
उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में किसानों के साथ हुए धोखाधड़ी का मामला सामने आया है. दरअसल, जिले के थाना जसवंतनगर क्षेत्र के अंतर्गत एक बड़ा साइबर फ्रॉड करने वाले चार आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है. पकड़े गए आरोपियों ने जसवंतनगर क्षेत्र के किसानों और ग्रामीणों को VB-G RAM G योजना के अंतर्गत आने वाले पैसे का झांसा देकर उनके खाता खुलवा दिए और डॉक्यूमेंट लेकर उनकी फोन नंबर की सिमें भी अपने पास रख ली. जब इसकी शिकायत पुलिस को हुई तो जसवंतनगर पुलिस ने चार लोगों को जमुना बाग में चेकिंग के दौरान गिरफ्तार कर लिया.
पुलिस के द्वारा बताया गया कि कुछ दिन पहले ग्राम कुरसैना और हनुमंत खेड़ा के किसानों के साथ साइबर फ्रॉड के नाम पर धोखाधड़ी किया गया. एयरटेल, वोडाफोन कंपनी के POS एजेंटों द्वारा फर्जी सिम कार्ड और उनके आधार कार्ड और अंगूठे के निशान लेकर और मोबाइल नंबरों का प्रयोग करके NSDL(नेशनल सिक्योरिटीज डिपॉजिटरी लिमिटेड) PAYMENT BANK में खाते खुलवाकर धोखाधडी करने वाले चार आरोपी हनुमंत खेड़ा में हैं . सूचना पर तत्काल कार्यवाही करते हुए जसवंतनगर पुलिस द्वारा इन चारों अभियुक्तों को 73 फर्जी सिम कार्ड सहित गिरफ्तार किया गया.
गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ थाना जसवंतनगर में धारा-318(4)/317(2) बीएनएस दर्ज किया गया. वहीं, गिरफ्तार आरोपी शिशुपाल सिंह उर्फ अनिल पुत्र राकेश कुमार निवासी हनुमन्त खेडा थाना जसवंतनगर जनपद इटावा उम्र करीब 35 वर्ष है. दूसरा आरोपी हिमांशु पुत्र रामरूप निवासी विजयनगर थाना फ्रेंड्स कॉलोनी जनपद इटावा है, तीसरा आरोपी विमलेश कुमार पुत्र विनोद कुमार निवासी लुधपुरा थाना जसवन्तनगर जनपद इटावा और चौथा आरोपी संजीव कुमार राठौर पुत्र राजबहादुर निवासी लुधपुरा थाना जसवन्तनगर जनपद इटावा है.
पुलिस की टीम द्वारा पकड़े गए आरोपियों से नाम पता पूछते हुए तलाशी ली गई, तो उनके कब्जे से वोडाफोन के 50 और एयरटेल के 23 फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए. पुलिस टीम द्वारा कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपित शिशुपाल उर्फ अनिल ने बताया कि वो और उसके साथी सुनील मोनू अरुण द्वारा गांव के किसानों को बहला-फुसला कर उनकी आईडी पर सिम लेकर बैंक खाते खुलवाते हैं. साथ ही POS (POINT OF SALE) एजेंटों हिमांशु, विमलेश कुमार, संजीव कुमार राठौर के साथ मिलकर किसानों के आधार कार्ड और अंगूठे के निशान लेकर सिम एक्टिवेट करवाते हैं. फिर उन एक्टिवेट सिम कार्डों से बैंक में खाते खुलवाते हैं और साइबर फ्रॉड करके पैसा कमाते हैं.
जसवंतनगर सीओ आयुषी सिंह ने बताया कि पीयूएस सत्यापन में हनुमंतपुरा निवासी अनिल कुमार ने मनरेगा योजना (जीरामजी) के अंतर्गत किसानों को गुमराह किया. फिर 4 हजार रुपये का लालच देकर उनके नए सिम कार्ड बनवाकर आरोपित अनिल ने अपने साथियों में मोनू, हिमांशु, संजीव को भेजकर वहां से किसानों के आधार कार्ड और फिंगर प्रिंट लेकर नई सिम निकाली और अकाउंट बनाए. आरोपियों ने पूछताछ में बताया कि साइबर अपराध से जुड़ा पैसा नए अकाउंट में लिया है. सिम से पैसा निकाल कर विड्रा किया है. आयुषी सिंह ने बताया कि चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है.