
उत्तर प्रदेश के बागवानी मंत्री दिनेश प्रताप सिंह ने बताया कि अमोनिया गैस की सप्लाई रुकने से पैदा हुआ बड़ा संकट अब टल गया है और कोल्ड स्टोरेज में भंडारित आलू सुरक्षित है. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के त्वरित हस्तक्षेप से गैस आपूर्ति बहाल कर दी गई, जिससे लाखों किसानों को राहत मिली है. मंत्री ने कहा कि इस वर्ष प्रदेश में आलू की फसल अच्छी हुई और बड़ी मात्रा में उपज को कोल्ड स्टोरेज में रखा गया है. किसानों ने अपनी उपज का बड़ा हिस्सा भंडारित कर दिया था.
इसी दौरान उर्वरक कंपनियों की ओर से अमोनिया गैस की सप्लाई बाधित हो गई, जिससे कोल्ड स्टोरेज संचालन पर असर पड़ा और आलू के खराब होने का खतरा बढ़ गया. उन्होंने बताया कि अमोनिया गैस कोल्ड स्टोरेज के लिए बेहद जरूरी होती है और इसकी कमी से कुछ ही दिनों में आलू सड़ सकता है. स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पहले राज्य स्तर पर समाधान की कोशिश की गई, लेकिन विकल्प नहीं मिलने पर केंद्र सरकार से तुरंत संपर्क किया गया.
दिनेश प्रताप सिंह ने कहा कि उर्वरक एवं रसायन मंत्रालय और पेट्रोलियम मंत्रालय के बीच समन्वय कर तेजी से निर्णय लिया गया. उर्वरक कंपनियों को निर्देश दिए गए कि कोल्ड स्टोरेज को आवश्यक अमोनिया गैस की सप्लाई हर हाल में जारी रखी जाए. इसके बाद गैस की आपूर्ति बहाल कर दी गई और संभावित नुकसान टल गया.
मंत्री ने कहा कि समय पर उठाए गए इस कदम से प्रदेश के लाखों किसान और हजारों कोल्ड स्टोरेज संचालक लाभान्वित हुए हैं. उन्होंने केंद्र सरकार के त्वरित निर्णय के लिए आभार भी जताया. उन्होंने बताया कि राज्य में आलू के भंडारण और मार्केटिंग की निगरानी के लिए पोटैटो कंट्रोल रूम भी बनाया गया है. यह व्यवस्था किसानों की समस्याओं के समाधान और बाजार में कीमतों को संतुलित रखने में मदद करेगी.
आंकड़ों के अनुसार, इस वर्ष आलू का उत्पादन 225 से 230 लाख मीट्रिक टन के बीच रहने का अनुमान है. पिछले साल के मुकाबले इसमें कुछ कमी संभव है, लेकिन भंडारण क्षमता पर्याप्त है और किसी तरह की कमी नहीं है. बाजार भाव की बात करें तो अच्छे ग्रेड के आलू का थोक मूल्य करीब 825 से 848 रुपये प्रति क्विंटल है, जबकि खुदरा बाजार में यह 14 से 16 रुपये प्रति किलो बिक रहा है.
वहीं, सामान्य श्रेणी के आलू का थोक भाव 600 से 700 रुपये प्रति क्विंटल और खुदरा मूल्य 10 से 13 रुपये प्रति किलो के आसपास है. मंत्री ने बताया कि प्रदेश से बाहर भी आलू की आपूर्ति जारी है. बिहार, ओडिशा, झारखंड, दिल्ली, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और नेपाल तक करीब दो लाख मीट्रिक टन आलू भेजा जा चुका है. उन्होंने कहा कि अमोनिया संकट के बावजूद अब स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसानों की उपज सुरक्षित है. समय पर लिए गए फैसलों से प्रदेश में आलू का भंडारण और सप्लाई सामान्य बनी हुई है.