पंजाब में बिजली संकट पर उबाल: KMM का पावरकॉम दफ्तरों के घेराव का ऐलान, इन जिलों में विरोध प्रदर्शन

पंजाब में बिजली संकट पर उबाल: KMM का पावरकॉम दफ्तरों के घेराव का ऐलान, इन जिलों में विरोध प्रदर्शन

पंजाब में धान सीजन के बीच बिजली संकट गहराने पर किसान मजदूर मोर्चा ने राज्यभर में पावरकॉम दफ्तरों के घेराव का ऐलान किया है. किसानों का आरोप है कि खेती के लिए दिन में केवल 2.5 से 4 घंटे बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई प्रभावित हो रही है. संगठन ने ट्यूबवेल के लिए कम से कम 16 घंटे निर्बाध बिजली और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए 24 घंटे सप्लाई की मांग की है. इसके अलावा स्मार्ट मीटर लगाने पर रोक, ट्रांसफॉर्मर की 24 घंटे में मरम्मत और बिजली के निजीकरण को खत्म करने जैसी मांगें भी उठाई गई हैं. आंदोलन के तहत कई जिलों में विरोध प्रदर्शन और अधिकारियों के दफ्तरों का घेराव किया जाएगा.

Punjab farmers protest electricityPunjab farmers protest electricity
अमन भारद्वाज
  • Chandigarh,
  • Jun 30, 2026,
  • Updated Jun 30, 2026, 12:09 PM IST

किसान मजदूर मोर्चा ने मंगलवार को पूरे पंजाब में पावरकॉम के बड़े दफ्तरों के बाहर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया है. वे किसानों और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए बिना रुकावट बिजली सप्लाई की मांग कर रहे हैं. किसान संगठन का कहना है कि धान की रोपाई का मौसम होने के बावजूद, पूरे राज्य में खेती के लिए बिजली सप्लाई बुरी तरह प्रभावित हुई है.

मीडिया रिपोर्टों और जमीनी स्तर से मिली जानकारी का हवाला देते हुए, मोर्चे ने आरोप लगाया कि कई इलाकों में खेती के लिए इस्तेमाल होने वाली मोटरों को दिन में सिर्फ 2.5 से 4 घंटे ही बिजली मिल रही है, जिससे सिंचाई में भारी दिक्कतें आ रही हैं.

संगठन ने खेती के ट्यूबवेल के लिए कम से कम 16 घंटे बिना रुकावट बिजली सप्लाई और घरेलू उपभोक्ताओं के लिए चौबीसों घंटे बिजली की मांग की है. उन्होंने यह भी मांग की कि खराब ट्रांसफॉर्मर 24 घंटे के भीतर बदले जाएं और उन्हें लाने-ले जाने की जिम्मेदारी पावरकॉम विभाग की हो.

स्मार्ट मीटर रोकने की मांग

मोर्चे ने उपभोक्ताओं की मंजूरी के बिना स्मार्ट मीटर लगाने का काम तुरंत रोकने की भी मांग की. उन्होंने उन उपभोक्ताओं पर लगाए गए 10 प्रतिशत जुर्माने को वापस लेने की भी मांग की जिनके स्मार्ट मीटर विरोध प्रदर्शनों के दौरान हटा दिए गए थे, और विभाग से पुराने बिजली मीटर फिर से लगाने का आग्रह किया.

अपनी अन्य मांगों में, किसान मजदूर मोर्चा ने बिजली सेक्टर के निजीकरण और कॉर्पोरेटाइजेशन को वापस लेने, बिजली विभाग में खाली पदों पर तुरंत भर्ती करने और निजी कंपनियों के साथ बिजली खरीद समझौतों को रद्द करने की मांग की.

संगठन ने यह भी आरोप लगाया कि पावरकॉम में निजी ठेकेदारों के जरिए घटिया काम किया जा रहा है, जिससे लोगों की जान-माल को खतरा है. उन्होंने मांग की कि सभी काम विभागीय नियमों के अनुसार किए जाएं और लापरवाही के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए. मोर्चे ने किसानों, मजदूरों और आम जनता से अपील की है कि वे अपनी मांगों के लिए आंदोलन को मजबूत करने के लिए बड़ी संख्या में विरोध प्रदर्शनों में शामिल हों.

मंगलवार को किसान संगठन XEN, SE और अन्य वरिष्ठ बिजली अधिकारियों के दफ्तरों का घेराव करेंगे और मांग पत्र सौंपेंगे. किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने किसानों से बड़ी संख्या में प्रदर्शन में शामिल होने की अपील की है.

ये हैं किसानों की मुख्य मांगें

धान सीजन के दौरान 8 घंटे निर्बाध बिजली सप्लाई सुनिश्चित की जाए.
बार-बार होने वाली बिजली कटौती तुरंत बंद की जाए.
ट्रांसफॉर्मर और फॉल्ट की शिकायतों का तुरंत समाधान किया जाए.
किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराई जाए ताकि फसल प्रभावित ना हो.+

इन जिलों और स्थानों पर होगा विरोध प्रदर्शन

  • अमृतसर: 1 जगह (पावर कॉम)
  • बठिंडा: 2 जगहें (एक्सईएन)
  • फरीदकोट: 1 जगह (एक्सईएन)
  • फिरोजपुर: SE और एक्सईएन (2 जगहें)
  • फाजिल्का: 2 जगहें (एक्सईएन)
  • होशियारपुर: 1 जगह (SC)
  • जालंधर: 2 जगहें (SC और एक्सईएन)
  • कपूरथला: 1 जगह (SC)
  • लुधियाना: 4 जगहें (SC, एक्सईएन और SDO)
  • मानसा: 1 जगह (एक्सईएन)
  • मोगा: 2 जगहें (एक्सईएन)
  • श्री मुक्तसर साहिब: 3 जगहें (एक्सईएन)
  • पटियाला: 1 जगह (पावर कॉम का मुख्य हेड ऑफिस)
  • SAS नगर (मोहाली): 1 जगह (एक्सईएन)
  • संगरूर: 1 जगह (SC)
  • मलेरकोटला: 1 जगह (एक्सईएन)
  • गुरदासपुर: 2 जगहें (SDO)

MORE NEWS

Read more!