
कोच्चि चाय नीलामी में इस बार खुली चाय की मांग तेजी पकड़ती दिख रही है. इसकी मुख्य वजह अभी चल रहा सबरीमाला तीर्थ सीजन है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं की आमद से चाय की खपत परंपरागत रूप से बढ़ जाती है. कारोबारियों के मुताबिक, मध्य त्रावणकोर बेल्ट- पठानमथिट्टा, इडुक्की, कोट्टायम और आसपास के इलाकों में हर साल इस मौसम में चाय की बिक्री 5 से 10 प्रतिशत तक बढ़ जाती है. घर वापसी के दौरान तीर्थयात्री पैकेट वाली चाय खरीदना पसंद करते हैं, जिसका सीधा असर नीलामी मांग पर पड़ता है.
बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, इस हफ्ते की सेल 48 में CTC डस्ट चाय का बाजार काफी मजबूत रहा. फोर्ब्स, एवर्ट एंड फिगिस के नीलामीकर्ताओं ने बताया कि 5,90,741 किलोग्राम की पेशकश में से 95 प्रतिशत चाय बिक गई. ब्लेंडरों ने कुल पेशकश का लगभग 60 प्रतिशत उठाया. अच्छी क्वालिटी वाली लिकरिंग डस्ट चाय पूरे दिन मजबूती बनाए रही और आखिर तक दामों में हल्की बढ़त भी दर्ज हुई. खुली चाय के कारोबारियों और अपकंट्री खरीदारों की बढ़ी हुई खरीद इसका प्रमुख कारण रही.
ऑर्थोडॉक्स डस्ट श्रेणी में प्रमुख ग्रेड स्थिर बने रहे, जबकि सेकेंडरी ग्रेड में कमजोरी दिखी और कुछ खेप वापस भी लेनी पड़ी. लगभग 5,000 किलोग्राम की पेशकश में से ज्यादातर खरीद अपकंट्री ग्राहकों ने की. कोचीन टी ट्रेड एसोसिएशन के चेयरमैन अनिल जॉर्ज ने कहा कि 16 नवंबर से अब तक करीब 10 लाख श्रद्धालु सबरीमाला पहुंच चुके हैं और यह संख्या मकर विलक्कु तक लगातार बढ़ेगी. इससे जनवरी मध्य तक मांग ऊंची रहने की उम्मीद है. CTC डस्ट के दाम भी इस सपोर्ट के चलते 2 से 3 रुपये प्रति किलो के दायरे में स्थिर बने हुए हैं.
उधर, परंपरागत चाय (ऑर्थोडॉक्स लीफ) के सेकेंडरी ग्रेड में मंदी गहराई है और दाम करीब 10 रुपये प्रति किलो नीचे आए हैं. इराकी खरीदारों की धीमी खरीद इसका मुख्य कारण बताई गई. हालांकि, प्राइमरी ग्रेड मजबूती से बिके और कई खेपों में दाम बढ़े भी. CIS देशों के निर्यातक सक्रिय रहे, जबकि अपकंट्री खरीदारों से भी उचित सपोर्ट मिला.
इस श्रेणी में 2,70,924 किलोग्राम पेशकश हुई और 84 प्रतिशत बिक्री दर्ज की गई. CTC लीफ की स्थिति भी संतोषजनक रही. 35,000 किलोग्राम की पेशकश में से 90 प्रतिशत माल हाथों-हाथ बिक गया. कुल मिलाकर, सबरीमाला सीजन का सीधा असर कोच्चि नीलामी पर दिख रहा है और आने वाले हफ्तों में भी यह रफ्तार जारी रहने के आसार हैं.