
तेलंगाना में इस बार मॉनसून की कमजोर बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. राज्य में सामान्य से करीब 40 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे खेती, सिंचाई और पीने की पानी पर असर पड़ने लगा है. ऐसे में इस हालात को देखते हुए राज्य सरकार ने केंद्र सरकार से विशेष टीम भेजकर जमीनी स्थिति का आकलन करने और आर्थिक सहायता देने की मांग करने का फैसला किया है.
मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी की अध्यक्षता में हुई राज्य कैबिनेट की बैठक में सूखे जैसे हालात पर विस्तार से चर्चा की गई. बैठक के बाद सूचना और जनसंपर्क मंत्री पोंगूलेटी श्रीनिवास रेड्डी ने बताया कि कम बारिश के कारण कई इलाकों में खरीफ फसलों की बुवाई और बढ़वार प्रभावित हो रही है. अगर आने वाले दिनों में अच्छी बारिश नहीं हुई, तो किसानों को भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है.
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे पीने के पानी, सिंचाई, बिजली आपूर्ति और खेती को लेकर तुरंत वैकल्पिक कार्ययोजना तैयार करें. सरकार चाहती है कि किसी भी स्थिति में किसानों और आम लोगों को जरूरी सुविधाओं की कमी का सामना न करना पड़े. वहीं, राज्य सरकार ने किसानों से भी अपील की है कि वे इस बार कम पानी में तैयार होने वाली फसलों की खेती को प्राथमिकता दें. इससे पानी की बचत होगी और कम बारिश की स्थिति में भी फसल खराब होने का खतरा कम रहेगा. कृषि विभाग किसानों को ऐसी फसलों के बारे में जानकारी और तकनीकी सलाह भी देगा.
कैबिनेट ने यह भी फैसला किया है कि राज्य योजना बोर्ड के उपाध्यक्ष जी. चिन्ना रेड्डी की अध्यक्षता में एक समिति बनाई जाएगी, जो अल नीनो के कारण कम हुई बारिश के प्रभाव का अध्ययन करेगी. यह समिति अपनी रिपोर्ट के आधार पर सरकार को आगे की रणनीति सुझाएगी. इसके अलावा सभी जिलों के प्रभारी मंत्रियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों के साथ बैठक कर अपने-अपने क्षेत्रों में पानी की उपलब्धता, फसलों की स्थिति और किसानों की समस्याओं की समीक्षा करें. जरूरत के अनुसार राहत और अन्य जरूरी कदम भी उठाए जाएंगे.
कैबिनेट बैठक में खेती के अलावा कुछ अन्य महत्वपूर्ण फैसले भी लिए गए, जिसमें सरकार ने पूर्ववर्ती बीआरएस सरकार के समय शुरू किए गए 'धरणी' पोर्टल और वर्तमान 'भू भारती' पोर्टल के माध्यम से हुए जमीन के लेनदेन की जांच के लिए विशेष जांच टीम (SET) गठित करने का निर्णय लिया है. साथ ही तेलंगाना नगर पालिका अधिनियम, 2019 में संशोधन कर नगर निगमों में चुने गए ट्रांसजेंडर प्रतिनिधियों को शामिल करने का भी फैसला लिया गया. (PTI)