
तेलंगाना सरकार खाद्य पदार्थों और दवाओं में बढ़ती मिलावट पर लगाम लगाने के लिए सख्त कानून लाने की तैयारी कर रही है. मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि मिलावट रोकने के लिए व्यापक और कड़े कानूनी प्रावधान तैयार किए जाएं. इसके लिए पहले अन्य देशों के प्रभावी कानूनों और व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा, फिर विधानसभा में चर्चा और जनता की राय लेने के बाद विधेयक तैयार किया जाएगा.
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने तेलंगाना फूड एडल्टरेशन एंड ड्रग कंट्रोल एक्ट (TGFADCA) की समीक्षा बैठक में कहा कि सब्जियों, फलों, दूध और अन्य खाद्य उत्पादों में मिलावट के कारण लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि पत्तेदार सब्जियों, सामान्य सब्जियों और दूध की शेल्फ लाइफ बढ़ाने के लिए रसायनों का अंधाधुंध इस्तेमाल किया जा रहा है, जबकि फलों को कृत्रिम तरीके से पकाया जा रहा है. इससे लोगों में विभिन्न स्वास्थ्य समस्याएं बढ़ रही हैं.
मुख्यमंत्री ने कहा कि फसलों में उर्वरकों और कीटनाशकों के अत्यधिक इस्तेमाल के कारण बचने वाले रासायनिक अवशेष भी चिंता का विषय हैं. यही एक बड़ा कारण हो सकता है कि कई विदेशी देश ऐसे कृषि उत्पादों के इंपोर्ट से इनकार कर देते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि बाजार में कई उत्पाद 'ऑर्गेनिक' के नाम पर ऊंचे दामों में बेचे जा रहे हैं, लेकिन उनकी वास्तविकता की जांच के लिए फिलहाल कोई प्रभावी व्यवस्था मौजूद नहीं है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उन देशों का दौरा करें, जहां मिलावट रोकने के लिए सख्त और व्यापक कानून प्रभावी ढंग से लागू हैं. वहां की व्यवस्थाओं का अध्ययन कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार की जाए. इसी रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार नया कानून तैयार करेगी. उन्होंने कहा कि विधेयक को विधानसभा में चर्चा के लिए रखा जाएगा और आम लोगों की राय भी इसमें शामिल की जाएगी.
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी ने निर्देश दिया कि मिलावट रोकने के उपायों को शुरुआती चरण में CURE क्षेत्र में पायलट परियोजना के रूप में लागू किया जाए. उन्होंने कहा कि क्रियान्वयन के दौरान सामने आने वाली कमियों और चुनौतियों का आकलन कर आगे की रणनीति बनाई जाए, ताकि पूरे राज्य में प्रभावी व्यवस्था लागू की जा सके.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मिलावट से जुड़ी शिकायतें दर्ज कराने के लिए टोल-फ्री नंबर शुरू करने के निर्देश दिए. साथ ही व्हिसलब्लोअर की नियुक्ति करने को भी कहा, ताकि मिलावट से संबंधित मामलों की सूचना समय पर मिल सके और दोषियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की जा सके.
समीक्षा बैठक में राज्य के मुख्य सचिव संजय जाजू, पुलिस महानिदेशक सी. वी. आनंद, मुख्यमंत्री के सलाहकार एवं पदेन विशेष मुख्य सचिव के. रामकृष्ण राव, मुख्यमंत्री के प्रधान सचिव वी. शेषाद्रि, एन. श्रीधर तथा विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. (अब्दुल बशीर की रिपोर्ट)