देश का चौथा सबसे बड़ा उद्योग बना वेडिंग इंडस्ट्री, 26 फीसदी उछाल के साथ 4.74 लाख करोड़ का कारोबार 

देश का चौथा सबसे बड़ा उद्योग बना वेडिंग इंडस्ट्री, 26 फीसदी उछाल के साथ 4.74 लाख करोड़ का कारोबार 

शादियों से जुड़ा कारोबार देश का चौथा सबसे बड़ा उद्योग बन गया है. बीते साल देश की वेडिंग इंडस्ट्री 26.4 फीसदी की छलांग लगाकर 4.74 लाख करोड़ रुपए की हो गई है. देश की वेडिंग इंडस्ट्री सालाना 7 से 8 फीसदी की दर से बढ़ रही है.

वेडिंग इंडस्ट्री का 4.74 लाख करोड़ कारोबार. वेडिंग इंडस्ट्री का 4.74 लाख करोड़ कारोबार.
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 25, 2024,
  • Updated Jan 25, 2024, 6:50 PM IST

भारतीयों के मैरिज पर किए जाने वाले खर्च ने अब भारत में शादियों के कारोबार को नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है. दरअसल, वेडिंग यानी शादियों से जुड़ा कारोबार देश का चौथा सबसे बड़ा उद्योग बन गया है. वेडिंग प्लानिंग प्लेटफॉर्म वेडमीगुड की वेडिंग इंडस्ट्री रिपोर्ट के मुताबिक बीते साल देश की वेडिंग इंडस्ट्री 26.4 फीसदी की छलांग लगाकर 4.74 लाख करोड़ रुपए की हो गई है. देश की वेडिंग इंडस्ट्री सालाना 7 से 8 फीसदी की दर से बढ़ रही है. तेजी से होते शहरीकरण के बीच मध्यम वर्ग की इनकम में हुई बढ़ोतरी ने भारत में शादियों के कारोबार को ये नई उड़ान दी है.

वेडिंग बिजनेस में 22 फीसदी की बढ़ोतरी 

भारतीय वेडिंग इंडस्ट्री को नई रफ्तार देने का काम लोगों की बढ़ती खरीद क्षमता कर रही है. ऐसे में डेस्टिनेशन वेंडिंग की डिमांड में तेजी से इजाफा हो रहा है. इससे वेडिंग प्रोफेशनल्स ने साल भर में बिजनेस में 15 से 22 परसेंट की बढ़ोतरी दर्ज की है. कुल वेडिंग में डेस्टिनेशन वेडिंग की हिस्सेदारी 2022 के 18 परसेंट से बढ़कर 2023 में 21 फीसदी हो गई है. अब दुबई, बहरीन और ओमान फेवरेट वेडिंग डेस्टिनेशंस के तौर पर लोकप्रिय हो रहे हैं. इसके बाद थाइलैंड, इटली, बाली और तुर्की का नंबर है. वहीं, देश में ऋषिकेश पसंदीदा वेडिंग डेस्टिनेशन है.

शादी में मेहमानों की संख्या 270 से बढ़कर 310 हुई 

मकर संक्रांति के बाद 16 जनवरी से देश में शादियों का सीजन शुरू हो चुका है. मार्च तक करीब 30 विवाह मुहूर्त हैं. इनमें लाखों की संख्या में शादियां होंगी. इसको लेकर पूरी इंडस्ट्री ने तैयारी की हुई है. इस साल होटलों ने बड़े पैमाने पर बिग फैट वेडिंग के लिए तैयारी की है. कोरोना के बाद शादियों में जो बदलाव आए हैं उनके मुताबिक अब मेहमानों की औसत संख्या 2022 के 270 से 15 फीसदी बढ़कर 310 हो गई है. 

32 फीसदी शादियों का खर्च दुल्हन की फैमिली ने उठाया

शादी की औसत उम्र अब बढ़कर 28 साल हो गई है. 2023 में 15.6 फीसदी मैच जहां डेटिंग एप्स से हुए वहीं 32 फीसदी मैच मेकर्स और रिश्तेदारों ने कराए. 59 फीसदी शादियों में खर्च को दूल्हा-दुल्हन के परिवार ने बराबर बांटा. 32 परसेंट शादियों में पूरा खर्च दुल्हन के परिवार ने उठाया. 9 फीसदी शादियों में खर्च दूल्हे के परिवार ने किया. केवल 30 परसेंट शादियों में पूरा खर्च पैरेंट्स ने किया, बाकी शादियों में खर्च दूल्हा-दुल्हन या परिवार के साथ मिलकर किया गया. 

इसके साथ ही अब आधी से ज्यादा शादियां इको फ्रेंडली हो गई हैं, जिनमें प्लास्टिक से लेकर पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले दूसरे सामानों का इस्तेमाल भी घटा दिया गया है. ( आदित्य के राणा ) 

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