जमीन से जुड़े दस्तावेज अब आपके मोबाइल पर होंगे उपलब्ध, बिहार सरकार ने शुरू की ये पहल

जमीन से जुड़े दस्तावेज अब आपके मोबाइल पर होंगे उपलब्ध, बिहार सरकार ने शुरू की ये पहल

बिहार सरकार ने जमीन से जुड़े दस्तावेजों को लोगों तक आसानी से पहुंचाने के लिए नई डिजिटल पहल शुरू की है. अब जमीन के कागजात, रिकॉर्ड और जरूरी जानकारी मोबाइल पर ही उपलब्ध हो सकेगी, जिससे लोगों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने से राहत मिलेगी.

जमीन से जुड़े दस्तावेज (AI- तस्वीर)जमीन से जुड़े दस्तावेज (AI- तस्वीर)
अंक‍ित कुमार स‍िंह
  • Patna,
  • Jun 22, 2026,
  • Updated Jun 22, 2026, 3:44 PM IST

बिहार में आज भी बड़ी संख्या में लोगों की जमीन उनके पूर्वजों के नाम है, वहीं आबादी का एक बड़ा हिस्सा ऐसा भी है जिनके पास उनके पूर्वजों से जुड़ी जमीनों के दस्तावेज नहीं हैं. अब वैसे लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि बिहार सरकार ने एक सकारात्मक कदम उठाया है. जिसके तहत लोग अब घर बैठे जमीन-जायदाद संबंधी दस्तावेजों को आसानी से न केवल देख सकते हैं, बल्कि अब उन्हें डाउनलोड भी कर सकते हैं. मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग की महत्वपूर्ण पहल से जमीन-जायदाद संबंधी दस्तावेजों की सर्टिफाइड कॉपी घर बैठे देखने और डाउनलोड करने की सुविधा उपलब्ध कराई गई है.

बिहार सरकार ने शुरू की यह सकारात्मक पहल

बता दें कि हाल-फिलहाल में यह व्यवस्था 1996 से 2026 तक के दस्तावेजों पर लागू है. राज्यभर में निबंधित हुए इस अवधि के दस्तावेज पूर्ण रूप से विभाग के पोर्टल पर अपलोड किए जा चुके हैं. मद्य निषेध, उत्पाद और निबंधन विभाग की महत्वपूर्ण पहल से पुराने निबंधित अभिलेखों के संरक्षण और जनसुविधा के लिए राज्यभर के निबंधित अभिलेखों के डिजिटलीकरण की प्रक्रिया तेज गति से चल रही है. इस क्रम में 2006 से 2024 तक के लगभग 47 लाख 55 हजार दस्तावेजों के पीडीएफ अपलोड किए जा चुके हैं, जिससे आम लोग अब इन दस्तावेजों की सर्टिफाइड कॉपी को आसानी से प्राप्त कर सकते हैं.

100 साल पुराने दस्तावेजों का होगा डिजिटलीकरण

सरकार की ओर से जमीन से जुड़े रिकॉर्ड को पारदर्शी करने के उद्देश्य से अब पुराने दस्तावेजों का भी डिजिटलीकरण करके उन्हें लोगों को आसानी से उपलब्ध कराने का काम किया जा रहा है. इसी क्रम में अब विभाग 1908 से 1995 तक की अवधि के दस्तावेजों का डिजिटलीकरण कर रहा है. इस अवधि के कुल 5 करोड़ 28 लाख दस्तावेजों में से 8 लाख 40 हजार दस्तावेज पूर्ण रूप से डिजिटाइज्ड हो चुके हैं. इसके अलावा 4 करोड़ 29 लाख दस्तावेजों के पीडीएफ तैयार किए गए हैं, जिनके ऑनलाइन अपलोड करने की प्रक्रिया जारी है. इसके लिए वर्तमान में 10 एजेंसियां सक्रिय रूप से काम कर रही हैं. वहीं, डिजिटलीकरण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन दस्तावेजों को आमजन के लिए सार्वजनिक कर दिया जाएगा.

फर्जीवाड़े वाले कागजातों पर लगेगी रोक

सरकार की ओर से यदि जमीनों से जुड़े दस्तावेजों को ऑनलाइन उपलब्ध करा दिया जाता है, तो आम लोगों को जमीन से जुड़े दस्तावेज प्राप्त करने में काफी आसानी हो जाएगी. वहीं, सबसे अच्छी बात यह है कि आम लोगों को पुराने जमीन दस्तावेजों को घर बैठे देखने और डाउनलोड करने में यह सहायक साबित होगी, बल्कि जमीन संबंधी फर्जी दस्तावेजों, विवादों और धोखाधड़ी पर भी प्रभावी अंकुश लगाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

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