40 साल बाद भादर डैम की मरम्मत शुरू, नए गेट लगने से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

40 साल बाद भादर डैम की मरम्मत शुरू, नए गेट लगने से किसानों को मिलेगा बड़ा फायदा

गुजरात के महीसागर जिले में 40 साल पुराने भादर डैम के गेट बदले जा रहे हैं. 3.5 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे इस नवीनीकरण से सिंचाई क्षमता और सुरक्षा बढ़ेगी, जिससे हजारों किसानों को लाभ मिलेगा.

Bhadar dam GujaratBhadar dam Gujarat
क‍िसान तक
  • Mahisagar,
  • Apr 07, 2026,
  • Updated Apr 07, 2026, 2:30 PM IST

गुजरात के महीसागर जिले में खानपुर, लुणावाड़ा और वीरपुर तालुका की लाइफ लाइन माने जाने वाले भादर डैम में 40 वर्षों के बाद पहली बार बड़े स्तर पर मरम्मत का काम शुरू किया गया है. साल 1985 में बने इस बांध के जर्जर हो चुके दरवाजों को बदलने के लिए प्रशासन युद्ध स्तर पर काम कर रहा है. करीब 3.5 करोड़ रुपये की लागत से डैम के सभी 6 नए गेट लगाए जाएंगे. इस काम के लिए डैम का जलस्तर कम किया जा रहा है, जिसके चलते निचले इलाकों के गांवों को अलर्ट कर दिया गया है.

महीसागर के खानपुर तालुका में स्थित भादर डैम, जो जिले की तीन तहसील के क्षेत्र की 8 हजार हेक्टेयर जमीन को सिंचाई की सुविधा मुहैया करता है, अब नए स्वरूप में नजर आएगा. पिछले 40 साल से कार्यरत इस बांध के गेट जर्जर हो जाने के कारण सरकार ने 3.5 करोड़ रुपये की लागत से सभी 6 गेट बदलने की मंजूरी दी है. प्रशासन का लक्ष्य है कि मॉनसून से पहले यह काम पूरा कर लिया जाए. वर्तमान में डैम का जलस्तर 116.70 मीटर है, लेकिन तकनीकी कारणों से गेट बदलने के लिए इसे 115 मीटर तक लाना अनिवार्य है. 

8 निचले गांवों में अलर्ट

इसी वजह से डैम के 3 गेटों को 0.35 सेमी खोलकर 1200 क्यूसेक पानी भादर नदी में छोड़ा जा रहा है, जिससे नदी दोनों किनारों पर बहती दिख रही है. सुरक्षा के मद्देनजर, खानपुर तालुका के 7 और कडाणा तालुका के 1 गांव सहित कुल 8 निचले गांवों को सतर्क रहने और नदी के किनारे न जाने की सख्त हिदायत दी गई है.

भादर डैम की क्षमता की बात करें तो इसका ग्रॉस स्टोरेज 30.95 MCM है, जबकि लाइव स्टोरेज 29.234 MCM और डेड स्टोरेज 1.716 MCM है. मॉनसून से पहले नए गेट लग जाने से बांध की जल संग्रहण क्षमता और सुरक्षा दोनों बढ़ जाएगी, जिसका सीधा लाभ स्थानीय किसानों को सिंचाई के रूप में मिलेगा.

डैम से किसानों को फायदा

​डैम पर चल रहे काम का निरीक्षण इरिगेशन मैकेनिकल विभाग के डिप्टी एग्जीक्यूटिव इंजीनियर ए.एच. झुझारा ने किया. उन्होंने साइट पर पहुंचकर सामग्री और वर्तमान स्थिति की समीक्षा की और ठेकेदारों, स्थानीय अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए. 'आजतक' से बात करके उन्होंने बताया कि 40 साल बाद ये गेट बदले जा रहे हैं, जिससे बांध की मजबूती अगले 30 सालों के लिए बढ़ जाएगी.

भादर डैम का यह नवीनीकरण किसानों के लिए आशा की एक नई किरण लेकर आया है. प्रशासन ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं और आगामी सीजन से पहले काम पूरा करने के लिए अपनी पूरी ताकत झोंक दी है.(वीरेन जोशी का इनपुट)

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