दक्षिण भारत के जलाशयों में पानी का स्टॉक कम, 50 फीसद तक पहुंचा जलस्तर

दक्षिण भारत के जलाशयों में पानी का स्टॉक कम, 50 फीसद तक पहुंचा जलस्तर

जलस्तर की रिपोर्ट सेंट्रल वाटर कमीशन जारी करता है. इस रिपोर्ट में देश के कुछ हिस्सों को राज्यों के मुताबिक जारी किया जाता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि दक्षिण भारत के राज्यों में जलाशयों में पानी की मात्रा कम है और पानी का स्टॉक 50 परसेंट तक ही जमा है.

दक्षिण भारत के जलाशयों में पानी का स्तर कमदक्षिण भारत के जलाशयों में पानी का स्तर कम
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Oct 07, 2023,
  • Updated Oct 07, 2023, 1:37 PM IST

देश की नदियों और बांधों में पानी के स्तर में सुधार हो रहा है. लगभग 150 जलाशयों की रिपोर्ट में कहा गया है कि मॉनसून की बारिश बढ़ने के साथ पानी का स्तर भी बढ़ गया है. अक्टूबर महीने में सामान्य से 24 फीसद अधिक बारिश हुई है जिससे नदियों और जलाशयों में पानी भर गया है. हालांकि अगस्त में हालात ठीक नहीं थे और जलस्तर में कमी आ गई थी. सितंबर की तुलना में अक्टूबर में 36 फीसद अधिक बारिश दर्ज की गई है. इसका फायदा जलस्तर बढ़ने में दिख रहा है.

जलस्तर की रिपोर्ट सेंट्रल वाटर कमीशन जारी करता है. इस रिपोर्ट में देश के कुछ हिस्सों को राज्यों के मुताबिक जारी किया जाता है. रिपोर्ट में बताया गया है कि दक्षिण भारत के राज्यों में जलाशयों में पानी की मात्रा कम है और पानी का स्टॉक 50 परसेंट तक ही जमा है. रिपोर्ट के मुताबिक तमिलनाडु में -47 परसेंट, कर्नाटक में -63 परसेंट, आंध्र प्रदेश में -79 परसेंट, तेलंगाना में -80 परसेंट और पुडुचेरी में -61 परसेंट पानी का स्टॉक है.

किस राज्य में क्या है स्थिति

दक्षिणी क्षेत्र में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, (दोनों राज्यों में दो संयुक्त परियोजनाएं), कर्नाटक, केरल और तमिलनाडु राज्य शामिल हैं. इस क्षेत्र में सेंट्रल वाटर कमीशन यानी कि CWC की निगरानी में 42 जलाशय हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता 53.334 बीसीएम है.  05 अक्टूबर के जलाशय भंडारण बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में उपलब्ध कुल भंडारण 26.435 बीसीएम है जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 50 परसेंट है. पिछले साल की इसी अवधि के दौरान भंडारण 92 परसेंट था और इसी अवधि के दौरान पिछले दस वर्षों का औसत भंडारण कुल भंडारण क्षमता का 75 परसेंट था.

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इस तरह, मौजूदा साल में इन जलाशयों में पिछले साल की इसी अवधि के स्टॉक से कम पानी है और पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के औसत स्टॉक से भी कम है.

पूर्वी क्षेत्र में असम, झारखंड, ओडिशा, पश्चिम बंगाल, त्रिपुरा, नागालैंड और बिहार राज्य शामिल हैं. सीडब्ल्यूसी की निगरानी में 23 जलाशय हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता 20.430 बीसीएम है. पांच अक्टूबर तक इन जलाशयों में उपलब्ध कुल भंडारण 15.951 बीसीएम है जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 78 परसेंट है. पिछले वर्ष की इसी अवधि के दौरान भंडारण 75 परसेंट था और इसी अवधि के दौरान पिछले दस वर्षों का औसत भंडारण 79 परसेंट था. इस प्रकार, चालू वर्ष के दौरान भंडारण पिछले साल की इसी अवधि की तुलना में बेहतर है, लेकिन पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के औसत भंडारण से कम है.

इन जलाशयों का जलस्तर ठीक 

उत्तरी क्षेत्र में हिमाचल प्रदेश, पंजाब और राजस्थान राज्य शामिल हैं. सीडब्ल्यूसी की निगरानी में 10 जलाशय हैं जिनकी कुल भंडारण क्षमता 19.663 बीसीएम है. पांच अक्टूबर को जारी जलाशय भंडारण बुलेटिन के अनुसार, इन जलाशयों में उपलब्ध कुल भंडारण 16.586 बीसीएम है जो इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 84 परसेंट है. पिछले साल की इसी अवधि के दौरान भंडारण 90 परसेंट था और इसी अवधि के दौरान पिछले दस वर्षों का औसत भंडारण इन जलाशयों की कुल भंडारण क्षमता का 82 परसेंट था. इस प्रकार, चालू वर्ष के दौरान भंडारण पिछले वर्ष की इसी अवधि की तुलना में कम है, लेकिन पिछले दस वर्षों की इसी अवधि के औसत भंडारण से बेहतर है.

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