लड़ाई का असर: पंजाब के फरीदकोट में तेल के लिए अफरा-तफरी, किसानों ने शुरू किया डीजल स्टॉक करना

लड़ाई का असर: पंजाब के फरीदकोट में तेल के लिए अफरा-तफरी, किसानों ने शुरू किया डीजल स्टॉक करना

ईरान और इजराइल के बीच चल रहे तनाव का असर अब पंजाब के फरीदकोट में देखने को मिल रहा है, जहां लोगों में तेल को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है. किसानों ने गेहूं कटाई के सीजन से पहले ही डीजल जमा करना शुरू कर दिया है. कोटकपूरा शहर के पेट्रोल पंपों पर किसानों की भारी भीड़ जुटी हुई है, जहां वे ड्रम और कैन लेकर बड़ी मात्रा में डीजल भरवा रहे हैं.

Faridkot fuel rushFaridkot fuel rush
प्रेम पासी
  • Faridkot,
  • Mar 05, 2026,
  • Updated Mar 05, 2026, 7:35 PM IST

ईरान और इजराइल में चल रही लड़ाई के बीच पंजाब के फरीदकोट में तेल के लिए अफरा-तफरी का माहौल है. फरीदकोट में लोगों ने तेल जमा करना शुरू कर दिया है. किसानों में भी तेल के लिए मारा-मारी देखी जा रही है. जिले के कोटकपूरा शहर में पेट्रोल पंपों पर किसानों की भीड़ उमड़ रही है. शहर के कई पेट्रोल पंपों पर तेल लेने के लिए लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं. गेहूं कटाई का सीजन शुरू होने वाला है. इसके लिए डीजल की जरूरत होगी. लोगों को आशंका है कि ईरान की लड़ाई के चलते तेल के दाम बढ़ सकते हैं.

यहां के किसान ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में ड्रम और कैन लेकर पहुंच रहे हैं और बड़ी मात्रा में डीजल भरवा रहे हैं. दरअसल, गेहूं की कटाई का सीजन करीब एक महीने बाद शुरू होने वाला है. ऐसे में किसानों को डर है कि अगर अंतरराष्ट्रीय हालात खराब हो गए तो तेल की सप्लाई प्रभावित हो सकती है. इसी चिंता के कारण किसान अभी से डीजल इकट्ठा करने में जुटे हुए हैं, ताकि कटाई के समय उन्हें किसी तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े.

युद्ध से बढ़ी तेल कीमतें

वही पेट्रोल पंपों पर पहुंचे किसानों का कहना है कि युद्ध की खबरों के कारण तेल की कीमत बढ़ने और कमी होने की बातें चल रही हैं. इसी वजह से वे एहतियात के तौर पर डीजल स्टोर कर रहे हैं. किसानों ने बताया कि कटाई के दौरान ट्रैक्टर, कंबाइन और अन्य कृषि मशीनों के लिए बड़ी मात्रा में डीजल की जरूरत पड़ती है, इसलिए वे पहले से ही तैयारी कर रहे हैं.

पेट्रोल पंपों ने की अपील

पेट्रोल पंप के मालिक ने बताया कि किसानों में डर का माहौल बना हुआ है कि ईरान युद्ध की वजह से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की सप्लाई कम हो सकती है. इससे किसानों को गेहूं की कटाई प्रभावित होने की आशंका है. पंजाब के फरीदकोट जैसे जिले में गेहूं की बड़े पैमाने पर खेती होती है. अगले महीने की शुरुआत में ही गेहूं की कटाई शुरू हो जाएगी जिसके लिए डीजल की बहुत जरूरत होगी. ऐन मौके पर सप्लाई कम हो जाए या दाम बढ़ जाएं तो किसानों को भारी नुकसान होगा. इससे बचने के लिए किसानों ने अभी से तेल स्टोर करना शुरू कर दिया है.  

तेल की कमी नहीं

पेट्रोल पंप मालिक ने कहा कि अभी ऐसी कोई सूचना नहीं आई है कि तेल बंद होगा. इसलिए लोगों से अपील है कि वे अभी अफवाहों से बचें और तेल को स्टोर कर के ना रखें. अगर कोई ऐसी सूचना आती है तो सरकार खुद मीडिया के माध्यम से जानकारी देगी. केंद्र सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी है कि अंतरराष्ट्रीय हालात के बावजूद भारत में पेट्रोल और डीजल की सप्लाई पर कोई असर नहीं पड़ने दिया जाएगा. सरकार ने साफ किया है कि अभी देश में तेल की कोई कमी नहीं है, इसलिए परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है.

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