खेती को हाईटेक बनाने की तैयारी, CM फडणवीस ने एग्रीकल्चर कॉलेजों से की ये बड़ी अपील

खेती को हाईटेक बनाने की तैयारी, CM फडणवीस ने एग्रीकल्चर कॉलेजों से की ये बड़ी अपील

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने खेती को आधुनिक और मुनाफेदार बनाने के लिए AI, नई टेक्नोलॉजी और रिसर्च पर जोर दिया है. उन्होंने एग्रीकल्चर कॉलेजों से कहा कि नई तकनीकों को किसानों के खेतों तक पहुंचाने में बड़ी भूमिका निभाएं, ताकि लागत घटे और उत्पादन बढ़े.

Maharashtra Farm Loan Waiver second phase CM Devendra FadnavisMaharashtra Farm Loan Waiver second phase CM Devendra Fadnavis
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  • Noida,
  • Aug 29, 2026,
  • Updated Aug 29, 2026, 11:37 AM IST

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने एग्रीकल्चर कॉलेजों से खेती को आधुनिक और ज्यादा मुनाफे वाली बनाने में अहम भूमिका निभाने की अपील की है. उन्होंने कहा कि कृषि क्षेत्र में नई टेक्नोलॉजी, रिसर्च और इनोवेशन को बढ़ावा देना जरूरी है. इससे खेती की लागत कम करने के साथ-साथ फसलों की पैदावार भी बढ़ाई जा सकती है. मुख्यमंत्री फडणवीस ने यह बात नासिक जिले के डिंडोरी तालुका के चाचडगाव में कर्मयोगी दुलाजी सीताराम पाटिल एग्रीकल्चर कॉलेज की नई इमारत के उद्घाटन समारोह में कही.

सिर्फ कर्जमाफी से समस्या नहीं होगी हल

CM फडणवीस ने कहा कि किसानों को कर्ज के जाल से हमेशा के लिए बाहर निकालने के लिए केवल कर्जमाफी पर्याप्त नहीं है. सरकार ने ‘पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होल्कर किसान कर्ज माफी योजना’ के तहत किसानों का कर्ज माफ किया है, लेकिन अब ऐसी व्यवस्था बनाने की जरूरत है, जिससे किसान खेती से अच्छी और स्थायी आमदनी हासिल कर सकें. उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र में करीब 80 प्रतिशत कम जमीन वाले छोटे किसान हैं. उनके पास खेती में बड़े स्तर पर निवेश करने की क्षमता सीमित है. दूसरी तरफ बीज, खाद, मजदूरी, सिंचाई और दूसरी कृषि लागत लगातार बढ़ रही है. ऐसे में किसानों के लिए कम लागत में ज्यादा उत्पादन हासिल करना जरूरी हो गया है.

रिसर्च का फायदा सीधे खेतों तक पहुंचे

मुख्यमंत्री फडणवीस ने एग्रीकल्चर कॉलेजों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि कॉलेजों में होने वाली रिसर्च का फायदा केवल कैंपस तक सीमित नहीं रहना चाहिए. इसका सीधा लाभ किसानों तक पहुंचना चाहिए. एग्रीकल्चर कॉलेजों को किसानों को उनकी मिट्टी की क्वालिटी के अनुसार खाद के इस्तेमाल की जानकारी देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि अलग-अलग फसलों की पैदावार बढ़ाने के लिए एग्रीकल्चर कॉलेजों को नए मॉडल तैयार करने चाहिए. इन मॉडलों को खेतों में लागू करके देखा जाए और सफल तकनीकों को ज्यादा से ज्यादा किसानों तक पहुंचाया जाए.

ज्यादा खाद के इस्तेमाल से मिट्टी को नुकसान

सीएम फडणवीस ने रासायनिक उर्वरकों के ज्यादा इस्तेमाल पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि लगातार अधिक मात्रा में रासायनिक खाद के इस्तेमाल से मिट्टी की क्वालिटी और उसकी उत्पादन क्षमता प्रभावित हुई है, इसलिए सरकार ऐसी नई तकनीकों को बढ़ावा दे रही है, जिनकी मदद से कम खाद का इस्तेमाल करके भी अच्छी पैदावार हासिल की जा सके. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर किसानों को टेक्नोलॉजी का सही इस्तेमाल सिखाया जाए तो खेती को ज्यादा लाभदायक बनाया जा सकता है. उन्होंने एग्रीकल्चर कॉलेजों से किसानों तक नई तकनीक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाने को कहा.

AI से खेती में बड़ा बदलाव संभव

उन्होंने कृषि क्षेत्र में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की संभावनाओं का भी जिक्र किया. उन्होंने कहा कि AI और आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से खेती की लागत में 25 से 30 प्रतिशत तक कमी और पैदावार में 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी संभव हो सकती है. उन्होंने बताया कि महाराष्ट्र सरकार ने ‘महाविस्तार’ ऐप तैयार किया है. यह ऐप AI की मदद से किसानों को फसल की बुवाई से लेकर कटाई तक अलग-अलग चरणों में सलाह देने का काम करता है. इसमें किसानों के सवालों के जवाब अलग-अलग भाषाओं में देने की सुविधा भी है.

नासिक की खेती को बताया बड़ी ताकत

CM फडणवीस ने नासिक जिले के कृषि क्षेत्र में योगदान की भी तारीफ की. उन्होंने कहा कि नासिक देश के प्रमुख कृषि केंद्रों में शामिल है.यहां के किसान अपनी मेहनत और आधुनिक खेती के लिए जाने जाते हैं. उन्होंने बताया कि भारत के करीब 80 प्रतिशत अंगूर निर्यात में नासिक की हिस्सेदारी है. इसके अलावा नासिक का प्याज भी देशभर में अपनी पहचान रखता है. उन्होंने कहा कि अगर किसानों की उपज को प्रोसेसिंग उद्योग से जोड़ा जाए तो कृषि के साथ-साथ रोजगार और कारोबार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं. कृषि शिक्षा हासिल करने वाले युवाओं को खेती, प्रोसेसिंग और टेक्नोलॉजी से जोड़ने की जरूरत है.

जलवायु परिवर्तन भी बड़ी चुनौती

कार्यक्रम में जल संसाधन मंत्री और नासिक जिले के प्रभारी मंत्री गिरीश महाजन ने कहा कि खेती तेजी से बदल रही है और किसानों को जलवायु परिवर्तन जैसी नई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा है. ऐसे समय में एग्रीकल्चर कॉलेजों को छात्रों को आधुनिक तकनीक की जानकारी देनी चाहिए. उन्होंने कहा कि कृषि शिक्षा संस्थानों को ऐसे वैज्ञानिक और तकनीकी विशेषज्ञ तैयार करने चाहिए, जो खेती की समस्याओं का समाधान खोजने के साथ-साथ कृषि और इससे जुड़े क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर भी पैदा कर सकें. (PTI)

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