कर्नाटक में एनालॉग पनीर पर बैन, सरकार ने बिक्री और सप्लाई पर लगाई रोक

कर्नाटक में एनालॉग पनीर पर बैन, सरकार ने बिक्री और सप्लाई पर लगाई रोक

कर्नाटक सरकार ने लोगों की सेहत और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ‘पनीर’ के नाम से बेचे जा रहे एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर पर एक साल के लिए रोक लगा दी है. अब ऐसे उत्पादों के उत्पादन, स्टोरेज, सप्लाई और बिक्री पर पाबंदी रहेगी.  

एनालॉग पनीर पर बैनएनालॉग पनीर पर बैन
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 23, 2026,
  • Updated Aug 23, 2026, 2:23 PM IST

कर्नाटक सरकार ने लोगों की सेहत को ध्यान में रखते हुए राज्य में ‘पनीर’ के नाम से बेचे जा रहे एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर पर एक साल के लिए रोक लगा दी है. सरकार के आदेश के बाद अब ऐसे उत्पादों के उत्पादन, पैकिंग, स्टोरेज, सप्लाई, ट्रांसपोर्टेशन और बिक्री पर रोक रहेगी. खाद्य सुरक्षा विभाग का कहना है कि यह कदम ऐसे उत्पादों को पनीर के नाम पर बेचे जाने से रोकने के लिए उठाया गया है.  कर्नाटक के फूड सेफ्टी एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन विभाग के कमिश्नर श्रीनिवास के. के मुताबिक, फूड सेफ्टी डिवीजन ने 17 अगस्त को इस संबंध में सरकारी नोटिफिकेशन जारी किया है. इसके तहत पूरे राज्य में ऐसे एनालॉग पनीर के बनाने, प्रोसेसिंग, पैकिंग, भंडारण, वितरण, परिवहन, थोक और खुदरा बिक्री के साथ बिक्री पर भी एक साल तक बैन रहेगा.

क्या होता है एनालॉग पनीर?

एनालॉग पनीर को असली दूध से बने पनीर के विकल्प के तौर पर तैयार किया जाता है. इसे बनाने में दूध के बजाय वनस्पति तेल या फैट, पाम आयल, स्टार्च, सोया या दूसरे पौधों से मिलने वाले प्रोटीन जैसी चीजों का इस्तेमाल किया जाता है. सरकार का कहना है कि ऐसे उत्पाद को ग्राहकों के सामने सिर्फ ‘पनीर’ के नाम से बेचना सही नहीं है. अगर कोई उत्पाद असली दूध से बने पनीर के तय मानकों को पूरा नहीं करता है, तो उसे उसी नाम से बाजार में नहीं बेचा जाना चाहिए.

पनीर के लिए क्या हैं नियम?

खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, 2011 के खाद्य सुरक्षा नियमों के तहत पनीर को एक तय मानकों वाला खाद्य पदार्थ माना गया है. यानी पनीर बनाने के लिए कुछ खास क्वालिटी और सामग्री के नियमों का पालन करना जरूरी है. इसमें दूध का फैट एक महत्वपूर्ण हिस्सा होता है. नियमों के अनुसार पनीर में दूध के घटकों की जगह वेजिटेबल ऑयल, वेजिटेबल फैट या दूसरी नॉन-डेयरी सामग्री का इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं है.

विभाग ने बताया कि कर्नाटक में पनीर के कई सैंपल की जांच की गई है. जांच में यह सामने आया कि इनमें किसी तरह की मिलावट नहीं मिली यानी कार्रवाई सीधे तौर पर किसी मिलावटी पनीर की जांच रिपोर्ट के आधार पर नहीं है. सरकार ने लोगों के स्वास्थ्य और खाद्य मानकों को ध्यान में रखते हुए यह रोक लगाई है.

किन उत्पादों पर लागू नहीं होगा आदेश?

सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि यह रोक केवल उन डेयरी एनालॉग उत्पादों पर लागू होगी, जिनके लिए FSSAI ने कोई अलग और तय क्वालिटी मानक निर्धारित नहीं किया है. वहीं, फ्रोजन डेजर्ट, प्रोसेस्ड चीज और मिक्स्ड फैट स्प्रेड जैसे ऐसे खाद्य उत्पाद, जिनके लिए पहले से अलग खाद्य मानक तय हैं, इस आदेश के दायरे में नहीं आएंगे.

नियम तोड़ने वालों पर होगी कार्रवाई

खाद्य सुरक्षा विभाग ने खाद्य कारोबारियों को आदेश का सख्ती से पालन करने की चेतावनी दी है. कोई भी फूड बिजनेस ऑपरेटर एनालॉग या नॉन-डेयरी पनीर का इस्तेमाल, स्टोरेज, सप्लाई या बिक्री नहीं कर सकेगा. विभाग ने कहा है कि पूरे राज्य में आदेश को लागू कराने के लिए जरूरी जांच और कार्रवाई की जाएगी. (PTI) 

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