
महाराष्ट्र के सूखा प्रभावित किसानों के लिए राहत की खबर है. राज्य सरकार ने कम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान का तत्काल सर्वे कराने का फैसला किया है. सर्वे के आधार पर प्रभावित किसानों को सरकारी नियमों के तहत आर्थिक सहायता और मुआवजा दिया जाएगा.
राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने गुरुवार को नागपुर में पत्रकारों से बातचीत करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने प्रशासन और मुख्य सचिव को निर्देश दिए हैं कि जिन क्षेत्रों में बारिश की कमी के कारण फसलें खराब हुई हैं, वहां तुरंत सर्वे कराया जाए.
बावनकुले ने बताया कि राजस्व विभाग, कृषि विभाग और ग्रामीण विकास विभाग संयुक्त रूप से प्रभावित क्षेत्रों का सर्वे करेंगे. इस दौरान उन इलाकों का विशेष आकलन किया जाएगा जहां लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण फसलें सूख गई हैं या मुरझा रही हैं.
उन्होंने कहा कि सर्वे पूरा होने के बाद सरकारी मानकों के अनुसार नुकसान का मूल्यांकन किया जाएगा और उसी आधार पर किसानों को सहायता दी जाएगी.
महाराष्ट्र के कई हिस्सों में इस समय बारिश का संकट बना हुआ है. खासकर मराठवाड़ा क्षेत्र के आठ जिलों में हालात गंभीर बताए जा रहे हैं. क्षेत्र में लंबे समय से बारिश नहीं होने के कारण खरीफ फसलें प्रभावित हुई हैं और किसानों की चिंता बढ़ गई है.
सूखा प्रभावित इलाकों में कपास, सोयाबीन, मक्का और दालों की फसलें सबसे ज्यादा प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं. कई किसान फसलों के सूखने से आर्थिक संकट का सामना कर रहे हैं.
राजस्व मंत्री ने बताया कि मुख्यमंत्री ने बुधवार को हुई राज्य मंत्रिमंडल की बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रभावित किसानों को राहत पहुंचाने के लिए तत्काल कार्रवाई की जाए. इसी के तहत अब फसल नुकसान का व्यापक सर्वे शुरू किया जाएगा.
सरकार का मानना है कि वास्तविक नुकसान का आकलन होने के बाद राहत वितरण की प्रक्रिया को तेज किया जा सकेगा.
बावनकुले ने अमरावती जिला महिला अस्पताल के नवजात शिशु गहन चिकित्सा इकाई (NICU) में पिछले महीने हुई आग की घटना पर भी प्रतिक्रिया दी. उन्होंने कहा कि दोषियों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी और मामले की गहराई से जांच की जा रही है.
राज्य सरकार द्वारा गठित 10 सदस्यीय जांच समिति अपनी रिपोर्ट सौंप चुकी है. प्रारंभिक जांच के आधार पर कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों को निलंबित भी किया गया है. मंत्री ने कहा कि मामले को यहीं समाप्त नहीं किया जाएगा और घटना के मूल कारणों तक पहुंचने के लिए विस्तृत जांच जारी है.
गौरतलब है कि 24 अगस्त को अमरावती के जिला महिला अस्पताल के NICU में आग लगने से तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई थी, जबकि 36 बच्चों को सुरक्षित बचा लिया गया था. इस मामले में राज्य सरकार ने चार अधिकारियों और एक तकनीशियन को निलंबित करने के आदेश दिए हैं.
सरकारी जमीनों पर अतिक्रमण के सवाल पर बावनकुले ने कहा कि राज्य सरकार भविष्य में सरकारी जमीनों पर कब्जे और दुरुपयोग को रोकने के लिए ठोस उपायों पर विचार कर रही है.
उन्होंने यह भी कहा कि मराठवाड़ा में मराठा समुदाय के आवेदकों को कुंभी जाति प्रमाणपत्र देने के लिए लगाए जा रहे शिविर सरकार की नीति के अनुरूप हैं और सभी प्रमाणपत्र निर्धारित नियमों के तहत ही जारी किए जा रहे हैं.
शक्तिपीठ हाईवे परियोजना की लागत को लेकर उठे सवालों पर मंत्री ने कहा कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण में भूमि समतलीकरण, मिट्टी, मुरूम और आधारभूत ढांचे से जुड़े कई काम शामिल होते हैं. इसी वजह से विभिन्न परियोजनाओं की लागत अलग-अलग हो सकती है.
उन्होंने दावा किया कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने परियोजना की लागत तय करते समय सरकारी धन के दुरुपयोग को रोकने पर विशेष ध्यान दिया है. बावनकुले ने कहा कि इस परियोजना में किसी भी प्रकार का भ्रष्टाचार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा.(PTI)