चावल पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, इस राज्य से 8 लाख टन खरीदने पर सहमति

चावल पर केंद्र सरकार का बड़ा फैसला, इस राज्य से 8 लाख टन खरीदने पर सहमति

केंद्र सरकार ने चावल को लेकर एक बड़ा फैसला लिया है. दरअसल, केंद्र सरकार इस राज्य से 8 लाख टन चावल खरीदने पर सहमत हो गई है.  इसलिए राज्य सरकार किसानों से धान इकट्ठा करने की व्यवस्था कर रही है.

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क‍िसान तक
  • Noida,
  • Jan 19, 2026,
  • Updated Jan 19, 2026, 12:22 PM IST

ओडिशा में धान खरीद में लापरवाही, बदइंतजामी को लेकर हो रहे विरोध प्रदर्शनों के बीच, मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने कहा कि उनकी सरकार किसानों से फसल खरीदने की व्यवस्था कर रही है. क्योंकि केंद्र सरकार 8 लाख टन चावल खरीदने पर सहमत हो गई है. रविवार को कालाहांडी जिला मुख्यालय भवानीपटना में एक कार्यक्रम में उन्होंने क्षेत्र के सूखा प्रभावित इलाकों में सिंचाई सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए 891 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का भी शुभारंभ किया.

CM ने 971 परियोजनाओं का किया उद्घाटन

CM माझी ने जिले में 193.36 करोड़ रुपये की 971 परियोजनाओं का उद्घाटन किया और 698.3 करोड़ रुपये की 2,641 परियोजनाओं की आधारशिला रखी. उन्होंने कालाहांडी घूमरा महोत्सव-2026 का भी उद्घाटन किया. कार्यक्रम में बोलते हुए, माझी ने कहा कि ये सभी परियोजनाएं कालाहांडी और इसके किसानों का अधिक विकास सुनिश्चित करेंगी.

8 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदेगी केंद्र

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार 3,325 करोड़ रुपये के निवेश से उतेई रावल सिंचाई परियोजना को लागू करने की योजना बना रही है, और कहा कि केंद्र सरकार की मंजूरी के बाद काम जल्द ही शुरू हो जाएगा. मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ओडिशा से 8 लाख मीट्रिक टन चावल खरीदने पर सहमत हो गई है, इसलिए राज्य सरकार किसानों से धान इकट्ठा करने की व्यवस्था कर रही है.

धान पर मिल रहा अतिरिक्त वित्तीय सहायता

उन्होंने कहा कि किसानों को अब सिंचाई परियोजनाओं, धान पर प्रति क्विंटल 800 रुपये की अतिरिक्त वित्तीय सहायता, पीएम किसान और सीएम किसान और अन्य योजनाओं के तहत प्रति वर्ष 10,000 रुपये का लाभ मिल रहा है. उन्होंने कहा कि राज्य और केंद्र सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के कारण अब एक किसान परिवार प्रति वर्ष लगभग 71,000 रुपये से अधिक कमा रहा है.

कालाहांडी और नबरंगपुर बनेगा कपास उत्पादन क्लस्टर

माझी ने कहा कि जिले में बेलगाम अंतर-नदी जलाशय परियोजना पर काम जल्द ही शुरू होगा, जबकि संदुल बैराज पर निर्माण जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा. उन्होंने यह भी घोषणा की कि कालाहांडी और नबरंगपुर के बीच के क्षेत्र को कपास उत्पादन क्लस्टर में बदला जाएगा. इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने घूमरा 2026 की विशेष स्मारिका 'कालझरन' का अनावरण किया. (PTI)

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