
भारत के लिए यह एक बेहद फख्र की बात है. संयुक्त राष्ट्र (UN) की संस्था खाद्य और कृषि संगठन (FAO) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को अपने सबसे बड़े सम्मान ‘एग्रीकोला मेडल’ (Agricola Medal) से नवाजा है. रोम में मौजूद एफएओ के हेडक्वार्टर में आयोजित एक बेहद गरिमामयी समारोह के दौरान, एफएओ के महानिदेशक डॉ. क्यू डोंग्यु ने खुद पीएम मोदी को यह मेडल सौंपकर सम्मानित किया. पीएम मोदी को बधाई देते हुए एफएओ प्रमुख ने कहा कि यह सम्मान उनके उस बेमिसाल योगदान के लिए है, जिसने भारत में न सिर्फ खेती-किसानी की सूरत बदली, बल्कि पूरी दुनिया के सामने खाद्य सुरक्षा की एक नई मिसाल पेश की. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार की नीतियों ने भुखमरी और गरीबी के खिलाफ जंग लड़ने, सबको राशन पहुंचाने और संयुक्त राष्ट्र के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स को पूरा करने में बहुत बड़ी भूमिका निभाई है.
समारोह के दौरान FAO प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन की जमकर तारीफ की. उन्होंने कहा कि भारत ने किसानों की भलाई और नई टेक्नोलॉजी को मिलाकर अपने कृषि क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया है. भारत की योजनाओं के पैमाने और उनके असर को उन्होंने 'असाधारण' करार दिया. समारोह के दौरान FAO प्रमुख ने प्रधानमंत्री मोदी के विजन की जमकर तारीफ करते हुए कहा कि भारत ने किसानों की भलाई और नई टेक्नोलॉजी को मिलाकर अपने कृषि क्षेत्र में एक बहुत बड़ा और सकारात्मक बदलाव किया है, जिसके तहत कोरोना महामारी के बेहद मुश्किल दौर में देश के 80 करोड़ से ज्यादा लोगों तक मुफ्त राशन पहुंचाकर एक रिकॉर्ड बनाया गया. 'पीएम किसान सम्मान निधि' जैसी योजनाओं के जरिए 11 करोड़ से भी ज्यादा किसानों के बैंक खातों में सीधे आर्थिक मदद पहुंचाई गई, और डिजिटल पब्लिक इंफ्रास्ट्रक्चर (DPI) को इस तरह शामिल किया गया कि छोटे से छोटे किसान के लिए भी सरकारी मदद और जानकारियां पाना बेहद आसान हो गया; यही वजह है कि उन्होंने भारत की इन किसान-केंद्रित और नवाचार आधारित योजनाओं के पैमाने और उनके असर को 'असाधारण' करार दिया.
इस ऐतिहासिक मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेहद विनम्रता के साथ इस सम्मान को देश के नाम कर दिया. पीएम मोदी ने कहा, “यह मेडल सिर्फ मेरा नहीं, बल्कि भारत के करोड़ों किसानों, पशुपालकों, कृषि वैज्ञानिकों और दिन-रात खेतों में पसीना बहाने वाले मजदूरों का सम्मान है. उनके हौसले और मेहनत की बदौलत ही आज भारत कृषि के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बना है." पीएम मोदी ने आगे कहा कि भारत के लिए खाद्य सुरक्षा (Food Security) केवल एक सरकारी नीति या कागजी मामला नहीं है, बल्कि यह पूरी इंसानियत के प्रति हमारी एक बड़ी जिम्मेदारी है. उन्होंने दुनिया को बताया कि आज भारतीय कृषि में ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर जैसी आधुनिक तकनीकों का इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ रहा है.
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने साफ किया कि भारत लगातार एक ऐसा एग्रीकल्चरल इकोसिस्टम तैयार कर रहा है, जो क्लाइमेट चेंज के थपेड़ों को सह सके और आने वाले कल की जरूरतों को पूरा कर सके. देश में साइंटिफिक और मॉडर्न फार्मिंग को बढ़ावा देने के लिए सरकार पूरी ताकत के साथ ‘मिशन मोड’ में काम कर रही है. पीएम मोदी ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि अब वक्त बदल चुका है. उन्होंने कहा, “खेती का भविष्य सिर्फ इस बात पर निर्भर नहीं करता कि हम कितना ज्यादा उत्पादन कर रहे हैं, बल्कि इस बात पर निर्भर करता है कि हम कितना बेहतर उत्पादन (Quality Production) कर रहे हैं.” आज टेक्नोलॉजी भारतीय कृषि की सबसे बड़ी ताकत बनकर उभर रही है.
प्रधानमंत्री मोदी ने FAO के साथ भारत के मजबूत रिश्तों का जिक्र करते हुए कहा कि दोनों के साझा प्रयासों से आज पूरी दुनिया ने 'मिलेट्स' (मोटे अनाज या श्री अन्न) की ताकत और अहमियत को नए सिरे से पहचाना है. भारत की पहल पर ही संयुक्त राष्ट्र ने 'इंटरनेशनल ईयर ऑफ मिलेट्स' मनाया था. पीएम मोदी ने कहा कि भारत के किसान मिलेट्स की खेती के जरिए न सिर्फ लोगों के पोषण (Nutrition) की चिंता कर रहे हैं, बल्कि कम पानी में उगने वाली इस फसल के जरिए पर्यावरण की भी सबसे बड़ी सेवा कर रहे हैं. इसके साथ ही, भारत सरकार केमिकल-मुक्त खेती, यानी प्राकृतिक और पुनर्योजी खेती (Regenerative Farming) को बड़े पैमाने पर बढ़ावा दे रही है. मिट्टी की सेहत सुधारने और इंसानों को बीमारियों से बचाने के इस भारतीय प्रयास को आज पूरी दुनिया में सराहा जा रहा है.
FAO के महानिदेशक डॉ. क्यू डोंग्यु ने भारत की G20 अध्यक्षता के दौर को भी याद किया. उन्होंने कहा कि भारत ने अपनी G20 प्रेसिडेंसी के दौरान डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को 'ग्लोबल पब्लिक गुड' के रूप में पेश करके एक ऐतिहासिक काम किया. भारत की इस पहल से दुनिया के दूसरे विकासशील और गरीब देशों को भी डिजिटल टेक्नोलॉजी का फायदा उठाने और अपनी व्यवस्था को बेहतर बनाने में बड़ी मदद मिलेगी. FAO की रिपोर्ट के मुताबिक, मोदी सरकार के इन तमाम क्रांतिकारी और जमीनी प्रयासों का ही नतीजा है कि बीते कुछ सालों में भारत के लाखों-करोड़ों लोगों को गरीबी के दलदल से बाहर निकलने में कामयाबी मिली है. संयुक्त राष्ट्र की इस संस्था ने साफ शब्दों में माना कि पीएम मोदी का दूरदर्शी नेतृत्व और उनकी नीतियां ही भारत के कृषि और खाद्य तंत्र में बड़े बदलाव और ऐतिहासिक सुधार की असली वजह हैं.
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