
नेपाल के उत्तरी क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है. तिब्बत की दिशा से आए सैलाब ने नेपाल के रसुवा जिले में जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. शुरुआती रिपोर्टों के मुताबिक इस आपदा में अब तक 22 लोगों की मौत की खबर है, जबकि बड़ी संख्या में लोग लापता हैं. बाढ़ के तेज बहाव में टिमुरे बाजार, सैकड़ों वाहन, तीन पुलिस चौकियां और कई जलविद्युत परियोजनाएं क्षतिग्रस्त हो गई हैं.
नेपाल के रसुवा जिले की भोटेकोशी नदी में बुधवार सुबह अचानक आई बाढ़ के बाद हालात बेहद गंभीर बने हुए हैं. नेपाल पर्यटन बोर्ड की ओर से जारी दूसरी रिपोर्ट के अनुसार, अब तक 384 पर्यटकों और पदयात्रियों का कोई पता नहीं चल सका है. इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं. लापता विदेशी नागरिकों में भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन, नीदरलैंड्स, मलेशिया और दक्षिण अफ्रीका समेत कई देशों के पर्यटक शामिल बताए गए हैं.
पर्यटन बोर्ड, पर्यटक पुलिस और अन्य संबंधित एजेंसियां प्रभावित इलाकों में खोज एवं बचाव अभियान चला रही हैं. प्रारंभिक आंकड़ों के अनुसार ट्रेकर्स सोसाइटी के माध्यम से यात्रा पर गए 92 लोग, सम्राट टूर एंड ट्रैवल्स के 71 यात्री, लीफ होलिडे के 55 और हिमालयन ग्लेशियर के 52 पर्यटक लापता लोगों की सूची में शामिल हैं. प्रशासन लगातार आंकड़ों का वेरिफिकेशन कर रहा है और बचाव अभियान को तेज करने की कोशिशें जारी हैं.
नेपाल में आई इस आपदा के बाद बिहार सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है. विशेषज्ञों ने गंडक नदी में अचानक जलस्तर बढ़ने और करीब 3 मीटर तक ऊंची फ्लैश फ्लड की आशंका जताई है. इसे देखते हुए बिहार के पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सारण, मुजफ्फरपुर और वैशाली जिलों में विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं.
मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में हुई उच्चस्तरीय बैठक में संभावित बाढ़ की स्थिति से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की गई. बैठक में सीतामढ़ी और शिवहर जैसे अन्य संवेदनशील जिलों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं. प्रशासन को गंडक नदी के जलस्तर, तटबंधों और निचले इलाकों की लगातार निगरानी करने को कहा गया है.
संभावित फ्लैश फ्लड को देखते हुए गोपालगंज में NDRF की टीम भेजने का निर्देश दिया गया है. वहीं मुजफ्फरपुर में एक टीम स्टैंडबाय पर रखी जाएगी और बेतिया में भी NDRF की तैनाती की तैयारी की जा रही है.
राज्य सरकार ने संबंधित जिलों के प्रशासन को नाव, राहत शिविर, सामुदायिक रसोई, मेडिकल सहायता और जरूरत पड़ने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की पूरी तैयारी रखने के निर्देश दिए हैं.
जलशक्ति मंत्रालय ने भारत-नेपाल सीमा के पास गंडक नदी के किनारे स्थित बिहार और उत्तर प्रदेश के प्रशासनिक अधिकारियों को सतर्क रहने की सलाह दी है. मंत्रालय ने कहा है कि नेपाल में आई बाढ़ का असर अगले कुछ समय में निचले क्षेत्रों में दिखाई दे सकता है, इसलिए हालात पर लगातार नजर रखने की जरूरत है.
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा कि नेपाल संकट को लेकर सरकार लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है. मुख्य सचिव और डीजीपी हालात की समीक्षा कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं वाल्मीकिनगर का दौरा भी करेंगे.
सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे घबराएं नहीं, लेकिन पूरी तरह सतर्क रहें. प्रशासन ने अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल सरकारी और आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करने की सलाह दी है. संभावित बाढ़ को देखते हुए सभी संबंधित विभागों को अलर्ट मोड में रखा गया है.
नेपाल में आई यह आपदा केवल वहां तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर अब बिहार के कई जिलों पर भी पड़ सकता है. ऐसे में प्रशासन और राहत एजेंसियां लगातार हालात पर नजर बनाए हुए हैं.(पंकज दास, रोहित कुमार सिंह और शशिभूषण का इनपुट)