
मध्य प्रदेश में समर्थन मूल्य पर गेहूं की सरकारी खरीद की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है. लेकिन सरकारी खरीद बंद होने के बाद अब किसानों को मंडियों में एक बार फिर एमएसपी मिलना दूभर हो गया है. केंद्र सरकार ने रबी मार्केटिंग सीजन के लिए गेहूं का एमएसपी 2585 रुपये प्रति क्विंटल तय किया है, लेकिन किसानों को 500, 1000, 1100, 2100, 2200 से 2500 रुपये तक ही दाम मिल पा रहे हैं. एगमार्कनेट पोर्टल पर उपलब्ध डेटा के मुताकिब, यहां तक कि कीमतों का हाल ऐसा है कि शरबती और अन्य कुछ बेहतर किस्म के गेहूं की कीमतें भी एमएसपी का आंकड़ा नहीं छू पा रही है, जिससे किसान परेशान हैं. जानिए 1 और 2 जून का मध्य प्रदेश की मंडियों में गेहूं का कितना भाव रहा...
| मंडी | वैरायटी/ग्रेड | न्यूनतम कीमत (रु/क्विंटल) | अधिकतम कीमत (रु/क्विंटल) | मॉडल कीमत (रु/क्विंटल) |
| अलीराजपुर एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 2,075 | 2,100 | 2,100 |
| जोबट एपीएमसी | गेहूं (नॉन-एफएक्यू) | 2,100 | 2,250 | 2,200 |
| अशोकनगर एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 2,300 | 4,805 | 2,485 |
| अंजड़ एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 2,400 | 2,405 | 2,400 |
| मऊ एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 2,100 | 2,325 | 2,315 |
| बैरसिया एपीएमसी | लोकवन (एफएक्यू) | 2,717 | 2,746 | 2,746 |
| बैरसिया एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 1,580 | 2,865 | 2,300 |
| भोपाल एपीएमसी | शरबती (एफएक्यू) | 2,303 | 2,303 | 2,303 |
| बड़ामलहरा एपीएमसी | मिल क्वालिटी (एफएक्यू) | 2,360 | 2,430 | 2,360 |
| अमरवाड़ा एपीएमसी | मिल क्वालिटी (एफएक्यू) | 2,300 | 2,310 | 2,310 |
| दमोह एपीएमसी | गेहूं (नॉन-एफएक्यू) | 2,240 | 2,275 | 2,250 |
| सेवढ़ा एपीएमसी | मिल क्वालिटी (एफएक्यू) | 2,200 | 2,434 | 2,376 |
| देवास एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 1,000 | 2,879 | 2,350 |
| हाटपीपल्या एपीएमसी | गेहूं (नॉन-एफएक्यू) | 1,100 | 2,766 | 2,440 |
| सोनकच्छ एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 1,557 | 2,619 | 2,300 |
| धार एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 1,550 | 2,836 | 2,540 |
| गंधवानी एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 2,339 | 2,360 | 2,350 |
| राजगढ़ एपीएमसी | गेहूं (नॉन-एफएक्यू) | 2,225 | 2,412 | 2,400 |
| आरोन एपीएमसी | शरबती (एफएक्यू) | 2,438 | 3,310 | 2,565 |
प्रदेश की देवास मंडी में 1 जून को गेहूं का न्यूनतम भाव 1000 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि जिस भाव पर अधिकांश गेहूं की खरीद हुई यानी मॉडल कीमत 2350 रुपये प्रति किंटल दर्ज की गई.
| मंडी | वैरायटी/ग्रेड | न्यूनतम कीमत (रु/क्विंटल) | अधिकतम कीमत (रु/क्विंटल) | औसत कीमत (रु/क्विंटल) |
| अलीराजपुर एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 1,990 | 2,100 | 2,100 |
| जोबट एपीएमसी | मिल क्वालिटी (नॉन-एफएक्यू) | 2,200 | 2,200 | 2,200 |
| बड़वानी एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 2,300 | 2,300 | 2,300 |
| प्रासवाड़ा एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 2,590 | 2,590 | 2,590 |
| बैरसिया एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 1,500 | 2,761 | 2,300 |
| देवास एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 1,000 | 2,761 | 2,500 |
| देवास एपीएमसी | गेहूं मिक्स (एफएक्यू) | 2,496 | 2,496 | 2,496 |
| गुना एपीएमसी | शरबती (एफएक्यू) | 3,520 | 3,540 | 3,520 |
| राघौगढ़ एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 2,300 | 2,355 | 2,355 |
| टिमरनी एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 1,701 | 2,368 | 2,340 |
| बानापुरा एपीएमसी | लोकल (एफएक्यू) | 1,800 | 2,399 | 2,340 |
| इंदौर एपीएमसी | गेहूं (एफएक्यू) | 500 | 3,020 | 2,540 |
| मंडला एपीएमसी | गेहूं (नॉन-एफएक्यू) | 2,200 | 2,225 | 2,225 |
| नरसिंहपुर एपीएमसी | मिल क्वालिटी (एफएक्यू) | 2,000 | 2,451 | 2,280 |
इंदौर में 2 जून को गेहूं का न्यूनतम भाव 500 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज किया गया, जबकि मॉडल कीमत 2540 रुपये प्रति क्विंटल दर्ज की गई, जो एमएसपी से नीचे है. वहीं, ज्यादातर अन्य मंडियों भी मॉडल कीमत 2100 से 25 रुपये प्रति क्विंटल के बीच रहीं और किसानों को एमएसपी से नीचे अपनी फसल बेचनी पड़ी.
बता दें कि राज्य में 9 अप्रैल 2026 से शुरू हुई खरीद मुख्यत: 23 मई तक चली, जबकि पहले से स्लॉट बुक कर चुके कुछ किसानों से 28 मई तक गेहूं की खरीद की गई. राज्य में 13 लाख से ज्यादा किसानों से 104 लाख मीट्रिक टन से अधिक गेहूं की खरीद की गई है, जिसके लिए उन्हें 23 हजार करोड़ रुपये से ज्यादा का भुगतान किया जा चुका है. इस बार राज्य के किसानों को एमएसपी 2425 रुपये प्रति क्विंटल के अलावा 40 रुपये प्रति क्विंटल बोनस भी दिया गया.
मंडी में गेहूं की खरीद के दौरान एफएक्यू (FAQ - Fair Average Quality) और नॉन-एफएक्यू (Non-FAQ) ग्रेड का इस्तेमाल फसल की गुणवत्ता तय करने के लिए किया जाता है. एफएक्यू गेहूं वह माना जाता है जो सरकार के तय मानकों जैसे नमी, दाने की गुणवत्ता, टूटे या खराब दानों की सीमा और साफ-सफाई के पैमानों पर खरा उतरता है, इसलिए ऐसे गेहूं को आमतौर पर समर्थन मूल्य या बेहतर बाजार भाव मिलने की संभावना रहती है. वहीं नॉन-एफएक्यू श्रेणी में वह गेहूं आता है जो इन गुणवत्ता मानकों से नीचे होता है, जैसे अधिक नमी, कमजोर दाना, मिलावट या गुणवत्ता में कमी. ऐसे गेहूं की खरीद कई बार कम दाम पर होती है या बाजार में इसकी मांग सीमित हो सकती है.