आटा चक्की में छिपा था बड़ा खेल, आगरा में 1800 किलो सेलखड़ी देख अफसर भी हैरान

आटा चक्की में छिपा था बड़ा खेल, आगरा में 1800 किलो सेलखड़ी देख अफसर भी हैरान

आगरा के फतेहपुर सीकरी में खाद्य विभाग की छापेमारी से आटे में मिलावट के कथित खेल का खुलासा हुआ. टीम ने मौके से 1800 किलो सेलखड़ी और 1350 किलो आटा जब्त किया. फर्म के पास तेल और मसालों का लाइसेंस था, लेकिन वहां आटा बनाया जा रहा था. नमूने जांच के लिए भेजे गए हैं और FIR की तैयारी है.

आटे में मिलावट का शकआटे में मिलावट का शक
क‍िसान तक
  • Agra,
  • Aug 13, 2026,
  • Updated Aug 13, 2026, 11:26 AM IST

उत्तर प्रदेश के आगरा में खाद्य विभाग की छापेमारी के दौरान आटे में मिलावट के कथित खेल का खुलासा हुआ है. फतेहपुर सीकरी में खाद्य विभाग की टीम ने एक ऐसी जगह कार्रवाई की, जहां आटा बनाने का काम किया जा रहा था. टीम को मौके से करीब 1800 किलो सेलखड़ी पत्थर मिली, जिसका इस्तेमाल आटे में मिलावट के लिए किए जाने की आशंका है. इसके अलावा करीब 1350 किलो आटा भी जब्त किया गया है.

खास बात यह है कि जिस प्रतिष्ठान पर कार्रवाई हुई, उसके पास खाद्य तेल और मसालों के कारोबार का लाइसेंस था. इसके बावजूद वहां आटा बनाने का काम चल रहा था. खाद्य विभाग ने मौके पर आटा बनाने का काम बंद करा दिया और मशीनों को सील कर दिया.

आटा चक्की में मिला 1800 किलो सेलखड़ी पाउडर

खाद्य विभाग की टीम ने फतेहपुर सीकरी के जौतना डाबर रोड स्थित समृद्धि ऑयल मिल पर छापेमारी की. जांच के दौरान टीम को करीब 1800 किलो सेलखड़ी पत्थर मिली. अधिकारियों के मुताबिक, इसकी अनुमानित कीमत करीब 30,150 रुपये है.

सेलखड़ी एक तरह का पत्थर है, जिसे पीसकर पाउडर बनाया जा सकता है. खाद्य विभाग को शक है कि इसी पाउडर को आटे में मिलाने की तैयारी थी. हालांकि, आटे में वास्तव में सेलखड़ी मिलाई गई थी या नहीं, इसकी पुष्टि अभी नहीं हुई है. इसका फैसला जांच के बाद आने वाली लैब रिपोर्ट से होगा.

1350 किलो आटा भी किया गया जब्त

छापेमारी के दौरान खाद्य विभाग की टीम ने करीब 13.5 क्विंटल यानी 1350 किलो आटा भी अपने कब्जे में लिया. इस आटे की अनुमानित कीमत करीब 18,900 रुपये बताई गई है.

टीम ने मौके से अलग-अलग ब्रांड के आटे और सेलखड़ी पाउडर के नमूने भी लिए. इनमें समृद्धि ब्रांड आटा, उत्तम ब्रांड आटा और श्याम भोग चक्की फ्रेश आटा शामिल हैं. इन सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है.

लैब रिपोर्ट से खुलेगा मिलावट का सच

खाद्य विभाग ने मौके से कुल चार विधिक नमूने लिए हैं. अब इन नमूनों की प्रयोगशाला में जांच होगी. रिपोर्ट आने के बाद यह साफ होगा कि जब्त किए गए आटे में किसी प्रतिबंधित या नियमों के खिलाफ पदार्थ की मिलावट की गई थी या नहीं.

अभी खाद्य विभाग ने भी आटे में सेलखड़ी की मिलावट को अंतिम रूप से साबित नहीं किया है. इसलिए मामले में लैब रिपोर्ट को काफी अहम माना जा रहा है. रिपोर्ट के आधार पर ही आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी.

तेल और मसाले का लाइसेंस, लेकिन बन रहा था आटा

इस कार्रवाई में एक और बड़ी बात सामने आई. जिस फर्म पर छापेमारी हुई, उसे खाद्य तेल के फुटकर विक्रेता और खाद्य मसालों के थोक विक्रेता के तौर पर लाइसेंस मिला हुआ था. लेकिन जांच के दौरान वहां आटा बनाने का काम होता मिला. यानी फर्म को जिस कारोबार के लिए लाइसेंस दिया गया था, मौके पर उससे अलग गतिविधि चल रही थी. खाद्य विभाग ने इसे गंभीर मामला माना है और फर्म के खाद्य लाइसेंस के निलंबन की प्रक्रिया शुरू कर दी है.

आटा बनाने वाली मशीनें भी सील

खाद्य विभाग की टीम ने कार्रवाई के दौरान मौके पर चल रहे आटा निर्माण का काम बंद करा दिया. आटा बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनों को भी सील कर दिया गया है. अधिकारियों का कहना है कि खाद्य पदार्थों के निर्माण और बिक्री में नियमों का पालन करना जरूरी है. अगर कोई कारोबारी बिना जरूरी अनुमति के खाद्य पदार्थ तैयार करता है या उसमें मिलावट करता है तो उसके खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जा सकती है.

कारोबारी के खिलाफ FIR की तैयारी

मामले में संबंधित कारोबारी के खिलाफ फतेहपुर सीकरी थाने में FIR दर्ज कराने की कार्रवाई भी शुरू की जा रही है. खाद्य विभाग की टीम अब लैब रिपोर्ट का इंतजार कर रही है. रिपोर्ट सामने आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी.

यह पूरी कार्रवाई मुख्य खाद्य सुरक्षा अधिकारी राजेश कुमार गुप्ता के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने की.

लोगों की सेहत से जुड़ा है पूरा मामला

इस मामले में सबसे बड़ी चिंता लोगों की सेहत को लेकर है. अगर किसी खाद्य पदार्थ में नियमों के खिलाफ कोई पदार्थ मिलाया जाता है और वह बाजार के जरिए लोगों की रसोई तक पहुंचता है, तो इसका सीधा असर उपभोक्ताओं पर पड़ सकता है. हालांकि, अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि जब्त किए गए आटे में सेलखड़ी की मिलावट हुई थी. खाद्य विभाग ने सेलखड़ी और आटे के नमूने जांच के लिए भेजे हैं. अब लैब रिपोर्ट से ही पता चलेगा कि आटे में मिलावट की गई थी या नहीं.

फिलहाल खाद्य विभाग की कार्रवाई के बाद फतेहपुर सीकरी में इस मामले को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं. करीब 1800 किलो सेलखड़ी मिलने और बिना संबंधित लाइसेंस के आटा निर्माण का मामला सामने आने से विभाग ने सख्ती दिखाई है. अब सबकी नजर लैब रिपोर्ट और उसके आधार पर होने वाली कानूनी कार्रवाई पर है.

(अरविंद शर्मा)

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