World Protein Day: सस्ता, ज्यादा और प्योर प्रोटीन मिलता है सिर्फ 7 रुपये में 

World Protein Day: सस्ता, ज्यादा और प्योर प्रोटीन मिलता है सिर्फ 7 रुपये में 

World Protein Day भारत अंडा उत्पादन के मामले में विश्व में दूसरे नंबर पर है. वहीं चिकन उत्पादन में चौथे नंबर पर है. पोल्ट्री प्रोडक्ट की देश में कोई कमी नहीं है. यही वजह है कि प्रोटीन की कमी से लड़ने के लिए पोल्ट्री प्रोडक्ट अंडे-चिकन खाने की सलाह दी जाती है. पोल्ट्री एक्सपर्ट का कहना है कि अगर लोग जागरुक हो जाएं तो देश से प्रोटीन की कमी वाली परेशानी को जड़ से खत्म किया जा सकता है.

नासि‍र हुसैन
  • New Delhi,
  • Feb 27, 2026,
  • Updated Feb 27, 2026, 11:43 AM IST

आज वर्ल्ड प्रोटीन डे है. एक सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक देश में ज्यादातर लोग प्रोटीन की कमी से जूझ रहे हैं. सरकार भी प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए कई तरह के अभि‍यान चला रही है. हैल्थ एक्सपर्ट की मानें तो बच्चा हो या बड़ा, महिला या फिर पुरुष, सभी को प्रोटीन की रोजाना जरूरत होती है. ऐसा नहीं है कि किसी एक दिन ज्यादा प्रोटीन ले लिया और दूसरे दिन कम लिया तो काम चल जाएगा. हर रोज कितना प्रोटीन बॉडी को चाहिए ये तय होता है इंसान के वजन से. अगर किसी का वजन 70 किलो है तो उसे दिनभर में 70 ग्राम प्रोटीन चाहिए. डायटीशियन प्रतिभा दीक्षित की मानें तो प्रोटीन सिर्फ दाल-रोटी खाने से नहीं मिलेगा, इसके लिए अंडे-चिकन की भी जरूरत पड़ती है. 

इसीलिए पोल्ट्री सेक्टर प्रोटीन  के संबंध में लगातार जागरुकता कार्यक्रम चलाता रहता है. पोल्ट्री फेडरेशन ऑफ इंडिया (पीएफआई) प्रेसिडेंट रनपाल डाहंडा का कहना है कि कार्यक्रम का मकसद देश के लोगों में हो रही प्रोटीन की कमी को दूर करने के लिए जागरुक करना है. आज हमारे देश के 73 फीसद शहरी लोगों में प्रोटीन की कमी है. जबकि डायटीशियन का कहना है कि हमारे देश में लोग हर रोज औसत 47 ग्राम प्रोटीन ही खा रहे हैं. जो कि जरूरत के हिसाब से बहुत कम है.

प्योर, सस्ता और ज्यादा प्रोटीन मिलता है अंडे में  

रनपाल ढांढा का कहना है कि एक अंडा छह से सात रुपये का आता है. और एक अंडे में 13 ग्राम प्रोटीन होता है. इतने रुपये में और कोई खाने की चीज ऐसी नहीं है जो पूरा का पूरा 13 ग्राम शरीर को प्रोटीन देती हो. और उससे भी ज्यादा महत्वपूर्ण बात ये कि इसमे किसी भी तरह की कोई मिलावट नहीं होती है. अंडा हो या चिकन कोई उसमे किसी भी तरह की मिलावट नहीं कर सकता है. चिकन 240 रुपये किलो मान लें तो 24 रुपये के 100 ग्राम चिकन में 27 ग्राम प्रोटीन मिलता है. 

जमकर खाएं, चिकन में नहीं है एंटीबायोटिक्स  

वर्ल्ड पोल्ट्री वेटरनरी एसोसिएशन के प्रसिडेंट डॉ. जितेन्द्रा वर्मा का कहना है कि सोशल मीडिया पर चिकन और एंटीबायोटिक्स् को लेकर तमाम तरह की बातें की जाती हैं. जैसे एंटीबायोटिक्स दवाई खिलाकर मुर्गे को कम वक्त में ज्यादा वजन का तैयार कर लिया जाता है. इतना ही नहीं ये भी कहा जाता है कि मुर्गों को कुछ ऐसे हॉर्मोन दिए जाते हैं जिससे वो जल्दी  बड़े हो जाते हैं और हेल्दी दिखने लगते हैं.

जबकि ये पूरी तरह से गलत है. हॉर्मोन और एंटीबायोटिक्स इतने महंगे आते हैं कि पोल्ट्री के बाजार रेट को देखते हुए उनका इस्तेमाल करना मुमकिन नहीं है. सिर्फ दवाई के तौर पर कुछ दो-तीन ऐसी एंटीबायोटिक्स दी जाती हैं जिनका इंसानी शरीर से कोई मतलब नहीं है. 

पोल्ट्री एक्सपर्ट का ये भी कहना है कि वैसे तो हर इंसान कुछ भी खाने के लिए फ्री है. लेकिन जो खा सकते हैं तो उन्हें अपनी प्रोटीन की जरूरत उस सोर्स से करनी चाहिए जो कम मात्रा में होने के बाद भी ज्यादा से ज्यादा प्रोटीन देता है.  

Meat Production: पश्च‍िम बंगाल नहीं, UP को द‍िया गया मीट उत्पादन में नंबर वन बनने का टॉरगेट 

PDFA: ये हैं 80 और 30 लीटर दूध देकर ट्रैक्टर जीतने वालीं गाय-भैंस, गांव में हो रहा स्वागत 

MORE NEWS

Read more!