपनी ने खरीदा था, आज भी विवादों में घिरी हुई है. किसानों का आरोप है कि राज्य सरकार की वर्तमान नीतियां स्थानीय किसानों के हितों के विरुद्ध हैं और वर्षों से खेती कर रहे गरीब और भूमिहीन किसानों को बेदखल करने की साजिश की जा रही है.

जिला प्रशासन को किसानों ने सौंपा ज्ञापन

सैकड़ों किसानों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर मोतिहारी के नरसिंह बाबा मंदिर प्रांगण से कचहरी चौक तक शांतिपूर्ण मार्च निकाला. बाद में यह मार्च कचहरी चौक पर धरना-प्रदर्शन में तब्दील हो गया. धरना दे रहे किसान मजदूर संघ के प्रतिनिधिमंडल ने जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मांगों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की. 

किसानों ने कहा राज्य स्तर तक होगा आंदोलन

संघर्ष समिति से जुड़े किसान नेता सुभाष सिंह कुशवाहा ने आरोप लगाया कि सरकार के गलत कानूनों के कारण भूमिहीन मजदूरों का आर्थिक और सामाजिक शोषण हो रहा है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही सकारात्मक पहल नहीं की गई तो आंदोलन को जिला स्तर से राज्य स्तर तक विस्तारित किया जाएगा. वहीं, इस मुद्दे को लेकर किसानों ने कहा कि चम्पारण की धरती पहले भी नील की खेती और जमींदारी शोषण के खिलाफ आंदोलनों की गवाह रही है, और आज नई नीतियों के रूप में वही संघर्ष फिर सामने आ रहा है. (सचिन पांडे की रिपोर्ट)

MORE NEWS

Read more!