Wheat Export: गेहूं निर्यात कोटे की होगी समीक्षा, सरकार ने एक्‍सपोर्टर्स से मांगी ये जानकारी

Wheat Export: गेहूं निर्यात कोटे की होगी समीक्षा, सरकार ने एक्‍सपोर्टर्स से मांगी ये जानकारी

डीजीएफटी ने गेहूं निर्यात कोटे की समीक्षा शुरू की है. निर्यातकों को 31 अगस्त 2026 तक आवंटित कोटे के इस्तेमाल का विवरण, चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित उपयोग प्रमाणपत्र और शिपिंग बिल जमा करने होंगे. पूरी डिटेल पढ़ें...

Wheat Export Quota ReviewWheat Export Quota Review
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Aug 11, 2026,
  • Updated Aug 11, 2026, 2:32 PM IST

वाणिज्य मंत्रालय के तहत विदेश व्यापार महानिदेशालय यानी डीजीएफटी ने गेहूं निर्यात की अनुमति पाने वाले निर्यातकों से आवंटित कोटे के इस्तेमाल की जानकारी मांगी है. निर्यातकों को 31 अगस्त 2026 तक उपयोग प्रमाणपत्र, शिपिंग बिल की जानकारी और अन्य जरूरी दस्तावेज जमा करने होंगे. डीजीएफटी की यह समीक्षा एचएस कोड 10011900 और 10019910 के तहत किए गए गेहूं निर्यात से जुड़ी है. इन कोड के तहत निर्यात के लिए 2025-26 और 2026-27 के दौरान जारी दो अलग-अलग सार्वजनिक सूचनाओं के जरिए कोटा आवंटित किया गया था. अब सक्षम प्राधिकरण पहले से दिए गए कोटे के वास्तविक इस्तेमाल का आकलन करेगा.

26 अगस्त तक के निर्यात का देना होगा हिसाब

डीजीएफटी के ट्रेड नोटिस के मुताबिक, संबंधित निर्यातकों को 26 अगस्त 2026 तक आवंटित मात्रा में से जितना गेहूं वास्तव में निर्यात किया गया है, उसकी जानकारी देनी होगी. इसके लिए चार्टर्ड अकाउंटेंट से प्रमाणित उपयोग प्रमाणपत्र के साथ संबंधित शिपिंग बिल की जानकारी भी जमा करनी होगी.

जिन निर्यातकों को आगे अतिरिक्त गेहूं निर्यात की जरूरत है, उन्हें इसकी स्पष्ट जानकारी देनी होगी. इसके साथ अतिरिक्त मात्रा की मांग के समर्थन में वैध निर्यात अनुबंध या खरीद आदेश की प्रतियां भी देनी होंगी, अगर ये दस्तावेज उपलब्ध हैं. वहीं, जो निर्यातक अपना बचा हुआ कोटा वापस करना चाहते हैं, उन्हें भी इसकी जानकारी और उचित कारण बताना होगा.

31 अगस्त के बाद आवेदन पर विचार नहीं

डीजीएफटी ने कहा है कि सभी जरूरी दस्तावेज और जानकारी 31 अगस्त तक निर्धारित ईमेल पते पर भेजनी होगी. अतिरिक्त मात्रा की मांग करने वाले लाइसेंस धारकों को ऑनलाइन पोर्टल पर संशोधन आवेदन भी इसी तारीख तक दाखिल करना होगा. पोर्टल पर आवेदन नहीं करने, जरूरी दस्तावेज नहीं देने या समय सीमा के बाद आवेदन जमा करने पर अतिरिक्त कोटे की मांग खारिज कर दी जाएगी.

इन निर्यातकों को मिल सकता है अतिरिक्त मौका

डीजीएफटी ने कोटे के पुनः आवंटन के लिए इस्तेमाल की गई मात्रा को अहम आधार बनाया है. जिन निर्यातकों ने अपने आवंटित कोटे का 50 फीसदी से अधिक इस्तेमाल किया है, उनके लिए अतिरिक्त गेहूं मात्रा के पुनः आवंटन पर विचार किया जा सकता है.

वहीं, अगर किसी निर्यातक ने आवंटित मात्रा का 50 फीसदी से कम इस्तेमाल किया है, तो बची हुई मात्रा को दोबारा आवंटन के लिए कॉमन पूल में डाला जा सकता है. हालांकि, वैध निर्यात अनुबंध या खरीद आदेश पेश करने वाले निर्यातकों के मामले में अलग से विचार किया जा सकता है.

दस्तावेजों के आधार पर होगा फिर से होगा आवंटन

ट्रेड नोटिस के अनुसार, कॉमन पूल में उपलब्ध गेहूं निर्यात कोटे का आवंटन डीजीएफटी के महानिदेशक द्वारा निर्यातकों की ओर से जमा किए गए दस्तावेजों के आधार पर किया जाएगा. डीजीएफटी ने साफ किया है कि आवेदन और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर आवंटन की प्रक्रिया और तौर-तरीकों में बदलाव का अधिकार उसके पास रहेगा.

डीजीएफटी ने तय समय में जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं कराने वाले निर्यातकों के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी है. इसमें इस्तेमाल नहीं किए गए कोटे का पुनः आवंटन और भविष्य में प्रतिबंधित श्रेणी के निर्यात के लिए अनुमति पाने से रोकना शामिल हो सकता है.

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