महाराष्ट्र में सूखे से परेशान किसान ने दी जान, कुछ दिन पहले ही मंत्री को बताई थी अपनी परेशानी

महाराष्ट्र में सूखे से परेशान किसान ने दी जान, कुछ दिन पहले ही मंत्री को बताई थी अपनी परेशानी

महाराष्ट्र में सूखे और फसल बर्बाद होने से किसानों की परेशानी बढ़ती जा रही है. भंडारा जिले में 55 साल के किसान राजेंद्र सपाटे की मौत हो गई. बताया जा रहा है कि बारिश नहीं होने से उनकी धान की फसल बर्बाद हो गई थी. वहीं, कुछ दिन पहले ही उन्होंने मंत्री पंकज भोयर को किसानों की समस्याएं बताई थीं.

सूखे से परेशान किसान ने दी जानसूखे से परेशान किसान ने दी जान
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Oct 09, 2026,
  • Updated Oct 09, 2026, 11:37 AM IST

महाराष्ट्र में सूखे के हालात किसानों के लिए बड़ी परेशानी बनते जा रहे हैं. बारिश की कमी से फसलें बर्बाद हो रही हैं और किसान आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं. इसी बीच भंडारा जिले से एक दुखद खबर सामने आई है. यहां एक 55 साल के किसान राजेंद्र सपाटे की मौत हो गई. बताया गया है कि उनकी धान की फसल बारिश नहीं होने के कारण बर्बाद हो गई थी. खास बात यह है कि कुछ दिन पहले ही उन्होंने इलाके का दौरा करने आए मंत्री पंकज भोयर को किसानों की परेशानी बताई थी और सिंचाई की सुविधा नहीं होने का मुद्दा उठाया था.

मंत्री को बताई थी किसानों की परेशानी

यह मामला भंडारा जिले के मोहाड़ी क्षेत्र के धोप गांव का बताया जा रहा है. जानकारी के मुताबिक, 3 अक्टूबर को भंडारा के प्रभारी मंत्री पंकज भोयर सूखे के हालात का जायजा लेने इलाके में पहुंचे थे. इस दौरान किसान राजेंद्र सपाटे ने उनसे अपनी परेशानी साझा की थी. सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में सपाटे कहते दिखाई दे रहे थे कि सिंचाई की सुविधा नहीं होने से खेती करना मुश्किल हो गया है. उन्होंने कहा था कि बारिश नहीं होने से किसानों की हालत खराब है और उनकी फसलें खतरे में हैं.

किसान ने यह भी बताया था कि सिंचाई की सुविधा के लिए उन्होंने कई बार आवेदन दिए और शिकायतें कीं, लेकिन उन्हें कोई ठोस मदद नहीं मिली. उनके मुताबिक, किसानों की समस्याओं को लेकर दिए गए आवेदन और फाइलें लंबे समय से लंबित पड़ी हैं.

बारिश की कमी से बर्बाद हुई धान की फसल

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, राजेंद्र सपाटे की धान की पूरी फसल बारिश की कमी के कारण बर्बाद हो गई थी. गुरुवार सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच वह अपने धान के खेत में बने कुएं में कूद गए जिसके बाद उनका शव कुएं से निकाला गया. अंधलगांव पुलिस स्टेशन के एक अधिकारी ने बताया कि मृतक के परिजनों ने किसी तरह का संदेह जाहिर नहीं किया है और वे शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहते. पुलिस ने दुर्घटनावश मौत का मामला दर्ज किया है और आगे की जांच जारी है.

मंत्री ने दिया था जरूरी कदम उठाने का भरोसा

रिपोर्ट के मुताबिक, जब राजेंद्र सपाटे ने मंत्री पंकज भोयर के सामने सिंचाई की समस्या और किसानों की खराब हालत का मुद्दा उठाया था, तब मंत्री ने उनकी बात सुनी थी. उन्होंने हालात की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जरूरी कदम उठाने का भरोसा भी दिया था. हालांकि, किसान की मौत के मामले में पुलिस जांच जारी है, इसलिए उनकी मौत की परिस्थितियों को लेकर अंतिम निष्कर्ष जांच के बाद ही निकाला जा सकता है.

महाराष्ट्र के 265 तालुका सूखे से प्रभावित

महाराष्ट्र में इस साल बारिश की कमी के कारण कई इलाकों में सूखे जैसे हालात बने हुए हैं. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बुधवार को नई दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर राज्य के लिए विशेष आर्थिक सहायता की मांग की थी. मुख्यमंत्री के मुताबिक, राज्य के 32 जिलों में पानी की गंभीर कमी का सामना करना पड़ रहा है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र के कुल 358 तालुकों में से 265 तालुका सूखे से प्रभावित हैं. यह संख्या राज्य के करीब 74 प्रतिशत तालुकों के बराबर है.

सूखे के कारण किसानों के सामने फसल बचाने, सिंचाई के लिए पानी जुटाने और खेती की लागत निकालने जैसी चुनौतियां खड़ी हो गई हैं. ऐसे हालात में किसानों को राहत देने, सिंचाई की व्यवस्था मजबूत करने और प्रभावित इलाकों में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करने की जरूरत और बढ़ गई है. (PTI)

MORE NEWS

Read more!