
छत्तीसगढ़ सरकार ने किसानों और चावल निर्यातकों के लिए एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शनिवार को घोषणा की कि चावल निर्यातकों के लिए मंडी फीस में छूट को एक साल के लिए बढ़ा दिया गया है, जिसका मकसद राज्य में चावल निर्यात को बढ़ावा देना है. एक प्राइवेट रिसॉर्ट में इंडिया इंटरनेशनल राइस समिट के दूसरे एडिशन को संबोधित करते हुए, CM साय ने कहा कि यह विस्तार निर्यातकों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण होगा. साथ ही ये फैसला वैश्विक चावल बाजार में छत्तीसगढ़ की स्थिति को मजबूत करेगा.
CM विष्णु देव साय ने कहा कि यह समिट महत्वपूर्ण था क्योंकि इसमें 12 देशों के खरीदार और छह देशों के दूतावास प्रतिनिधिमंडल एक साथ आए थे, जो राज्य के चावल क्षेत्र में बढ़ती अंतरराष्ट्रीय रुचि को दर्शाता है. साथ ही उन्होंने कहा कि वैश्विक हितधारकों की भागीदारी से छत्तीसगढ़ को अंतरराष्ट्रीय चावल व्यापार में व्यापक पहचान हासिल करने में मदद मिलेगी.
उन्होंने कहा कि पिछली पीढ़ियों ने छत्तीसगढ़ को सही ही भारत का "चावल का कटोरा" बताया था. अभी भी राज्य उस पहचान को बनाए हुए है, जिसमें चावल उसकी खाद्य संस्कृति का एक अभिन्न अंग है. CM साय ने राज्य में उगाई जाने वाली धान की अलग-अलग किस्मों पर प्रकाश डाला, जिसमें सरगुजा क्षेत्र के सुगंधित जीराफूल और दुबराज चावल का विशेष उल्लेख किया, जो अपनी खास खुशबू के लिए जाने जाते हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंडी फीस में छूट, जिसकी मांग निर्यातक कई सालों से कर रहे थे, पिछले साल दी गई थी और दिसंबर 2025 में खत्म होने वाली थी. उन्होंने कहा कि इसके विस्तार से राज्य से चावल निर्यात में और तेजी आएगी. साय ने कहा कि राज्य की नई औद्योगिक नीति छोटे पैमाने के उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर देती है, जिससे चावल प्रसंस्करण और निर्यात क्षमता मजबूत होगी.
CM ने कहा कि वर्तमान में छत्तीसगढ़ लगभग 90 देशों को एक लाख टन चावल का निर्यात करता है. ऐसे में उन्होंने निर्यातकों को सरकार के पूरे समर्थन का आश्वासन दिया. उन्होंने कहा कि किसानों को धान के लिए 3,100 रुपये प्रति क्विंटल का भुगतान किया जा रहा है, जिसमें प्रति एकड़ 21 क्विंटल की खरीद की सीमा तय की गई है. पिछले साल लगभग 149 लाख टन धान की खरीद की गई थी. वहीं, इस साल खरीद में और वृद्धि होने की उम्मीद है.
इस अवसर पर CM साय ने कृषि और प्रसंस्कृत खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (APEDA) के क्षेत्रीय कार्यालय का उद्घाटन किया. समिट के दौरान, उन्होंने चावल पर केंद्रित एक प्रदर्शनी का भी दौरा किया, जिसमें चावल की अलग-अलग किस्मों, क्षेत्र-विशिष्ट किस्मों, चावल की खेती में नवाचारों और उत्पादकता में सुधार के लिए आधुनिक तकनीक के उपयोग को प्रदर्शित किया गया था. इस कार्यक्रम में राज्य के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल, APEDA के चेयरमैन अभिषेक देव, छत्तीसगढ़ राइस मिलर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष कांतिलाल, वरिष्ठ अधिकारी, राइस मिलर्स, व्यापारी और देश भर के अन्य स्टेकहोल्डर्स मौजूद थे. (PTI)