
केंद्रीय कृषि और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने सोमवार को नई दिल्ली स्थित ICAR-IARI, पूसा में नेशनल स्कॉलरशिप पोर्टल (NSP) के माध्यम से देशभर के कृषि विद्यार्थियों के लिए छात्रवृत्ति और फेलोशिप राशि जारी की. इस पहल के तहत 6,000 से अधिक विद्यार्थियों को कुल 21.35 करोड़ रुपये की राशि डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) के जरिए उनके खातों में भेजी गई. नई व्यवस्था के तहत कृषि विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति की राशि सीधे DBT के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी.
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि NSP-DBT प्रणाली लागू होने से भुगतान की प्रक्रिया ज्यादा पारदर्शी और समयबद्ध होगी और विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति के लिए अनावश्यक देरी का सामना नहीं करना पड़ेगा. इससे विद्यार्थियों को अपनी पढ़ाई पर अधिक ध्यान केंद्रित करने में मदद मिलेगी.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि छात्रवृत्ति केवल आर्थिक सहायता देने की व्यवस्था नहीं है, बल्कि यह कृषि शिक्षा को मजबूत करने और विद्यार्थियों के लिए नए अवसर तैयार करने का माध्यम भी है. उन्होंने कहा कि परीक्षा, प्रवेश और भुगतान जैसी प्रक्रियाएं समय पर पूरी होना किसी भी व्यवस्था की सफलता की महत्वपूर्ण कसौटी है.
केंद्रीय मंत्री ने कृषि शिक्षा में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग की जरूरत पर खास जोर दिया. उन्होंने कहा कि केवल कक्षा में पढ़ाई करने से कृषि क्षेत्र के लिए जरूरी दक्षता हासिल नहीं की जा सकती. विद्यार्थियों को खेत, प्रयोगशाला और वास्तविक कृषि परिस्थितियों से जोड़ना जरूरी है, ताकि वे भविष्य में बेहतर किसान, वैज्ञानिक और कृषि उद्यमी के रूप में काम कर सकें.
शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विद्यार्थियों से अपने सुझाव और सुधार से जुड़े विचार साझा करने को कहा. उन्होंने युवाओं से रोजगार हासिल करने तक सीमित नहीं रहने और कृषि क्षेत्र में नवाचार, स्टार्टअप और रिसर्च के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की. उन्होंने विद्यार्थियों को करियर के साथ देश और समाज के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित करने के लिए भी प्रेरित किया.
केंद्रीय कृषि मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कृषि क्षेत्र में खाद्य सुरक्षा, पोषण और किसानों की आय सुरक्षा को प्राथमिकता दी जा रही है. उन्होंने ICAR के वैज्ञानिकों के योगदान का उल्लेख करते हुए कहा कि वैज्ञानिकों के शोध और किसानों की मेहनत के कारण देश की खाद्य सुरक्षा मजबूत हुई है.
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि देश की खाद्य सुरक्षा और आत्मनिर्भरता को मजबूत करने के लिए खेत, किसान और विज्ञान के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है. उन्होंने कृषि विद्यार्थियों से वैज्ञानिक ज्ञान को जमीनी स्तर की कृषि जरूरतों से जोड़ने की दिशा में काम करने का आह्वान किया.
केंद्रीय मंत्री ने हरियाली अमावस्या के अवसर पर देशभर के ICAR संस्थानों में कृषि विद्यार्थियों से पौधारोपण करने की अपील भी की. उन्होंने कृषि और पर्यावरण संरक्षण को आपस में जुड़ा हुआ बताते हुए हरित पहलों में विद्यार्थियों की भागीदारी को महत्वपूर्ण बताया.
कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, ICAR के महानिदेशक डॉ. एम.एल. जाट, ICAR के सचिव ज्ञानेंद्र त्रिपाठी, डीडीजी डॉ. यशपाल सिंह मलिक और IARI के निदेशक डॉ. सी. श्रीनिवास राव मौजूद रहे. कार्यक्रम में ICAR और IARI के वरिष्ठ अधिकारी, वैज्ञानिक और बड़ी संख्या में विद्यार्थी शामिल हुए. देशभर से हजारों विद्यार्थी ऑनलाइन माध्यम से भी कार्यक्रम से जुड़े.