
अमेरिका-भारत ट्रेड डील पर केंद्रीय वाणिज्य मंत्री पीयूष गोयल ने सरकार का पक्ष बताया है. दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में गोयल ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के हितों को प्राथमिकता दी है. गोयल ने कहा कि इस डील से किसान, मछुआरे और डेयरी क्षेत्र को बहुत फायदा होगा. इस डील से हर क्षेत्र के लोग उत्साहित होंगे. कृषि और डेयरी क्षेत्र के हितों को इस डील में आगे रखा गया है. इस डील की मदद से भारतीय कारोबारी अमेरिका में अपना सामान बेच पाएंगे. गोयल ने कहा कि इस ट्रेड डील में देश के किसानों के हितों को पूरी तरह से सुरक्षित रखा गया है. इस डील से देश के हर वर्ग को फायदा होगा.
पीयूष गोयल ने कहा, मोदी जी ने एक बहुत ही बढ़िया ट्रेड डील को संपन्न किया है. एक बहुत मजबूत देश में चार चांद लगाने वाला डील किया है. इस डील से हमारी बहनों, किसानों के मदद करेगा. हम बोलना तो संसद में चाह रहे थे, लेकिन हम सब ने देखा राहुल गांधी ने संसद में कितना भद्दा व्यवहार किया. जो डील हमें मिली है वो बेहतरीन है. महीनों से हमारी टीम अमेरिका की टीम के साथ बातचीत कर रही थी.
वाणिज्य मंत्री ने कहा कि मोदी जी ने अपनी मित्रता से भारत को एक बेहतरीन डील दिलवाई है. RCEP जिसमें कांग्रेस ने भारत को झोंक दिया था, उससे प्रधानमंत्री ने भारत को बचाया. प्रधानमंत्री ने कृषि और डेयरी दोनों को बचाया है. US ट्रेड डील में भी कृषि और डेयरी दोनों को बचाया गया है.
पीयूष गोयल ने कहा कि इस ट्रेड डील से MSMEs, IT, टेक्सटाइल, लेदर गुड्स सभी को बहुत मदद मिलेगी. दोनों देश जल्द ही एक जॉइंट स्टेटमेंट जारी करेंगे. टेक्निकल डिटेल्स फाइनल होने के बाद हम सारी डिटेल्स देंगे. गोयल ने कहा, डील को फाइनल टच दिया जा रहा है. यह सच में एक ऐसी डील है जिस पर हर भारतीय गर्व कर सकता है.
ट्रेड डील को लेकर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का भी बयान आया है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी टैरिफ में 50% से 18% की कमी बहुत अच्छी खबर है. उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के बाद भारत का एक्सपोर्ट बढ़ेगा.
इससे पहले, वित्त मंत्रालय में डिपार्टमेंट ऑफ रेवेन्यू के सेक्रेटरी अरविंद श्रीवास्तव ने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील दुनिया की दो सबसे बड़ी इकोनॉमी के बीच ट्रेड को और बढ़ाएगी और गहरा करेगी. इससे अमेरिकी मार्केट में हमारे लेबर-इंटेंसिव और मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर के लिए ज्यादा मौके बनेंगे और हाई और एडवांस्ड टेक्नोलॉजी सेक्टर में आपसी फायदे वाले सहयोग को बढ़ावा मिलेगा.
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने घोषणा की है कि भारत और अमेरिका के बीच ट्रेड डील पर सहमति बन गई है, जिसके तहत भारत पर लगाया गया टैरिफ अब घटकर 18 प्रतिशत रह जाएगा. ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत ने रूस से कच्चा तेल नहीं खरीदने पर सहमति जताई है और आगे से अमेरिका के साथ-साथ वेनेजुएला से भी तेल आयात करेगा. रूस से तेल खरीदने के कारण भारत पर लगाए गए 25 प्रतिशत पेनल्टी टैरिफ को अब अमेरिका ने वापस ले लिया है.
हालांकि, ट्रंप ने यह दावा भी किया है कि इस ट्रेड डील के तहत भारत कुछ अमेरिकी उत्पादों पर शून्य टैरिफ लागू करेगा, लेकिन फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि किन-किन उत्पादों को इस दायरे में रखा जाएगा. वर्तमान में कई अमेरिकी उत्पाद ऐसे हैं जिन पर भारत में 100 से 150 प्रतिशत तक आयात शुल्क लगता है.
इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारों की प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. विशेषज्ञों का कहना है कि डील के कई अहम पहलुओं का अभी खुलासा नहीं हुआ है, जिससे कुछ सेक्टर्स, खासकर भारतीय ऊर्जा और कृषि क्षेत्र पर नकारात्मक असर पड़ने की आशंका जताई जा रही है. हालांकि आधिकारिक दस्तावेज अभी अंतिम रूप में नहीं आए हैं, लेकिन टैरिफ घटकर 18 प्रतिशत होने को टेक्सटाइल और जेम्स एंड ज्वेलरी सेक्टर के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है. इसके साथ ही विशेषज्ञ चेतावनी दे रहे हैं कि इस समझौते में कृषि क्षेत्र को सबसे ज्यादा नुकसान उठाना पड़ सकता है.
पिछले टैरिफ बढ़ोतरी के दौर में भारत के अमेरिका को होने वाले निर्यात में गिरावट दर्ज की गई थी. आंकड़ों के मुताबिक, अगस्त में जहां भारत का निर्यात 6.86 अरब डॉलर था, वह अक्टूबर में घटकर 6.30 अरब डॉलर रह गया. वहीं इसी अवधि में अमेरिका से भारत का आयात बढ़कर 3.60 अरब डॉलर से 4.84 अरब डॉलर हो गया.(ऐश्वर्या पालीवाल का इनपुट)