धनबाद में आधुनिक खेती का जायजा लेने पहुंचे कृषि निदेशक, किसानों ने रखीं ये समस्याएं

धनबाद में आधुनिक खेती का जायजा लेने पहुंचे कृषि निदेशक, किसानों ने रखीं ये समस्याएं

झारखंड के धनबाद में कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने पूर्वी टुंडी के भोजपुर गांव में आधुनिक खेती का जायजा लिया. उन्होंने साढ़े तीन एकड़ में कई फसलें उगा रहे किसान शिशिर गोराई के प्रयासों की सराहना की. इस दौरान किसानों ने कई समस्याएं रखीं.

खेती का जायजा लेने पहुंचे कृषि निदेशकखेती का जायजा लेने पहुंचे कृषि निदेशक
क‍िसान तक
  • Dhanbad,
  • Oct 24, 2026,
  • Updated Oct 24, 2026, 10:37 AM IST

झारखंड के धनबाद जिले के भोजपुर गांव में कृषि विभाग के निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने किसानों की समस्याओं का जायजा लिया. शुक्रवार को गांव पहुंचे निदेशक ने प्रगतिशील किसान शिशिर गोराई के खेतों का निरीक्षण किया. करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन पर आधुनिक तरीके से की जा रही सब्जियों और दूसरी फसलों की खेती देखकर उन्होंने किसान के प्रयासों की सराहना की. इस दौरान किसानों ने अपनी समस्याएं भी रखीं. किसानों ने खेतों की घेराबंदी कराने, सिंचाई के लिए डीप बोरिंग की व्यवस्था करने और खेती के सही समय पर उन्नत किस्म के बीज उपलब्ध कराने की मांग की. कृषि निदेशक ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्याओं के समाधान के लिए विभाग लगातार प्रयास कर रहा है.

साढ़े तीन एकड़ में हो रही कई फसलों की खेती

कृषि निदेशक विद्यानंद शर्मा पंकज ने अपने धनबाद दौरे के दौरान पूर्वी टुंडी के भोजपुर गांव का औचक निरीक्षण किया. इस दौरान जिला कृषि पदाधिकारी अंजना कुमारी समेत कृषि विभाग की टीम भी मौजूद रही. निदेशक ने किसान शिशिर गोराई के खेतों का दौरा किया. यहां करीब साढ़े तीन एकड़ जमीन पर बैंगन, करेला, खीरा, हल्दी, अदरक, गेंदा फूल, केला और तोरई की खेती की जा रही है. अलग-अलग फसलों की खेती और आधुनिक तरीकों को देखकर निदेशक ने किसान की मेहनत की सराहना की.इस तरह की खेती से क्षेत्र के दूसरे किसानों को भी प्रेरणा मिल सकती है. किसान आधुनिक तकनीकों को अपनाकर अपनी खेती को बेहतर बनाने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं.

मवेशियों से फसल बचाने के लिए घेराबंदी की मांग

खेतों का निरीक्षण करने के दौरान किसानों ने अपनी परेशानियों के बारे में बताया. किसान शिशिर गोराई और धर्मेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि खुले में घूमने वाले मवेशियों के कारण खेतों में लगी फसलों को नुकसान पहुंचता है. ऐसे में फसलों की सुरक्षा के लिए खेतों की घेराबंदी जरूरी है. किसानों ने सिंचाई की समस्या भी उठाई। उनका कहना था कि बेहतर सिंचाई व्यवस्था के लिए डीप बोरिंग की जरूरत है. इसके साथ ही उन्होंने खेती के मौसम के अनुसार उन्नत किस्म के बीज समय पर उपलब्ध कराने की मांग की, ताकि बुवाई में देरी न हो और फसलों की पैदावार बेहतर हो सके.

समय पर बीज उपलब्ध कराने का आश्वासन

कृषि निदेशक ने कहा कि इस बार किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराने की व्यवस्था सुनिश्चित करने पर ध्यान दिया जाएगा. निदेशक ने बताया कि किसानों को आधुनिक खेती के लिए प्रोत्साहित करने और उनकी समस्याओं को समझने के उद्देश्य से विभाग जमीनी स्तर पर काम कर रहा है. इसके लिए जिले में पांच विशेष टीमों का गठन किया गया है. ये टीमें अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं और किसानों से उनकी समस्याओं और जरूरतों के बारे में जानकारी ले रही हैं. अब किसानों को उम्मीद है कि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई होगी और उन्हें बीज, सिंचाई और फसलों की सुरक्षा जैसी समस्याओं से राहत मिलेगी. (सिथुन मोदक की रिपोर्ट)

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