GDP Report: कृषि विकास दर 3.6% पर फिसली, अर्थव्यवस्था 7.8% की रफ्तार से बढ़ी

GDP Report: कृषि विकास दर 3.6% पर फिसली, अर्थव्यवस्था 7.8% की रफ्तार से बढ़ी

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में भारत की GDP वृद्धि दर 7.8% रही, जबकि कृषि, पशुधन, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की विकास दर घटकर 3.6% पर आ गई. जानिए कृषि क्षेत्र की हिस्सेदारी और GVA से जुड़े प्रमुख आंकड़े.

Several high-frequency indicators cited by the statistics ministry reflected strong underlying demand during FY26. Several high-frequency indicators cited by the statistics ministry reflected strong underlying demand during FY26. 
क‍िसान तक
  • New Delhi,
  • Aug 31, 2026,
  • Updated Aug 31, 2026, 5:39 PM IST

साल 2026-27 की पहली तिमाही (अप्रैल-जून) के लिए सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का तिमाही अनुमान जारी हो गया है. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में वास्तविक GDP की विकास दर 7.8% रही. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही (Q1) में नॉमिनल GDP में 10.3% की वृद्धि दर्ज की गई. सरकार ने कहा है कि ग्लोबल चुनौतियों के बावजूद भारतीय अर्थव्यवस्था में विकास की गति बनी हुई है. जीडीपी में कृषि की हिस्सेदारी पिछले साल की तुलना में घटी है. पिछले साल इसी अवधि (अप्रैल-जून 2025-26) में कृषि विकास दर 4.4 परसेंट थी. उससे पहले 2024-25 में यह विकास दर 2.6 परसेंट थी.

तिमाही अनुमान और विकास दर

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में रियल GDP (या स्थिर कीमतों पर GDP) का अनुमान ₹81.36 लाख करोड़ है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹75.46 लाख करोड़ था. इससे 7.8% की विकास दर का पता चलता है. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में नॉमिनल GDP (या मौजूदा कीमतों पर GDP) का अनुमान ₹88.27 लाख करोड़ है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹80.00 लाख करोड़ था. इससे 10.3% की विकास दर का पता चलता है.

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में रियल GVA का अनुमान ₹73.82 लाख करोड़ है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹68.21 लाख करोड़ था. इससे 8.2% की विकास दर का पता चलता है. वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में नॉमिनल GVA का अनुमान ₹80.53 लाख करोड़ है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही में यह ₹72.24 लाख करोड़ था; इससे 11.5% की विकास दर का पता चलता है.

1. Q1 FY 2026-27 में नाममात्र GVA (Gross Value Added) की सेक्टोरल हिस्सेदारी

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश के कुल नाममात्र GVA में सबसे बड़ा योगदान फाइनेंशियल, रियल एस्टेट, आईटी, प्रोफेशनल सर्विसेज और आवास संबंधी सेवाओं का रहा, जिसकी हिस्सेदारी 27% दर्ज की गई.

इसके बाद कृषि, पशुधन, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र का योगदान 17%, ट्रेड, होटल, परिवहन, संचार, ब्रॉडकास्टिंग और स्टोरेज सेवाओं का 15%, और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस और अन्य सेवाओं का 14% रहा.

वहीं मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र की हिस्सेदारी 13%, निर्माण (कंस्ट्रक्शन) की 9%, बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं की 3%, जबकि खनन एवं उत्खनन (माइनिंग एंड क्वारिंग) की हिस्सेदारी 2% रही.

2. Q1 FY 2026-27 में कई क्षेत्रों की वास्तविक GVA वृद्धि दर

वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में रियल GVA ग्रोथ के मोर्चे पर फाइनेंशियल, रियल एस्टेट, आईटी और प्रोफेशनल सर्विसेज ने सबसे अच्छा प्रदर्शन किया और इसकी वृद्धि दर 12.1% रही.

इसके बाद मैन्युफैक्चरिंग क्षेत्र में 9.2%, बिजली, गैस, जल आपूर्ति और अन्य उपयोगिता सेवाओं में 8.9%, ट्रेड, होटल, परिवहन, संचार एवं स्टोरेज सेवाओं में 8.5%, कंस्ट्रक्शन में 7.7% और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन, डिफेंस और अन्य सेवाओं में 7.5% की वृद्धि दर्ज की गई.

कृषि, पशुधन, वानिकी और मत्स्य क्षेत्र की वृद्धि दर 3.6% रही, जबकि खनन और उत्खनन क्षेत्र में 2.4% की गिरावट दर्ज की गई.

पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था में सेवा क्षेत्र का दबदबा कायम रहा, जबकि कृषि क्षेत्र ने 3.6% की वृद्धि दर्ज की और खनन क्षेत्र में 2.4% की गिरावट देखने को मिली.

MORE NEWS

Read more!