
दिल्ली की हवा लगातार ज़हरीली होती जा रही है, और कांग्रेस के सीनियर नेता संदीप दीक्षित ने इस मुद्दे पर सरकार की कड़ी आलोचना की है. उन्होंने कहा कि यह सिर्फ़ प्रदूषण नहीं है, बल्कि दिल्ली वालों के लिए "धीमी मौत" है. आइए पूरी कहानी आसान शब्दों में समझते हैं. संदीप दीक्षित ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि पिछले 6-7 सालों में दिल्ली का पर्यावरण काफ़ी खराब हो गया है. डॉक्टरों के मुताबिक, इतनी प्रदूषित हवा में रहने से लोगों की ज़िंदगी छोटी हो सकती है. दीक्षित ने इसे "धीमा ज़हर" बताया.
कांग्रेस नेता ने साफ कहा कि प्रदूषण नियंत्रित करना सरकार की सीधी जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा- “सरकार किसान या जनसंख्या को दोष देकर अपनी जिम्मेदारी से नहीं भाग सकती. हमें सरकार पर दबाव बनाना होगा कि वह साफ हवा के लिए ठोस कदम उठाए.”
हालात थोड़े सुधरे जरूर हैं, लेकिन कई इलाकों में हवा अब भी बेहद खराब है-
दिल्ली की सड़कों पर गाड़ियां लगातार चल रही हैं, जिससे धुंध और घनी होती जा रही है. कई जगहों पर दृश्यता कम हो गई है, जबकि लोग मजबूरी में बाहर निकलने पर विवश हैं. दिल्ली की हवा लगातार खराब हो रही है और लोगों की सेहत खतरे में है. संदीप दीक्षित की बातों ने फिर याद दिलाया है कि स्वच्छ हवा देना सरकार की मूल जिम्मेदारी है, और नागरिकों को भी जागरूक होकर अपनी आवाज उठानी होगी.
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