
पश्चिम बंगाल सरकार ने जूट मिलों के कर्मचारियों के लिए बड़ा फैसला लिया है. राज्य के श्रम मंत्री अर्जुन सिंह ने सभी जूट मिलों के प्रबंधन को निर्देश दिया है कि कर्मचारियों को दुर्गा पूजा से पहले सितंबर के अंत तक बोनस का भुगतान कर दिया जाए. सरकार ने मिल मालिकों से कहा है कि मौजूदा कानून और वर्षों से चली आ रही परंपरा के अनुसार कर्मचारियों को समय पर बोनस दिया जाए. यह फैसला श्रम विभाग की ओर से बुलाई गई एक अहम बैठक में लिया गया. बैठक में जूट उद्योग से जुड़ी 23 केंद्रीय और राज्य स्तर की ट्रेड यूनियनों, इंडियन जूट मिल्स एसोसिएशन (IJMA), गैर-IJMA जूट मिलों और कई वरिष्ठ अधिकारियों के प्रतिनिधि शामिल हुए. बैठक का मुख्य उद्देश्य जूट उद्योग से जुड़े कर्मचारियों और मिलों की समस्याओं पर चर्चा करना था.
बैठक के दौरान श्रम मंत्री ने ट्रेड यूनियनों को भरोसा दिलाया कि कर्मचारियों से जुड़े दूसरे महत्वपूर्ण मुद्दों पर दुर्गा पूजा के बाद विस्तार से बातचीत की जाएगी. इनमें भविष्य के वर्षों में बोनस, पूरे जूट उद्योग के लिए नया समझौता और अन्य लंबित मांगें शामिल हैं. मंत्री ने ट्रेड यूनियनों से जूट मिलों को सुचारू रूप से चलाने में सहयोग करने की अपील भी की. सरकार का कहना है कि जूट उद्योग को मजबूत करने के लिए कर्मचारियों, मिल मालिकों और ट्रेड यूनियनों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है.
बैठक में जूट उद्योग से जुड़े मामलों में केंद्र और राज्य के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी जोर दिया गया. मंत्री अर्जुन सिंह ने बताया कि केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय जूट से जुड़े मामलों में पश्चिम बंगाल श्रम विभाग के अधिकारियों को शामिल करने पर सहमत हुआ है. इन मामलों को जूट कमिश्नर कार्यालय (JCO), जूट कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (JCI), नेशनल जूट बोर्ड और दूसरी केंद्रीय एजेंसियां देखती हैं. बैठक में मौजूद सूत्रों के मुताबिक, अब जूट सेक्टर से जुड़े महत्वपूर्ण फैसले पश्चिम बंगाल सरकार से सलाह-मशविरा करके लिए जाएंगे.
श्रम मंत्री ने कहा कि वह जूट किसानों, जूट मिल कर्मचारियों, मिल प्रबंधन और ट्रेड यूनियनों की समस्याओं को केंद्र सरकार के सामने रखने के लिए एक प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करेंगे. इसके लिए केंद्रीय कपड़ा मंत्रालय के साथ बातचीत की जाएगी. इसके अलावा जूट उद्योग को फिर से पूरी तरह पटरी पर लाने के लिए एक छोटा वर्किंग ग्रुप बनाने की बात भी कही गई है. इसमें जूट उद्योग से जुड़े अलग-अलग पक्षों के प्रतिनिधियों को शामिल किया जाएगा. मंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य राज्य की हर जूट मिल को उसकी पूरी क्षमता के साथ चलाना है. इससे जूट उद्योग को मजबूती मिलने के साथ कर्मचारियों और जूट किसानों को भी फायदा मिलने की उम्मीद है. (PTI)