सोयाबीन खरीदी में देरी से भड़के किसान, राजगढ़ मंडी में पत्थरबाजी और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप

सोयाबीन खरीदी में देरी से भड़के किसान, राजगढ़ मंडी में पत्थरबाजी और तोड़फोड़ से मचा हड़कंप

राजगढ़ के खिलचीपुर कृषि उपज मंडी में सोयाबीन खरीदी में देरी और कम भाव मिलने से किसान नाराज हो गए. करीब 500 किसानों ने चक्काजाम किया. इसी दौरान कुछ युवकों ने व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की. तौल कांटे, CCTV कैमरे, लाइट और कुर्सियां क्षतिग्रस्त हुईं. पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर रही है और प्रशासन ने किसानों को खरीदी का भरोसा दिया.

राजगढ़ मंडी में सोयाबीन को लेकर बवालराजगढ़ मंडी में सोयाबीन को लेकर बवाल
पंकज शर्मा
  • Rajgarh,
  • Oct 04, 2026,
  • Updated Oct 04, 2026, 2:02 PM IST

मध्य प्रदेश के राजगढ़ जिले के खिलचीपुर कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की खरीदी को लेकर किसानों का गुस्सा फूट पड़ा. खरीदी में देरी और कम भाव मिलने का आरोप लगाते हुए किसानों ने मंडी के बाहर सड़क पर पत्थर डालकर चक्काजाम कर दिया. इसी दौरान कुछ युवक मंडी परिसर में घुस गए और व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की. घटना में तौल कांटे, CCTV कैमरे, लाइट और कुर्सियां क्षतिग्रस्त हुई हैं. पूरी घटना मंडी में लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई है.

खरीदी में देरी से नाराज हुए किसान

शनिवार को खिलचीपुर कृषि उपज मंडी में सोयाबीन की बड़ी मात्रा में आवक हुई थी. किसान सुबह से ही अपनी उपज लेकर मंडी में खड़े थे. किसानों का कहना था कि उन्हें लंबे समय तक खरीदी और नीलामी का इंतजार करना पड़ा. किसानों के मुताबिक, मंडी में करीब 200 ट्रॉली सोयाबीन खड़ी थी, लेकिन सभी किसानों की उपज की नीलामी नहीं हो सकी. शाम होने के बाद खरीदी बंद होने से किसानों की परेशानी और बढ़ गई. किसानों का कहना था कि अगले दो दिन छुट्टी होने के कारण उन्हें अपनी उपज के लिए और इंतजार करना पड़ता.

5100 से 5200 रुपये भाव मिलने का आरोप

किसानों ने सोयाबीन के भाव को लेकर भी नाराजगी जताई. उनका कहना था कि सोयाबीन का उचित भाव करीब 6 हजार रुपये प्रति क्विंटल होना चाहिए, जबकि खिलचीपुर मंडी में उन्हें करीब 5,100 से 5,200 रुपये प्रति क्विंटल तक का भाव दिया जा रहा है. भवानीपुर के किसान शिव सिंह और नागपुरिया के किसान लखन दांगी ने कहा कि किसान लंबे समय से अपनी उपज लेकर मंडी में खड़े हैं. किसान जितेंद्र सोंधिया ने बताया कि वह पिछले दिन से मंडी में मौजूद थे, लेकिन शाम तक उनकी सोयाबीन की खरीदी नहीं हुई.

करीब 500 किसानों ने किया चक्काजाम

खरीदी में देरी और भाव को लेकर किसानों का गुस्सा शाम करीब 6:30 बजे बढ़ गया. करीब 500 किसानों ने मंडी के बाहर सड़क पर पत्थर डाल दिए और ट्रैक्टर-ट्रॉलियां आड़ी लगाकर रास्ता बंद कर दिया. चक्काजाम की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची. पुलिस ने किसानों को समझाने की कोशिश की, लेकिन किसान खरीदी शुरू होने तक रास्ता खोलने के लिए तैयार नहीं थे. इससे सड़क पर वाहनों की आवाजाही भी प्रभावित हुई.

