FSSAI की बड़ी कार्रवाई! एवरेस्ट और LG कंपनी की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर लगी रोक

FSSAI की बड़ी कार्रवाई! एवरेस्ट और LG कंपनी की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर लगी रोक

FSSAI ने खराब क्वालिटी पाए जाने के बाद एवरेस्ट और LG ब्रांड की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है. जांच में हींग के कई नमूने तय क्वालिटी मानकों पर खरे नहीं उतरे. FSSAI ने कंपनियों से कमियों को दूर करने और बाजार में मौजूद घटिया उत्पाद वापस लेने की प्रक्रिया शुरू करने को कहा है.

FSSAI का बड़ा एक्शन (AI- तस्वीर)FSSAI का बड़ा एक्शन (AI- तस्वीर)
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Aug 29, 2026,
  • Updated Aug 29, 2026, 6:14 PM IST

खाने-पीने की चीजों की क्वालिटी को लेकर भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) ने बड़ी कार्रवाई की है. FSSAI ने खराब क्वालिटी पाए जाने के बाद एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स और लालजी गोधू एंड कंपनी (LG ब्रांड यूनिट) की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया है. यह कार्रवाई एक ग्राहक की शिकायत के बाद शुरू हुई जांच में सामने आई कमियों के आधार पर की गई है.

एक खास ब्रांड की कंपाउंडेड हींग की क्वालिटी को लेकर ग्राहक ने शिकायत की थी. इसके बाद FSSAI ने बाजार में बिकने वाले प्रमुख ब्रांड्स की हींग के नमूनों की जांच शुरू की. जांच के दौरान FSSAI ने मुंबई में एवरेस्ट और LG ब्रांड की इकाइयों से कानूनी नमूने लिए. इन नमूनों को लैब में जांच के लिए भेजा गया. इसके अलावा गुजरात के उमरगांव स्थित एवरेस्ट की इकाई में भी गुजरात FDA के साथ मिलकर निरीक्षण और सैंपलिंग की गई. लैब जांच में दोनों कंपनियों की कंपाउंडेड हींग के नमूने तय क्वालिटी मानकों पर खरे नहीं उतरे.

हींग में जरूरी मात्रा से कम अर्क मिला

FSSAI के नियमों के मुताबिक कंपाउंडेड हींग में कम से कम 5 प्रतिशत अल्कोहल-घुलनशील अर्क होना जरूरी है. लेकिन जांच किए गए नमूनों में यह मात्रा सिर्फ 0 से 3 प्रतिशत के बीच पाई गई. इसका मतलब है कि कई नमूनों में नियम के मुताबिक जरूरी कच्ची हींग की मात्रा कम थी. FSSAI के मुताबिक यह तय मानकों से काफी कम है.

कच्ची हींग में भी मिली गड़बड़ी

जांच के दौरान LG ब्रांड की मुंबई इकाई से तैयार कंपाउंडेड हींग के अलावा कच्ची हींग के छह नमूने भी लिए गए. नियमों के मुताबिक कच्ची हींग में स्टार्च की मात्रा अधिकतम 1 प्रतिशत होनी चाहिए. लेकिन लैब जांच में इन छह नमूनों में स्टार्च की मात्रा 15 से 32 प्रतिशत के बीच पाई गई. यानी स्टार्च की मात्रा तय सीमा से काफी ज्यादा थी. नियमों के अनुसार कच्ची हींग में कम से कम 12 प्रतिशत अल्कोहल-घुलनशील अर्क होना भी जरूरी है.

बिक्री पर रोक क्यों लगाई गई?

FSSAI के मुताबिक कई बैच तय क्वालिटी मानकों पर खरे नहीं उतरे. इसी वजह से एवरेस्ट फूड प्रोडक्ट्स, मुंबई और LG ब्रांड यूनिट, मुंबई की कंपाउंडेड हींग की बिक्री पर रोक लगाने का आदेश दिया गया है. FSSAI ने इसे उपभोक्ताओं के हित और खाद्य सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया एहतियाती कदम बताया है.

सिर्फ बिक्री पर रोक लगाने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं है. FSSAI ने दोनों संबंधित कंपनियों को विस्तृत एक्शन प्लान जमा करने का निर्देश दिया है. कंपनियों को बताना होगा कि क्वालिटी में मिली कमियों को कैसे दूर किया जाएगा और आगे से तय मानकों के अनुसार कंपाउंडेड हींग का उत्पादन कैसे सुनिश्चित किया जाएगा. इसके अलावा, निर्माताओं को बाजार में मौजूद घटिया क्वालिटी वाले उत्पादों को स्वेच्छा से वापस मंगाने यानी वॉलंटरी रिकॉल की प्रक्रिया शुरू करने की सलाह भी दी गई है.

क्या होती है कंपाउंडेड हींग?

FSSAI के नियमों के तहत कंपाउंडेड हींग एक मान्य खाद्य श्रेणी है. इसे कच्ची हींग के साथ गम अरेबिक, स्टार्च और आटा मिलाकर तैयार किया जाता है. हालांकि, इसमें कच्ची हींग और अन्य सामग्री की मात्रा को लेकर खाद्य सुरक्षा नियमों में स्पष्ट मानक तय किए गए हैं. FSSAI की इस कार्रवाई का मकसद बाजार में तय क्वालिटी की हींग की उपलब्धता सुनिश्चित करना और उपभोक्ताओं को खराब क्वालिटी वाले खाद्य उत्पादों से बचाना है. 

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