हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी ने शुक्रवार को कहा कि राज्य का लक्ष्य कृषि को केवल जीविका का साधन नहीं, बल्कि एक स्थायी और मुनाफे वाला व्यवसाय बनाना है. सैनी ने यह बात राष्ट्रीय राजधानी में 20वें सीआईआई भारत-अफ्रीका व्यापार सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही. उन्होंने कहा कि हरियाणा खेती से लेकर उपज की बिक्री तक, हर स्तर पर किसानों का समर्थन करने के लिए काम कर रहा है.
सीएम सैनी ने कहा कि भारत और अफ्रीका कृषि, कौशल विकास, शिक्षा और डिजिटल सार्वजनिक वस्तुओं सहित कई क्षेत्रों में आपसी विश्वास और सहयोग का भविष्य बना रहे हैं. उन्होंने सम्मेलन में कहा कि हरियाणा अपने कृषि क्षेत्र में जिन इनोवेशंस और तकनीकों का प्रयोग कर रहा है, उन्हें अफ्रीका में भी अपनाया जा सकता है. मुख्यमंत्री ने सरकार के 'मेरी फसल मेरा ब्यौरा' पोर्टल का जिक्र किया जो किसानों को योजनाओं और सेवाओं तक पहुंच प्रदान करता है, उनकी उपज बेचने में उनकी सहायता करता है और समय पर भुगतान सुनिश्चित करता है. उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि टेक्नोलॉजी और इनोवेशंस बेहतर उपज और बेहतर संसाधन प्रबंधन के साथ-साथ किसानों के लिए व्यापक बाजार पहुंच को बढ़ावा दे रहे हैं.
मॉरीशस के वाणिज्य एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री जॉन माइकल त्जून साओ येउंग सिक यूएन ने कहा कि कृषि सिर्फ आय का साधन नहीं है बल्कि यह अर्थव्यवस्थाओं का एक स्तंभ और सामाजिक विकास का जरिया है. उनका कहना था कि भारत द्वारा कृषि में प्रौद्योगिकी को अपनाने से कृषि पद्धतियों में क्रांति आई है, जिसमें सटीक खेती के लिए ड्रोन से लेकर किसानों को रीयल-टाइम डेटा देने वाले मोबाइल एप्लिकेशन तक शामिल हैं. मॉरीशस अपने कृषि उत्पादन को बढ़ाने के लिए इन इनोवेशंस से फायदा उठा सकता है.
वहीं जिम्बाब्वे के भूमि, कृषि, मत्स्य पालन, जल और ग्रामीण विकास उप मंत्री वांगेलिस पीटर हरिताटोस ने कहा कि कृषि दुनिया भर में, विशेष रूप से विकासशील देशों में, आजीविका में बदलाव का एक अभिन्न अंग बन गई है, जहां यह भोजन और आय का प्राथमिक स्रोत बनी हुई है. उन्होंने जलवायु परिवर्तन, जनसंख्या वृद्धि और संसाधनों की कमी जैसी चुनौतियों का भी जिक्र किया. उनका कहना था कि भारत-अफ्रीका साझेदारी में उत्पादन, वैल्यु एडीशन, टेक्नोलॉजी ट्रांसफर, फाइनेंस और बाजार पहुंच शामिल हो सकती है.
सीआईआई के अध्यक्ष और टाटा केमिकल्स लिमिटेड के मैनेजिंग डायरेक्टर और सीईओ आर मुकुंदन ने कहा कि भारत का मजबूत कृषि आधार अफ्रीका के लिए एक आदर्श बन सकता है. उन्होंने कहा कि अफ्रीका में कृषि क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं. कटाई के बाद के बुनियादी ढांचे में निवेश, मजबूत सप्लाई चेन और निर्णय लेने में महिलाओं और युवाओं की भागीदारी महत्वपूर्ण होगी.
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