
पंजाब में गेहूं की सरकारी खरीद शुरू हो गई है. कैबिनेट मंत्री तरुनप्रीत सिंह सोंध और डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने गुरुवार को खन्ना में एशिया की सबसे बड़ी अनाज मंडी में गेहूं खरीद के सीजन की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि खरीद के 24 घंटे के भीतर किसानों के खाते में भुगतान कर दिया जाएगा.
इस मौके पर सोंध ने कहा कि राज्य सरकार ने खरीद प्रक्रिया को सुचारू रूप से चलाने के लिए पुख्ता इंतजाम किए हैं. उन्होंने बताया कि पंजाब को अप्रैल महीने के लिए 30,973 करोड़ रुपये की कैश क्रेडिट लिमिट (CCL) मिली है. राज्य ने 122 लाख मीट्रिक टन (LMT) गेहूं खरीदने का लक्ष्य रखा है, और 132 LMT तक गेहूं रखने के लिए इंतजाम किए गए हैं.
सोंध ने आगे कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह नौवां खरीद सीजन है, जिसके दौरान गेहूं का हर दाना सही ढंग से खरीदा गया है. उन्होंने भरोसा दिलाया कि गेहूं 2,585 रुपये प्रति क्विंटल के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर खरीदा जाएगा, और इसका भुगतान 24 घंटे के भीतर सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा कर दिया जाएगा. उन्होंने जोर देकर कहा कि इस प्रक्रिया में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.
डिप्टी कमिश्नर जैन ने बताया कि मंडियों में सभी जरूरी इंतजाम जैसे भंडारण की सुविधा, साफ-सफाई, बिजली, पीने का पानी और स्वच्छता सुनिश्चित किए गए हैं. उन्होंने आगे कहा कि किसान अपनी उपज बेचकर आने के 24 घंटे के भीतर ही घर लौट सकेंगे. उन्होंने यह भी बताया कि खरीदे गए गेहूं को समय पर उठाने के लिए उचित व्यवस्था की गई है, और इससे जुड़े सभी टेंडर पहले ही फाइनल हो चुके हैं. उन्होंने किसानों से यह भी आग्रह किया कि वे मंडियों में सूखा गेहूं ही लाएं, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके.
इस मौके पर सीनियर सुपरिटेंडेंट ऑफ पुलिस डॉ. दर्पण आहलूवालिया, एडिशनल डिप्टी कमिश्नर जसप्रीत कौर गिल, सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट स्वाति तिवाना, मार्केट कमेटी के चेयरमैन जगजीत सिंह गिल रत्नेहरी और अन्य अधिकारी मौजूद थे. 'दि ट्रिब्यून' ने एक रिपोर्ट में यह जानकारी दी.
हालांकि प्रशासन मंडियों में किसानों के लिए पुख्ता इंतजाम कर रहा है, फिर भी किसान काफी चिंतित और परेशान हैं, क्योंकि गुरुवार करीब 3:30 या 4 बजे से बारिश और तेज हवाएं फिर से शुरू हो गई हैं. इसके चलते किसानों को एक बार फिर मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है. उन्हें डर है कि उनकी खड़ी फसलें जमीन पर गिर जाएंगी, जिसका खेतों में मौजूद अनाज पर बहुत बुरा असर पड़ेगा.
जोधान के एक किसान नेता तरसेम जोधान ने कहा कि तेज हवाओं के साथ हो रही यह बेमौसम बारिश हमारी खड़ी फसलों के लिए बेहद नुकसानदायक है. ऐसे समय में, जब फसलें पूरी तरह से पक चुकी हैं और कटाई के लिए तैयार हैं, इस तरह की बारिश मिट्टी को पूरी तरह से भिगो देगी. इससे हम कटाई के लिए मशीनों का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे और हमें हाथ से काम करने वाले मजदूरों पर निर्भर रहना पड़ेगा. और हम जानते हैं कि इससे कटाई की प्रक्रिया में देरी होगी.
पंजाब के कई इलाकों में बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से गेहूं की फसल को नुकसान हुआ है. सरकार ने भी माना है कि पूरे राज्य में 1.30 लाख एकड़ से भी ज्यादा गेहूं को नुकसान हुआ है. किसानों को राहत देने के लिए पंजाब सरकार ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान को एक पत्र भी लिखा है.
पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डिया ने शिवराज चौहान को पत्र लिखकर मुआवजे की मांग की है. पत्र में उन्होंने लिखा है, पंजाब में बेमौसम बारिश के कारण अब तक 1.30 लाख एकड़ जमीन पर फसलों को नुकसान हुआ है. गेहूं की फसल पूरी तरह से तैयार थी, लेकिन खराब मौसम ने सब कुछ बिगाड़ दिया. मंत्री ने कहा, मैंने केंद्रीय मंत्री को पत्र लिखकर मुआवजे की मांग की है, और उनसे यह भी कहा है कि वे नुकसान का जायजा लेने के लिए केंद्रीय टीमें भेजें.
खुड्डिया ने कहा, हमने नुकसान का आकलन करने के लिए अपनी टीमें तैनात कर दी हैं, और मुख्यमंत्री ने भी नुकसान के आकलन के आदेश दिए हैं. किसानों ने मुआवजे की मांग उठाई है, उसे देखते हुए हम निश्चित रूप से इस दिशा में कदम उठाएंगे.