Nipah virus alert: फल खाने से पहले जान लें ये बात, वरना जा सकती है जान

Nipah virus alert: फल खाने से पहले जान लें ये बात, वरना जा सकती है जान

भारत में निपाह वायरस के दो मामले सामने आने के बाद WHO ने चेतावनी जारी की है. निपाह वायरस एक दुर्लभ लेकिन बहुत खतरनाक बीमारी है जो मुख्य रूप से फ्रूट बैट्स से फैलती है और एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में भी फैल सकती है. इसकी मृत्यु दर 40% से 75% है. वायरस के लक्षण शुरुआत में फ्लू जैसे लक्षणों से लेकर दिमाग और फेफड़ों पर गंभीर असर तक हो सकते हैं.

क्या है निपाह वायरस?क्या है निपाह वायरस?
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 03, 2026,
  • Updated Feb 03, 2026, 3:44 PM IST

हाल के दिनों में एक बीमारी की चर्चा हो रही है, जिसका नाम निपाह वायरस है. यह बीमारी बहुत कम लोगों को होती है, लेकिन अगर हो जाए तो बहुत खतरनाक हो सकती है. वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (WHO) ने बताया है कि भारत में दिसंबर 2025 के बाद इसके सिर्फ दो मामले मिले हैं और अभी देश में इसके फैलने का खतरा कम है.

निपाह वायरस क्या होता है?

निपाह वायरस एक बीमारी फैलाने वाला वायरस है. यह बीमारी सबसे पहले मलेशिया के निपाह गांव में मिली थी, इसलिए इसका नाम निपाह पड़ा. यह वायरस ज़्यादातर फल खाने वाले चमगादड़ों से फैलता है.

निपाह वायरस कैसे फैलता है?

निपाह वायरस इन तरीकों से फैल सकता है:

  • अगर कोई इंसान ऐसे फल खा ले, जिन पर चमगादड़ की लार या पेशाब लगा हो
  • अगर कोई कच्चा खजूर का रस पी ले
  • कभी-कभी यह बीमारी एक इंसान से दूसरे इंसान को भी हो सकती है, खासकर बहुत पास रहने पर

निपाह वायरस के लक्षण क्या होते हैं?

इस बीमारी के लक्षण 4 से 14 दिन में दिखते हैं.

शुरुआत में होने वाले लक्षण:

  • तेज बुखार
  • सिर दर्द
  • गले में दर्द
  • शरीर दर्द
  • बहुत थकान
  • खांसी
  • सांस लेने में दिक्कत

बीमारी बढ़ने पर:

  • दिमाग ठीक से काम न करना
  • बहुत नींद आना
  • दौरे पड़ना
  • दिमाग में सूजन
  • बेहोशी (कोमा)

कई बार बीमारी बहुत तेज़ी से बढ़ जाती है.

निपाह वायरस इतना खतरनाक क्यों है?

  • इस बीमारी में हर 10 में से 4 से 7 लोग ठीक नहीं हो पाते.
  • यह वायरस दिमाग और सांस से जुड़े हिस्सों पर असर डालता है.
  • जो लोग बच जाते हैं, उन्हें भी लंबे समय तक कमज़ोरी और थकान रह सकती है.

निपाह वायरस की जांच कैसे होती है?

  • डॉक्टर खून की जांच करके पता लगाते हैं कि किसी को निपाह वायरस है या नहीं.
  • खास टेस्ट से वायरस की पहचान की जाती है.

निपाह वायरस का इलाज है या नहीं?

अभी तक निपाह वायरस की कोई वैक्सीन या पक्की दवा नहीं है.

डॉक्टर मरीज को सहारा देने वाला इलाज करते हैं, जैसे:

  • सांस लेने में मदद
  • बुखार और दर्द कम करना

एक दवा रिबाविरिन कुछ मामलों में मदद कर सकती है, लेकिन यह पूरी तरह साबित नहीं है.

निपाह वायरस से कैसे बचा जाए?

  • जमीन पर गिरे फल ना खाएं
  • फल को अच्छी तरह धोकर खाएं
  • कच्चा खजूर का रस न पिएं
  • बीमार व्यक्ति से दूरी रखें
  • साफ-सफाई का ध्यान रखें
  • सावधानी ही सबसे बड़ा इलाज है.

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