Spice Stories: संस्‍कृतियों को आपस में जोड़ेगा नया मसाला रूट, केरल में चल रही खास कॉन्‍फ्रेंस 

Spice Stories: संस्‍कृतियों को आपस में जोड़ेगा नया मसाला रूट, केरल में चल रही खास कॉन्‍फ्रेंस 

केरल के कोच्चि में पहले इंटरनेशनल स्पाइस रूट्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया. इस दौरान कई एतिहासिक तथ्‍य शेयर किए गए. इस कार्यक्रम का आयोजन टूरिज्म डिपार्टमेंट और मुजिरिस हेरिटेज प्रोजेक्ट ने मिलकर ऑर्गनाइज किया था. तीन दिन तक चले कार्यक्रम के पहले दिन ‘पुराने रास्ते, नई यात्राएं’ इस थीम पर इतिहासकारों और शिक्षाविदों ने न सिर्फ मसाले के व्यापार के बारे में कई दिलचस्प बातें और जानकारी दी बल्कि कुछ खास घोषणाएं भी हुईं. 

ऋचा बाजपेयी
  • New Delhi ,
  • Jan 07, 2026,
  • Updated Jan 07, 2026, 3:36 PM IST

भारत में अंग्रेजों के लगाए नमक टैक्स के बारे में तो सभी जानते हैं लेकिन सुना है लेकिन क्या आपको मालूम है कि पुराने जमाने में जर्मनी में काली मिर्च पर भी टैक्‍स लगता था. कोलन (अब कोलोन) और स्पेयर जैसे कई जर्मन शहरों में, कस्टमर्स को काली मिर्च पाने के लिए टैक्स देना पड़ता था. गौरतलब है कि केरल के तटों से दुनिया के बाकी हिस्सों तक मसालों के रास्ते में एक कीमती चीज थी. क्‍या क्या आप जानते हैं कि 19वीं सदी में, बॉम्बे (अब मुंबई) जांजीबार से होने वाले लौंग के व्यापार में बागानों में उतार-चढ़ाव के लिए एक रिस्क एब्जॉर्बर के तौर पर काम करता था?

साझा हुईं कई दिलचस्‍प बातें 

प्रोफेसर पायस मालेकंदथिल और प्रोफेसर छाया गोस्वामी ने ऐसे कई एतिहासिक तथ्‍य कोच्चि में हुई पहले इंटरनेशनल स्पाइस रूट्स कॉन्फ्रेंस में शेयर किए. इस कार्यक्रम का आयोजन टूरिज्म डिपार्टमेंट और मुजिरिस हेरिटेज प्रोजेक्ट ने मिलकर ऑर्गनाइज किया था. तीन दिन तक चले कार्यक्रम के पहले दिन ‘पुराने रास्ते, नई यात्राएं’ इस थीम पर इतिहासकारों और शिक्षाविदों ने न सिर्फ मसाले के व्यापार के बारे में कई दिलचस्प बातें और जानकारी दी बल्कि कुछ खास घोषणाएं भी हुईं. 

केरल की स्‍पाइस जर्नी 

केरल के टूरिज्म मिनिस्टर पी ए मोहम्मद रियास ने बताया कि सदियों से, स्पाइस रूट्स मालाबार कोस्ट से न सिर्फ काली मिर्च, दालचीनी और इलायची लाते थे बल्कि विचारों, विश्वासों, टेक्नोलॉजी, कला के रूपों और जीवन जीने के तरीकों के लेन-देन के लिए एक प्लेटफॉर्म के तौर पर भी काम करते थे. मुजिरिस हैरिटेज प्रोजेक्ट ने 33 हेरिटेज ट्रेल्स भी लॉन्च किए जिन्हें वह पूरे केरल में 'स्पाइस जर्नी' के तौर पर मार्केट करेगा और विजिटर्स को इन रास्तों पर स्वाद और कहानियों का स्वाद लेने के लिए इनवाइट करेगा. 

रिसर्चर्स ने जारी किए पेपर 

इस कार्यक्रम में शारजाह, दोहा और भारत के रिसर्च स्कॉलर्स ने मसाला रूट पर देशों के बीच लोगों और सामान की आवाजाही पर दिलचस्प किस्‍से और कहानियां साझा कीं. उदाहरण के लिए, कतर के दोहा इंस्टीट्यूट के डॉक्‍टर फहद बिशारा ने केरल में मसाला व्यापारियों के साथ व्यापार करने वाले व्यापारियों की लॉग बुक की तस्वीरें शेयर कीं. उन्‍होंने कहा कि आना-जाना हिंद महासागर के इतिहास और कॉमर्स और व्यापार से बने कनेक्शन की खासियतों में से एक था. इस बीच, रिसर्चर्स ने केरल और खाड़ी देशों के बीच आज के माइग्रेशन पर भी पेपर पेश किए, जिसमें से एक खास तौर पर महिलाओं की भूमिका पर था. 

केरल टूरिज्म की डायरेक्टर शिखा सुरेंद्रन ने कहा कि यह कॉन्फ्रेंस देश में पहली पहल थी और पुराने ट्रेड रूट्स से स्कॉलर्स को इकट्ठा करके सीखने और कल्चरल एक्सचेंज के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म बनाया गया. कॉन्फ्रेंस ने यह भी दिखाया कि केरल हाई-वैल्यू, एक्सपीरिएंशियल और कल्चरल रूप से इमर्सिव ट्रैवल की बढ़ती ग्लोबल डिमांड को पूरा करना चाहता है. 
 

यह भी पढ़ें- 

MORE NEWS

Read more!