Maize Price: MSP से नीचे बिक रही मक्का, किसानों का घट रहा भरोसा! खरीफ बुवाई पर दिखने लगा असर

Maize Price: MSP से नीचे बिक रही मक्का, किसानों का घट रहा भरोसा! खरीफ बुवाई पर दिखने लगा असर

देश में मक्का का औसत थोक भाव जून 2026 में 1,942.54 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जबकि मक्का का MSP 2,410 रुपये प्रति क्विंटल है. अधिकांश राज्यों में किसानों को MSP से काफी कम दाम मिल रहे हैं. लगातार कमजोर बाजार भाव के कारण किसानों का मक्का की खेती से भरोसा घट रहा है.

Maize Price FallMaize Price Fall
प्रतीक जैन
  • Noida,
  • Jun 30, 2026,
  • Updated Jun 30, 2026, 8:49 PM IST

देश में खरीफ सीजन की शुरुआत के साथ मक्का की बुवाई तेज होनी चाहिए थी, लेकिन बाजार के मौजूदा हालात किसानों की चिंता बढ़ा रहे हैं. सरकार ने मार्केटिंग वर्ष 2026-27 के लिए मक्का का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) 2,410 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन देश के अधिकांश राज्यों में किसानों को इससे काफी कम दाम मिल रहे हैं. ऐसे में कई किसान इस बार मक्का की खेती से दूरी बनाते दिखाई दे रहे हैं, जिसका असर खरीफ बुवाई के आंकड़ों में भी नजर आने लगा है.

एग्री मार्केटिंग पोर्टल एगमार्कनेट के जून 2026 के राज्यवार थोक मूल्य विश्लेषण के अनुसार, देश में मक्का का औसत थोक भाव सिर्फ 1,942.54 रुपये प्रति क्विंटल रहा. यानी किसानों को औसतन MSP से करीब 467 रुपये प्रति क्विंटल कम कीमत मिल रही है. इतना बड़ा अंतर किसानों की आय पर सीधा असर डाल रहा है. देश के कई बड़े उत्पादक राज्यों में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है.

विभ‍िन्‍न राज्‍यों में इतना रहा मक्‍का का औसत भाव 

मध्य प्रदेश में जून के दौरान औसत थोक भाव 1,981.71 रुपये प्रति क्विंटल, राजस्थान में 1,902.98 रुपये, उत्तर प्रदेश में 1,846.29 रुपये, हरियाणा में 1,534.91 रुपये और पंजाब में 1,890.27 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया. इन सभी राज्यों में किसानों को MSP से सैकड़ों रुपये कम कीमत मिली. हालांकि कुछ राज्यों में भाव अपेक्षाकृत बेहतर रहे. पश्चिम बंगाल में औसत थोक भाव 2,447.16 रुपये प्रति क्विंटल रहा, जो MSP से थोड़ा अधिक है. गुजरात में 2,237.68 रुपये, पुडुचेरी में 2,256 रुपये और महाराष्ट्र में 2,085.49 रुपये प्रति क्विंटल का औसत भाव दर्ज हुआ, लेकिन ये भी अधिकांश मामलों में MSP से नीचे ही रहे. 

इन राज्‍यों में कीमतों में हल्‍का सुधार, लेकि‍न नाकाफी

जून के दौरान कुछ राज्यों में कीमतों में मासिक सुधार भी देखने को मिला. आंध्र प्रदेश में मई की तुलना में भाव 14 प्रतिशत बढ़े, महाराष्ट्र में 10.5 प्रतिशत, कर्नाटक में 9.7 प्रतिशत और गुजरात में 6.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई. इसके बावजूद इन राज्यों में भी किसानों को MSP का लाभ नहीं मिल सका.  अगर पिछले साल की तुलना की जाए तो तस्वीर और भी चिंताजनक है.

राष्ट्रीय स्तर पर मक्का का औसत थोक भाव जून 2025 के 2,243.19 रुपये प्रति क्विंटल से घटकर जून 2026 में 1,942.54 रुपये प्रति क्विंटल पर आ गया. यानी एक साल में औसतन करीब 300 रुपये प्रति क्विंटल की गिरावट आई है.  हरियाणा में कीमतों में 22.6 प्रतिशत, तमिलनाडु में 28.1 प्रतिशत, उत्तराखंड में 26.9 प्रतिशत, उत्तर प्रदेश में 12.8 प्रतिशत और कर्नाटक में 10.8 प्रतिशत की सालाना गिरावट दर्ज की गई. पूरे देश में केवल महाराष्ट्र ऐसा राज्य रहा, जहां पिछले साल की तुलना में मामूली 0.2 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज हुई. 

किसानों की कमाई पर सीधी चोट

मक्का उत्पादक किसानों का कहना है कि बाजार भाव MSP से नीचे रहने के कारण उत्पादन लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा है. बीज, उर्वरक, डीजल, सिंचाई और मजदूरी पर बढ़ते खर्च के बीच अगर फसल का उचित मूल्य नहीं मिले तो किसानों का दूसरी फसलों की ओर रुख करना स्वाभाविक है. यही वजह है कि कई इलाकों में किसान मक्का की जगह अन्य खरीफ फसलों की बुवाई को प्राथमिकता दे रहे हैं. 

कृषि विशेषज्ञों का भी मानना है कि अगर MSP घोषित होने के बावजूद प्रभावी सरकारी खरीद नहीं होती और बाजार कीमतें लगातार नीचे बनी रहती हैं तो किसानों का मक्का उत्पादन से मोहभंग बढ़ सकता है. इसका असर आने वाले वर्षों में उत्पादन और आपूर्ति दोनों पर पड़ सकता है.

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