मार्च 2027 तक 300 कृषि विज्ञान केंद्र होंगे अपग्रेड, कृषि मंत्री चौहान बोले- राज्‍यों का सहयोग जरूरी

मार्च 2027 तक 300 कृषि विज्ञान केंद्र होंगे अपग्रेड, कृषि मंत्री चौहान बोले- राज्‍यों का सहयोग जरूरी

केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को मजबूत बनाने के वर्कप्लान की समीक्षा की. सरकार ने 2027 तक 300 प्राथमिकता वाले KVK के बुनियादी ढांचे को अपग्रेड करने और दिसंबर 2028 तक सभी KVK में इनक्यूबेशन-सह-कौशल केंद्र बनाने का लक्ष्य रखा है.

Shivraj Singh ChouhanShivraj Singh Chouhan
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Sep 08, 2026,
  • Updated Sep 08, 2026, 2:09 PM IST

केंद्र सरकार देशभर के कृषि विज्ञान केंद्रों (KVK) को मजबूत और आधुनिक बनाने की तैयारी में जुटी है. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण और ग्रामीण विकास मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने 7 सितंबर को नई दिल्ली में KVK को मजबूत करने के वर्कप्लान की समीक्षा की. बैठक में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री भागीरथ चौधरी, कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग (डीएआरई) के सचिव और भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद (आईसीएआर) के महानिदेशक डॉ. मंगी लाल जाट और कृषि मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे. बैठक में राज्यों की भागीदारी बढ़ाने, KVK का बुनियादी ढांचा सुधारने, कर्मचारियों की कमी दूर करने और समय पर फंड उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया.

सरकार ने मार्च 2027 तक प्राथमिकता वाले 300 कृषि विज्ञान केंद्रों के बुनियादी ढांचे और लॉजिस्टिक्स को अपग्रेड करने का लक्ष्य रखा है. केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस लक्ष्य को तय समय में पूरा करने के लिए राज्य सरकारों का सक्रिय सहयोग जरूरी है. कई राज्यों ने अपने कृषि विश्वविद्यालयों के जरिए इस दिशा में काम शुरू कर दिया है. महाराष्ट्र, गुजरात, गोवा और छत्तीसगढ़ ने विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (डीपीआर) भी जमा कर दी है.

2028 तक सभी KVK में बनेंगे नए केंद्र

बैठक में दिसंबर 2028 तक सभी KVK में इनक्यूबेशन-सह-कौशल केंद्र स्थापित करने के काम की भी समीक्षा की गई. इसके लिए KVK को कृषि आधारित कारोबार, तकनीकी साझेदार संस्थानों और जिले में मौजूद कृषि अवसरों से जोड़ा जा रहा है. राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए KVK के हिसाब से योजनाएं तैयार की जा रही हैं, जिससे फंड और काम को सही तरीके से आगे बढ़ाया जा सके.

कर्मचारियों के वेतन और भर्ती पर भी जोर

बैठक में KVK कर्मचारियों से जुड़े सुधारों पर भी चर्चा हुई. कर्मचारियों के वेतन, भत्ते और पदोन्नति से जुड़े प्रस्तावों को व्यय विभाग से मंजूरी मिल चुकी है. KVK कर्मचारियों के एनपीएस योगदान और रिटायरमेंट लाभ में राज्य सरकारों की भूमिका पर भी जोर दिया गया. राज्यों से खाली पदों पर समय पर भर्ती करने को कहा गया, ताकि KVK की जरूरी गतिविधियां प्रभावित न हों.

दलहन-तिलहन के प्रदर्शन में 9,750 हेक्टेयर क्षेत्र कवर

मीटिंग में कृषि कार्यक्रमों के लिए KVK को समय पर फंड जारी करने की जरूरत पर भी जोर दिया गया. 2026-27 में दलहन और तिलहन के क्लस्टर फ्रंटलाइन प्रदर्शन (सीएफएलडी) के तहत 24 राज्यों में 353 KVK और जिलों के जरिए गतिविधियां चलाई जा रही हैं.

इसके तहत 12,349 हेक्टेयर क्षेत्र का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अब तक 9,750 हेक्टेयर क्षेत्र कवर हो चुका है. कुछ राज्यों में फंड के फ्लो और पैसा जारी होने में देरी की समस्या पर भी चर्चा हुई. राज्यों से कृषि प्रौद्योगिकी अनुप्रयोग अनुसंधान संस्थानों और KVK स्तर तक फंड का सुचारू और समय पर प्रवाह सुनिश्चित करने को कहा गया.

किसानों को समय पर मिलें अच्छे बीज

सरकार ने दलहन और तिलहन के प्रदर्शन के लिए अनुशंसित गुणवत्ता वाले बीज और किस्मों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया. प्रदर्शन की योजना बनाने और उसे जमीन पर लागू करने के दौरान विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने को भी कहा गया.

बैठक में प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना (पीएम-डीडीकेवाई) में KVK की भूमिका पर भी चर्चा हुई. राज्यों से KVK को पर्याप्त फंड देने को कहा गया, ताकि वे योजना के तहत जरूरी गतिविधियों के साथ जिला स्तर की वर्कप्लान को भी लागू कर सकें. KVK की गतिविधियों की जिला स्तर पर निगरानी, रिपोर्टिंग और नतीजों को तय पोर्टल पर अपलोड करने पर भी जोर दिया गया.

तकनीक और वैज्ञानिक जानकारी पहुंचाने पर जोर

शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि KVK को मजबूत बनाने के लिए केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर तालमेल, समय पर वित्तीय मदद, आधुनिक बुनियादी ढांचा, पर्याप्त कर्मचारी और जिला स्तर की प्रभावी वर्कप्लान जरूरी है. उन्होंने KVK को किसानों की जरूरतों के मुताबिक जरूरी बुनियादी ढांचे, मानव संसाधन और संस्थागत सहयोग से लैस करने पर जोर दिया.

मजबूत KVK के जरिए किसानों और ग्रामीण समुदायों तक वैज्ञानिक जानकारी, आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर किस्में, कौशल, नवाचार और कृषि आधारित कारोबार के अवसर पहुंचाने में मदद मिलेगी. इससे KVK कृषि तकनीक के प्रसार, कौशल विकास, नवाचार और ग्रामीण उद्यमिता के प्रभावी केंद्र के रूप में काम कर सकेंगे.

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