हरियाणा-राजस्थान का 32 साल पुराना यमुना जल बंटवारा विवाद सुलझा! इन जिलों को मिलेगी बड़ी राहत

हरियाणा-राजस्थान का 32 साल पुराना यमुना जल बंटवारा विवाद सुलझा! इन जिलों को मिलेगी बड़ी राहत

हरियाणा और राजस्थान के बीच तीन दशक से लंबित यमुना जल विवाद पर सहमति बन गई है. दोनों राज्यों के बीच एमओयू पर हस्ताक्षर होंगे. समझौते के बाद हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के जरिए राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र तक पानी पहुंचाने का रास्ता साफ होगा.

Hathinikund Barrage (File Photo)Hathinikund Barrage (File Photo)
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Jun 24, 2026,
  • Updated Jun 24, 2026, 4:21 PM IST

हरियाणा और राजस्थान के बीच पिछले तीन दशकों से यमुना के पानी के बंटवारे के विवाद को लेकर अहम सहमति बन गई है. लंबे समय से अटकी योजना को आगे बढ़ाने के लिए दोनों राज्यों ने साझा रास्ता तैयार किया है. इस समझौते को जल प्रबंधन और क्षेत्रीय जरूरतों के लिहाज से बड़ा कदम माना जा रहा है. इस सहमति को औपचारिक रूप देने के लिए सोमवार को दोनों राज्यों के बीच समझौता ज्ञापन यानी एमओयू पर हस्ताक्षर किए जाएंगे. कार्यक्रम केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में आयोजित होगा. इस दौरान केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल के साथ हरियाणा और राजस्थान के मुख्यमंत्री भी उपस्थित रहेंगे.

दिल्ली की बैठक में बनी अंतिम सहमति

इससे पहले नई दिल्ली में केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी.आर. पाटिल की अध्यक्षता में एक उच्च स्तरीय त्रिपक्षीय बैठक आयोजित की गई. बैठक में राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने जल बंटवारे से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की. दोनों राज्यों ने आपसी सहमति से लंबे समय से चले आ रहे गतिरोध को समाप्त करने की कार्ययोजना को मंजूरी दी.

1994 के समझौते के क्रियान्वयन पर था विवाद

हरियाणा और राजस्थान के बीच विवाद की जड़ वर्ष 1994 का यमुना जल समझौता रहा. इस व्यवस्था के तहत मॉनसून के दौरान मिलने वाले अतिरिक्त पानी में राजस्थान को भी हिस्सेदारी तय की गई थी. लेकिन, तकनीकी और बुनियादी ढांचे से जुड़ी चुनौतियों के कारण यह योजना वर्षों तक लागू नहीं हो सकी.

शेखावाटी क्षेत्र को मिल सकती है बड़ी राहत

इस देरी का सबसे अधिक असर राजस्थान के शेखावाटी क्षेत्र पर पड़ा, जहां चूरू, झुंझुनूं और सीकर जैसे जिले लंबे समय से पानी की कमी का सामना कर रहे हैं. नए समझौते के बाद हथिनीकुंड बैराज से पाइपलाइन के जरिए राजस्थान तक पानी पहुंचाने का रास्ता साफ होने की उम्मीद है. इससे क्षेत्र में पेयजल और जल उपलब्धता की स्थिति बेहतर होने की संभावना जताई जा रही है. अगर योजना तय समय पर लागू होती है तो लंबे समय से जल संकट झेल रहे इलाकों को राहत मिल सकती है. (हिमांशु मिश्रा की रिपोर्ट)

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