Cotton Price: ग्‍लोबल मार्केट का हाल देख CCI ने लिया ये फैसला, जानें कपास खरीद-बिक्री का क्‍या है हाल

Cotton Price: ग्‍लोबल मार्केट का हाल देख CCI ने लिया ये फैसला, जानें कपास खरीद-बिक्री का क्‍या है हाल

Cotton Rate: ग्लोबल ट्रेंड को देखते हुए CCI ने बड़ा कदम उठाया है. कपास की नई फसल पर दाम कम किए गए हैं, जबकि खरीद के आंकड़े तेजी दिखा रहे हैं. जानें मंडियों की आवक, आयात और अधिशेष को लेकर क्‍या अपडेट है...

CCI Drops Cotton PriceCCI Drops Cotton Price
क‍िसान तक
  • Noida,
  • Feb 11, 2026,
  • Updated Feb 11, 2026, 1:14 PM IST

कॉटन कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (CCI- Cotton Corporation of India) ने वैश्विक बाजार में कीमतों की नरमी को देखते हुए 2025-26 सीजन की कपास के दाम में 1,400 से 1,700 रुपये प्रति कैंडी (356 किलो) तक की कटौती की है. सरकारी एजेंसी ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गिरते भावों को देखते हुए यह संशोधन जरूरी था, ताकि घरेलू खरीदारों की रुचि बढ़े और स्टॉक की निकासी तेज हो सके. सिर्फ दाम घटाना ही नहीं, बल्कि खरीदारों के लिए शर्तों में भी बदलाव किया गया है.

पहले जहां कपास उठाने के लिए 60 दिन का समय मिलता था, अब इसे घटाकर 30 दिन कर दिया गया है. बिजनेसलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, एजेंसी के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक ललित कुमार गुप्ता ने कहा कि यह कदम बाजार में तेजी लाने और उद्योग की मांग के अनुरूप लचीलापन दिखाने के लिए उठाया गया है.

बिक्री सुस्त, लेकिन खरीद रिकॉर्ड स्तर पर

रिपोर्ट के मुताबिक, 19 जनवरी से नई फसल की बिक्री शुरू होने के बावजूद अब तक करीब 4 लाख गांठों की ही बिक्री हो सकी है, जिसे उद्योग की धीमी प्रतिक्रिया का संकेत माना जा रहा है.

दूसरी ओर, खरीद मोर्चे पर CCI सक्रिय है और अब तक 93 लाख गांठ 170 किलो की खरीद की जा चुकी है. महीने के अंत तक खरीद जारी रहने की संभावना है. तेलंगाना, महाराष्ट्र और गुजरात जैसे प्रमुख उत्पादक राज्यों में अभी भी समर्थन मूल्य पर खरीद चल रही है.

मंडियों में अच्छी आवक, बाजार भाव नीचे

स्थानीय बाजारों में हर 1.25 से 1.5 लाख गांठ की आवक का अनुमान है. व्यापारिक सूत्रों के अनुसार, महाराष्ट्र, गुजरात और तेलंगाना में आवक मजबूत है, जबकि कर्नाटक में धीरे-धीरे कमी आ रही है. चूंकि खुले बाजार के भाव CCI के संशोधित दाम से भी नीचे चल रहे हैं, इसलिए उद्योग फिलहाल सीधे मंडियों से खरीद को प्राथमिकता दे रहा है.

उत्पादन अनुमान बरकरार, खपत में गिरावट

कॉटन एसोस‍िएशन ऑफ इंडिया (Cotton Association of India) ने 2025-26 सीजन के लिए उत्पादन अनुमान 317 लाख गांठ 170 किलो प्रति गांठ पर बरकरार रखा है, जो पहले के संशोधित अनुमान के अनुरूप है. संगठन ने चालू सीजन में कुल खपत 305 लाख गांठ रहने का अनुमान जताया है, जो पिछले वर्ष के 314 लाख गांठ से कम है. जनवरी अंत तक खपत 104 लाख गांठ आंकी गई है.

रिकॉर्ड 50 लाख गांठ आयात के अनुमान के बीच सीजन के अंत तक 122.59 लाख गांठ का सरप्‍लस रहने का आकलन किया गया है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 56 प्रतिशत अधिक है. जनवरी अंत तक आयात 35 लाख गांठ और निर्यात 6 लाख गांठ दर्ज किया गया है. ऐसे में बढ़ते आयात और अपेक्षाकृत कमजोर मांग से घरेलू बाजार पर दबाव बना रह सकता है.

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