गन्ने के खेत में छिड़काव के दौरान दर्दनाक हादसा, करंट लगने से किसान की मौत

गन्ने के खेत में छिड़काव के दौरान दर्दनाक हादसा, करंट लगने से किसान की मौत

उत्तर प्रदेश के बिजनौर में गन्ने के खेत में कीटनाशक का छिड़काव कर रहे किसान मजदूर की हाई वोल्टेज लाइन की चपेट में आने से दर्दनाक मौत हो गई. घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर लापरवाही का आरोप लगाया.

करंट लगने से किसान की मौतकरंट लगने से किसान की मौत
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 06, 2026,
  • Updated Aug 06, 2026, 2:09 PM IST

उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के धामपुर क्षेत्र में मंगलवार को एक दर्दनाक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया. गांव नसीरपुर बनवारी में गन्ने की फसल पर दवा का छिड़काव कर रहे 30 वर्षीय खेतिहर मजदूर की खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन की चपेट में आने से मौके पर ही मौत हो गई. घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों में भारी आक्रोश फैल गया. लोगों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए करीब पांच घंटे तक शव को मौके से नहीं उठने दिया और अधिकारियों के खिलाफ जमकर नाराजगी जताई.

फसल पर दवा छिड़कते समय हुआ हादसा

जानकारी के अनुसार, नसीरपुर बनवारी गांव निवासी सुनील कुमार खेत में गन्ने की फसल पर दवा का छिड़काव कर रहे थे. इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन की चपेट में आने से उन्हें तेज करंट लगा. करंट इतना जबरदस्त था कि सुनील कुमार ने मौके पर ही दम तोड़ दिया. खेत में मौजूद अन्य लोगों ने जब यह दृश्य देखा तो तुरंत परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी.

घटना के बाद ग्रामीणों का फूटा गुस्सा

किसान की मौत की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए. परिजनों और ग्रामीणों ने बिजली विभाग पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए शव उठाने से इंकार कर दिया. उनका कहना था कि खेतों के ऊपर से गुजर रही बिजली लाइन काफी समय से झूल रही थी और इसकी शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की जा चुकी थी, लेकिन विभाग ने कभी कोई कार्रवाई नहीं की. ग्रामीणों का आरोप है कि अगर समय रहते बिजली लाइन को ठीक कर दिया जाता तो यह हादसा टाला जा सकता था.

करीब पांच घंटे तक मौके पर चला हंगामा

ग्रामीणों के विरोध के चलते घटनास्थल पर करीब पांच घंटे तक तनावपूर्ण स्थिति बनी रही. सूचना मिलने पर पुलिस, विद्युत विभाग और तहसील प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे. अधिकारियों ने ग्रामीणों और परिजनों से बातचीत कर उन्हें उचित कार्रवाई और हर संभव सहायता का आश्वासन दिया. काफी समझाने-बुझाने के बाद परिजन और ग्रामीण शांत हुए, जिसके बाद पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया.

परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़

मृतक सुनील कुमार अपने परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनकी असमय मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है. सुनील अपने पीछे पत्नी और दो मासूम बच्चों को छोड़ गए हैं. घटना के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में मातम का माहौल बना हुआ है. ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि बिजली विभाग की लापरवाही की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही मृतक के परिवार को उचित आर्थिक सहायता और सरकारी मुआवजा उपलब्ध कराया जाए, ताकि पत्नी और बच्चों के भविष्य को सुरक्षित किया जा सके.

पुलिस ने शुरू की आवश्यक कार्रवाई

पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है. प्रशासन का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी. वहीं, इस दर्दनाक हादसे के बाद क्षेत्र में खेतों के ऊपर से गुजर रही झूलती बिजली लाइनों की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. 

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