
बिहार में दाखिल-खारिज जैसे जरूरी राजस्व काम में लापरवाही और मनमानी करना अब भारी पड़ सकता है. राजस्व और भूमि सुधार विभाग ने भोजपुर के शाहपुर अंचल के तत्कालीन राजस्व कर्मचारी और फिलहाल सिवान में तैनात सोनू कुमार गुप्ता को निलंबित कर दिया है. यह कार्रवाई सहयोग पोर्टल पर मिली शिकायत की जांच के बाद की गई. विभाग ने साफ किया है कि जनता से जुड़े काम में लापरवाही, देरी या किसी तरह की गड़बड़ी को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.
राजस्व और भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सहयोग पोर्टल मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल है. इसका उद्देश्य लोगों की शिकायतों का जल्द समाधान करना है. इसी पोर्टल पर मिली शिकायत के आधार पर भोजपुर के समाहर्ता ने अपनी रिपोर्ट भेजी. जांच में दो दाखिल-खारिज मामलों में गंभीर गड़बड़ी, लापरवाही और मनमानी सामने आई. विभाग ने इसे सरकारी काम के प्रति गंभीर लापरवाही माना और कर्मचारी के खिलाफ कार्रवाई की. अब आम लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज करना आसान नहीं होगा.
विभाग ने बिहार सरकारी सेवक नियमावली, 2005 के नियम-9(1) के तहत सोनू कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है. निलंबन के दौरान उनका मुख्यालय आयुक्त कार्यालय, सारण प्रमंडल, छपरा रहेगा. इस अवधि में उन्हें नियमों के अनुसार जीवन-निर्वाह भत्ता दिया जाएगा. विभाग ने कहा कि दाखिल-खारिज लोगों की जमीन के अधिकार से जुड़ा महत्वपूर्ण काम है, इसलिए इसमें लापरवाही या मनमानी करने वाले कर्मचारियों पर सख्त कार्रवाई जरूरी है. इससे दूसरे कर्मचारी भी सतर्क रहेंगे और लोगों के काम समय पर और पारदर्शी तरीके से होंगे.
निलंबन के बाद विभाग ने भोजपुर के समाहर्ता को सोनू कुमार गुप्ता के खिलाफ अनुशासनिक कार्रवाई शुरू करने का निर्देश दिया है. इस कार्रवाई की रिपोर्ट भी विभाग को भेजनी होगी. यानी मामला सिर्फ निलंबन तक सीमित नहीं रहेगा. जांच पूरी होने के बाद आगे की कार्रवाई तय की जाएगी. विभाग का कहना है कि राजस्व से जुड़े काम में कर्मचारियों की जवाबदेही तय करना जरूरी है. लोगों के काम में देरी करने या मनमानी करने वाले कर्मचारियों पर नजर रखी जाएगी.
दिलीप जायसवाल ने कहा कि राजस्व विभाग में लोगों के काम में जवाबदेही और पारदर्शिता सबसे जरूरी है. सहयोग पोर्टल पर मिलने वाली शिकायतों की जांच की जाएगी और दोषी पाए जाने वाले अधिकारी-कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. उन्होंने कहा कि सोनू कुमार गुप्ता का निलंबन भी इसी नीति के तहत किया गया है. लोगों की शिकायतों को नजरअंदाज करना या राजस्व से जुड़े काम में लापरवाही करना किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. विभाग अब ऐसी शिकायतों पर जल्द कार्रवाई कर रहा है.
दाखिल-खारिज जमीन के मालिकाना हक से जुड़ा बहुत जरूरी काम है. इसमें देरी या गड़बड़ी होने पर आम लोगों को काफी परेशानी होती है. विभाग की इस कार्रवाई से ऐसे मामलों में कर्मचारियों की जवाबदेही और सतर्कता बढ़ने की उम्मीद है. अधिकारियों को साफ संदेश दिया गया है कि शिकायत मिलने पर उसकी जल्द जांच हो और जरूरत पड़ने पर कार्रवाई भी की जाए. सरकार का लक्ष्य राजस्व सेवाओं को पारदर्शी और समय पर पूरा करना है, ताकि लोगों को बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें और उनका काम नियम के मुताबिक आसानी से हो सके.