
भारत के किसानों के लिए एक बहुत बड़ा कदम उठाया जा रहा है. देश के दो बड़े किसान संगठन-ऑल इंडिया किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी (AIKCC) और भारतीय किसान कोऑर्डिनेशन कमेटी (BKCC)-FCCI के साथ मिलकर किसानों को नई खेती की तकनीकें सिखाने की योजना बना रहे हैं. इसके तहत भारतीय किसान नीदरलैंड जैसी देशों में जाकर नई तकनीक और बीजों के बारे में सीखेंगे.
AIKCC के महासचिव गुणवंत पाटिल ने बताया कि भारत के किसानों को पुराने बीज और तकनीक के कारण काफी समस्या हो रही है. उन्होंने कहा कि किसानों को अच्छी क्वालिटी के बीज चाहिए ताकि खेती में उत्पादन बढ़ सके. अभी भी कई जगहों पर किसान पुराने बीजों पर निर्भर हैं, जिन्हें सुधारने की जरूरत है.
BKCC के सदस्य गुनी प्रकाश ने कहा कि विदेश में जाकर नई तकनीक सीखना बहुत जरूरी है. उन्होंने बताया कि पंजाब और हरियाणा के किसानों को नीदरलैंड भेजने की योजना है. वहां किसान नई खेती की तकनीक और फसल सुधारने के तरीके सीखेंगे. इससे फसल की गुणवत्ता बढ़ेगी और उत्पादन भी अच्छा होगा.
FCCI के अध्यक्ष जसबीर सिंह ने इस पहल का स्वागत किया. उन्होंने कहा कि उनका मकसद भारत के किसानों को नई तकनीक से जोड़ना है. नीदरलैंड जैसे देश खेती में नई तकनीक और इनोवेशन से अच्छा उत्पादन कर रहे हैं. भारतीय किसानों को भी इससे फायदा मिलेगा. इससे किसान फसल की गुणवत्ता बढ़ा सकेंगे, उत्पादन बढ़ेगा और खेती ज्यादा टिकाऊ और पर्यावरण के अनुकूल होगी.
अब किसान संगठनों और FCCI के बीच चर्चा जारी है. चर्चा खत्म होने के बाद जल्द ही नीदरलैंड का दौरा कराया जाएगा. यह पहल भारतीय खेती में तकनीक का अंतर कम करने और किसानों की मदद करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है.
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