भारत से इंडोनेशिया जा रही अवैध मूंगफली, कीमतें गिरीं, व्यापारियों में मची हलचल

भारत से इंडोनेशिया जा रही अवैध मूंगफली, कीमतें गिरीं, व्यापारियों में मची हलचल

भारत से इंडोनेशिया में मूंगफली के अवैध निर्यात का मामला सामने आया है. बारिश और अफ्लाटॉक्सिन के कारण फसल प्रभावित हुई, जिससे नियम सख्त हो गए. व्यापारी मलेशिया के रास्ते नकद लेन-देन कर मूंगफली भेज रहे हैं. इससे इंडोनेशिया में कीमतें गिरी हैं और बड़े उद्योग सप्लाई की कमी का सामना कर रहे हैं. जानिए पूरी कहानी और व्यापार की चुनौतियां

भारतीय मूंगफली का अवैध सफरभारतीय मूंगफली का अवैध सफर
क‍िसान तक
  • Noida ,
  • Jan 14, 2026,
  • Updated Jan 14, 2026, 11:22 AM IST

भारत से इंडोनेशिया में मूंगफली (ग्राउंडनट/मूंगफली) भेजने पर कुछ नियम लगे हुए हैं. इंडोनेशिया सरकार ने भारत की मूंगफली में जहर जैसे तत्व (अफ्लाटॉक्सिन) ज़्यादा मिलने के कारण रोक लगा दी थी. बाद में नवंबर में कुछ शर्तों के साथ व्यापार की अनुमति दी गई, लेकिन नियम बहुत सख्त होने की वजह से कई भारतीय व्यापारी परेशान हो गए. व्यापार सूत्रों के अनुसार, अब भारत की मूंगफली गैरकानूनी तरीके से इंडोनेशिया पहुंच रही है. इसका रास्ता है मलेशिया का पोर्ट क्लैंग. पहले माल मलेशिया भेजा जाता है और फिर छोटी नावों और बार्ज से इंडोनेशिया के दुमई पोर्ट पहुंचाया जाता है. वहां से सड़क के ज़रिये इसे जकार्ता और सुराबाया जैसे शहरों में ले जाया जाता है.

क्यों नहीं बनते कागज?

इस पूरे कारोबार में कोई बिल या कागज़ नहीं बनते. सारा लेन-देन नकद (कैश) में होता है. इससे माल का सही पता नहीं चलता कि वह कहां से आया. छोटे व्यापारी ऐसा कर लेते हैं, लेकिन बड़ी फैक्ट्रियां ऐसा नहीं कर पातीं.

आंकड़े क्या बताते हैं?

सितंबर 2025 तक भारत से मूंगफली का निर्यात 6,500 टन से कम था. लेकिन अक्टूबर से यह अचानक बढ़ने लगा.

  • अक्टूबर में मलेशिया को 8,300 टन
  • नवंबर में 15,800 टन
  • दिसंबर में 15,000 टन मूंगफली भेजी गई
  • जबकि मलेशिया की साल भर की ज़रूरत करीब 55,000 टन ही होती है. इससे साफ है कि कुछ गड़बड़ हो रही है.

इंडोनेशिया में कीमतों पर असर

अवैध मूंगफली आने से इंडोनेशिया में दाम गिर गए हैं. पहले जहां कीमत 35,000 रुपिया प्रति किलो थी, अब यह घटकर 30,000-32,000 रुपिया रह गई है. इसमें तस्करों का 5,000 रुपिया कमीशन भी शामिल है.

मूंगफली में जहर क्यों बढ़ा?

इस साल भारत में खरीफ की मूंगफली फसल को बारिश ने नुकसान पहुंचाया. सूखाने के समय ज्यादा नमी रहने से अफ्लाटॉक्सिन बढ़ गया.

  • इंडोनेशिया की सीमा: 15 पीपीबी
  • भारत की सीमा: 20 पीपीबी

लेकिन इस साल कई जगह मूंगफली में तय सीमा से 10 गुना ज्यादा अफ्लाटॉक्सिन पाया गया.

दूसरे देशों की सख्ती

  • थाईलैंड ने जून 2025 से भारत की मूंगफली पर रोक लगा दी
  • चीन ने ASEAN देशों से कहा है कि वे सख्त जांच करें और चीन से ज्यादा मूंगफली खरीदें

इस वजह से भारत के सिर्फ कुछ ही निर्यातकों को अब अनुमति मिल रही है.

भारत के लिए क्यों चिंता की बात?

इंडोनेशिया भारत की कुल मूंगफली का करीब एक तिहाई हिस्सा खरीदता है. पिछले साल भारत ने कुल 7.46 लाख टन मूंगफली का निर्यात किया, जिसमें से 2.77 लाख टन अकेले इंडोनेशिया गया. अगर यह अवैध व्यापार यूं ही चलता रहा, तो भारत की साख और किसानों दोनों को नुकसान हो सकता है.

सीधी बात यह है कि नियम सख्त हैं, फसल खराब हुई है और मांग ज्यादा है. इसी वजह से कुछ लोग गलत रास्ते से मूंगफली भेज रहे हैं. लेकिन लंबे समय में इससे किसानों, व्यापार और देश-तीनों को नुकसान हो सकता है.

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