
प्रयागराज के जसरा ब्लॉक स्थित बिंदव गांव में ‘किसान तक’ का किसान कारवां पहुंचा, जहां किसानों ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रम में भाग लिया. उत्तर प्रदेश के 75 जनपदों में चल रहे इस अभियान के तहत यह कारवां का 53वां पड़ाव रहा. कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य किसानों को आधुनिक खेती, नई तकनीकों, सरकारी योजनाओं और आय बढ़ाने के उपायों से जोड़ना रहा.
कार्यक्रम की शुरुआत कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा की गई. उन्होंने किसानों को केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं की जानकारी दी. किसानों को बताया गया कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, फसल बीमा योजना, मृदा स्वास्थ्य कार्ड जैसी योजनाओं का लाभ लेकर वे अपनी खेती को अधिक लाभकारी बना सकते हैं. अधिकारियों ने यह भी कहा कि सही जानकारी और समय पर आवेदन से आय में स्थायी वृद्धि संभव है.
एग्रीकल्चर विश्वविद्यालय नैनी के डायरेक्टर एक्सटेंशन डॉ. प्रवीण चरण ने बताया कि किसान साल में लगभग 130 दिन ही खेत में सक्रिय रहते हैं, जिसे बढ़ाने की जरूरत है. उन्होंने किसानों को प्रोसेसिंग, पैकेजिंग और वैल्यू एडिशन अपनाने की सलाह दी, जिससे उनकी आमदनी बढ़ सकती है.
कृषि विज्ञान केंद्र प्रयागराज-1 के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. शिशिर कुमार ने जलवायु परिवर्तन पर जानकारी दी. उन्होंने बताया कि आने वाले 10 वर्षों में तापमान लगभग 3 डिग्री तक बढ़ सकता है. उन्होंने चेतावनी दी कि 1 डिग्री तापमान बढ़ने पर उत्पादन में 5 से 10 प्रतिशत तक गिरावट आ सकती है. इससे बचने के लिए जलवायु अनुकूल किस्मों को अपनाने की सलाह दी गई.
कृषि विज्ञान केंद्र नैनी के अध्यक्ष डॉ. मुकेश ने खरीफ सीजन की तैयारी शुरू करने को कहा. उन्होंने ढैचा की खेती और उसे खेत में पलटने की तकनीक बताई, जिससे मिट्टी की गुणवत्ता बेहतर होती है.
मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. शिवनाथ यादव ने कुक्कुट विकास नीति की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि 10,000 मुर्गियों के पालन पर सरकार एक करोड़ रुपये तक की योजना चला रही है, जिसमें किसानाें को 70% तक लोन मिलता है. साथ ही बिजली बिल और ब्याज में भी राहत दी जाती है.
इफको के फील्ड ऑफिसर अमित कुमार सिंह ने सागरिका, नैनो यूरिया और लिक्विड डीएपी की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि इनसे उत्पादन बढ़ता है और मिट्टी की गुणवत्ता सुधरती है.
कृषि विज्ञान केंद्र की होम साइंस विशेषज्ञ डॉ. निमिषा ने पोषण के महत्व पर चर्चा की. उन्होंने बताया कि मिलेट्स से शरीर को जरूरी पोषक तत्व मिलते हैं. महिलाओं के स्वास्थ्य के लिए संतुलित आहार जरूरी है.
रिलायंस एग्रीकल्चर के प्रतिनिधि नितिन सारस्वत ने बताया कि रासायनिक उर्वरकों के अधिक उपयोग से मिट्टी खराब हो रही है. उन्होंने जैविक उत्पादों के उपयोग की सलाह दी, जिससे मिट्टी की उर्वरता बढ़ती है.
चंबल फर्टिलाइजर लिमिटेड के सागर कंबोज ने माइक्रो राजा और उत्तम प्रणाम उत्पादों के फायदे बताए. उन्होंने कहा कि इनके उपयोग से उत्पादन बढ़ता है.
जे के टायर के विशाल सिंह ने ‘श्रेष्ठ’ टायर की जानकारी दी. उन्होंने बताया कि यह टायर किसानों के लिए खास तौर पर बनाया गया है, जिससे खेतों में बेहतर पकड़ मिलती है.
इस किसान कारवां को सफल बनाने में जेके टायर, चंबल फर्टिलाइजर, रिलायंस एग्रो ग्रुप और इफको का सहयोग रहा. उत्तर प्रदेश सरकार की भी इसमें भागीदारी रही.
कार्यक्रम के अंत में लकी ड्रॉ रखा गया, जिसमें किसानों को पुरस्कार दिए गए. 500 रुपये के 10 पुरस्कार, 2000 रुपये का द्वितीय और 3000 रुपये का प्रथम पुरस्कार दिया गया. रामसेवक पटेल ने द्वितीय और सुषमा कुमारी ने प्रथम पुरस्कार जीता.
ये भी पढ़ें:
गुजरात के किसान का कमाल: एक ही पेड़ पर उगाए 80 किस्म के आम, इस तकनीक से मिली मदद
FMD Disease: गाय-भैंस को नहीं होगी जानलेवा खुरपका-मुंहपका बीमारी, करने होंगे ये काम