मंडी के अंदर घुसे युवक, व्यापारियों की दुकानों में तोड़फोड़

चक्काजाम के बीच कुछ युवक लाठी-डंडे लेकर मंडी परिसर में पहुंच गए. आरोप है कि उन्होंने करीब 10 मिनट तक कई व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ की. CCTV फुटेज में कुछ लोग रामप्रसाद शिवनारायण ट्रेडर्स के बाहर गेट पर पत्थर फेंकते दिखाई दे रहे हैं. इसके अलावा लाठी-डंडों से लाइट, बल्ब, CCTV कैमरे और प्लास्टिक की कुर्सियां तोड़ते हुए भी लोग नजर आ रहे हैं. द्वारकाधीश ट्रेडर्स के बाहर रखे तौल कांटे और कुर्सियों को भी नुकसान पहुंचाने का आरोप है. व्यापारियों के मुताबिक, करीब 12 प्रतिष्ठानों में तौल कांटे, CCTV कैमरे, लाइट और कुर्सियां तोड़ी गईं.

व्यापारियों ने कमरे में बंद होकर बचाई जान

तोड़फोड़ के दौरान व्यापारियों में भी डर का माहौल बन गया. व्यापारी कैलाश चंद्र खडेलवाल, जगदीश गुप्ता और सुरेश शिवनारायण गुप्ता ने बताया कि कुछ लोग लाठी-डंडे लेकर प्रतिष्ठानों में पहुंचे और सामान तोड़ने लगे. व्यापारियों के मुताबिक, उन्होंने खुद को सुरक्षित रखने के लिए कमरों के अंदर जाकर गेट बंद कर लिए. व्यापारियों ने मंडी प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है.

मंडी सचिव ने बताई खरीदी बंद होने की वजह

मंडी सचिव रामप्रसाद राज ने बताया कि मंडी में शनिवार को समय पर काम शुरू हुआ था. सीजन की पहली बड़ी आवक होने के कारण सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक खरीदी और नीलामी का काम चला. उन्होंने बताया कि किसानों को भुगतान की व्यवस्था के लिए बैंक से जुड़े काम के चलते करीब एक घंटे का रेस्ट दिया गया. इसके बाद शाम 5 बजे से 6:15 बजे तक दोबारा खरीदी की गई. अंधेरा होने के कारण मंडी का काम बंद करना पड़ा.

सचिव के अनुसार, करीब 50 किसानों की उपज की खरीदी बाकी रह गई थी. इसके बाद किसानों ने हंगामा शुरू कर दिया. उन्होंने बताया कि व्यापारियों के प्रतिष्ठानों में हुई तोड़फोड़ को लेकर CCTV फुटेज के आधार पर पुलिस में शिकायत की जा रही है.

व्यापारियों के मुताबिक करीब 100 ट्रैक्टरों की उपज बची

मंडी के व्यापारियों का कहना है कि शनिवार को सोयाबीन की आवक बहुत ज्यादा थी. अधिक आवक के कारण करीब 100 ट्रैक्टरों की उपज की नीलामी नहीं हो सकी. किसानों को अगले दिन नीलामी के लिए आने के लिए कहा गया था. व्यापारियों का आरोप है कि इसके बाद कुछ किसानों ने गुस्से में आकर मंडी के प्रतिष्ठानों में तोड़फोड़ शुरू कर दी. घटना में तौल कांटे, लाइट, CCTV कैमरे और कुर्सियों को नुकसान पहुंचा.

CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश

घटना की जानकारी मिलते ही खिलचीपुर थाना प्रभारी कमल सिंह गेहलोत मौके पर पहुंचे और व्यापारियों से पूरी घटना की जानकारी ली. पुलिस ने मंडी में लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी देखी है. थाना प्रभारी ने बताया कि CCTV फुटेज के आधार पर तोड़फोड़ करने वाले युवकों की पहचान की जा रही है. पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है.

प्रशासन की समझाइश के बाद खत्म हुआ चक्काजाम

मामले की जानकारी मिलने पर खिलचीपुर एसडीएम ज्योति राजोरिया भी मौके पर पहुंचीं. उन्होंने किसानों से बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं. किसानों ने खरीदी में देरी और सोयाबीन के भाव को लेकर अपनी नाराजगी जताई. प्रशासन ने किसानों को भरोसा दिलाया कि रविवार को छुट्टी होने के बावजूद उनकी सोयाबीन की खरीदी शुरू कराने की कोशिश की जाएगी. प्रशासन की समझाइश के बाद किसानों ने शाम करीब 7 बजे चक्काजाम खत्म कर दिया और सड़क पर यातायात सामान्य हो गया. फिलहाल पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर तोड़फोड़ करने वालों की पहचान में जुटी है. वहीं, किसानों की नजर अब मंडी में उनकी सोयाबीन की खरीदी और मिलने वाले भाव पर है.

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