PM Kisan Scheme: पीएम किसान योजना पर बड़ी जानकारी, 30 लाख किसानों की अटकेगी किस्‍त! पढ़ें डिटेल

PM Kisan Scheme: पीएम किसान योजना पर बड़ी जानकारी, 30 लाख किसानों की अटकेगी किस्‍त! पढ़ें डिटेल

PM Kisan Scheme 22nd Installement: पीएम किसान योजना से जुड़ी बड़ी जानकारी सामने आई है. देशभर में 30 लाख से ज्यादा किसानों की किस्त अटक सकती है. किन राज्यों में सबसे ज्यादा मामले लंबित हैं और सरकार की इसे लेकर क्‍या तैयारी है. जानें पूरी डिटेल...

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PM Kisan Scheme: पीएम किसान योजना पर बड़ी जानकारी, 30 लाख किसानों की अटकेगी किस्‍त! पढ़ें डिटेलपीएम किसान योजना को लेकर बड़ा अपडेट

22वीं किस्‍त जारी होन से पहले प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है. देशभर में 30 लाख से ज्‍यादा किसानों की अगली किस्‍त सिर्फ इस वजह से अटक सकती है, क्योंकि उनके बैंक खाते आधार से सीड (लिंक) नहीं हैं. 6 फरवरी 2026 तक कुल 30,18,361 किसानों के बैंक खातों में आधार लिंकिंग की प्रक्रिया अटकी हुई है, जिसके चलते उन्हें प्रत्यक्ष लाभ हस्तांतरण (DBT) के जरिए राशि जारी नहीं हो पा रही है. लोकसभा में एक लिखित जवाब में केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण राज्य मंत्री रामनाथ ठाकुर ने यह जानकारी दी. 

उन्होंने बताया कि पीएम किसान योजना के तहत सभी भुगतान आधार-सीडेड बैंक खातों में ही किए जाते हैं और यह अनिवार्य शर्त है. जिन किसानों के खाते आधार से जुड़े नहीं हैं, उनके भुगतान को तकनीकी रूप से ट्रांसफर नहीं किया जा सकता है. ऐसे में जो किसान इस प्रक्रिया को पूरा नहीं करेंगे वे 22वीं किस्‍त का समय पर भुगतान हासिल नहीं कर पाएंगे.

किन राज्यों में सबसे ज्‍यादा अटके मामले?

आंकड़ों के मुताबिक, उत्तर प्रदेश इस सूची में सबसे ऊपर है, जहां 10,44,200 किसानों के बैंक खाते अभी आधार से लिंक नहीं हैं. इसके बाद गुजरात में 2,90,358 और राजस्थान में 2,13,779 किसान लंबित श्रेणी में हैं. मध्य प्रदेश में 1,87,011 और महाराष्ट्र में 1,72,349 किसानों की आधार-बैंक सीडिंग बाकी है. बिहार, कर्नाटक, पश्चिम बंगाल और तमिलनाडु जैसे बड़े कृषि राज्यों में भी हजारों किसान इस प्रक्रिया के अधूरे रहने से योजना के लाभ से वंचित हैं.

किसानों को 4.09 लाख करोड़ का भुगतान हुआ

गौरतलब है कि प्रधानमंत्री किसान सम्‍मान निध‍ि के तहत पात्र किसानों को हर साल 6,000 रुपये तीन समान किस्तों (2000 रुपये) में दिए जाते हैं. यह राशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है. सरकार अब तक 21 किस्तों के माध्यम से 4.09 लाख करोड़ रुपये से ज्‍यादा ट्रांसफर कर चुकी है. योजना का उद्देश्य खेती योग्य भूमि रखने वाले किसानों की आय में मदद करना है.

सरकार चला रही सैचुरेशन ड्राइव

मंत्री रामनाथ ठाकुर ने जवाब में कहा कि आधार-बैंक सीडिंग की प्रक्रिया को तेज करने के लिए राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों, सामान्य सेवा केंद्र CSC और इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक IPPB के साथ मिलकर नियमित संतृप्ति अभियान (Saturation Drives) चलाए जा रहे हैं.

किसानों को एसएमएस के जरिए भी सूचित किया जा रहा है, ताकि वे जल्द से जल्द अपने बैंक खातों को आधार से लिंक करा सकें. बयान के मुताबिक, जैसे ही किसान आधार-सीडिंग की अनिवार्य शर्त पूरी करते हैं, उनका बकाया भुगतान उनके आधार से जुड़े बैंक खाते में भेज दिया जाता है. 

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